दिल्‍ली में कोरोना ने फिर बढ़ाई टेंशन, एक दिन में रिकॉर्ड 7745 नए केस और 77 मरीजों की मौत

दिल्‍ली में कोरोना की वजह से अब तक  6989 लोगों की मौत. (सांकेतिक फोटो)
दिल्‍ली में कोरोना की वजह से अब तक 6989 लोगों की मौत. (सांकेतिक फोटो)

दिल्‍ली (Delhi) में कोरोना वायरस (Coronavirus) लगातार पैर पसार रहा है. जबकि रविवार को 7745 नए मामले सामने आने से हड़कंप मच गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 9, 2020, 1:42 PM IST
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नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्‍ली (Delhi) में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus Infection) के 7745 नए मामले सामने आने से हड़कंप मच गया है. यह एक दिन में दिल्‍ली में आने वाले सर्वाधिक मामले हैं. इसके साथ दिल्‍ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या 4.38 लाख से अधिक हो गई है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में शनिवार को कोरोना के 6953 नए पॉजिटिव केस सामने आए थे, तो वहीं 79 लोगों की मौत इस संक्रमण की वजह से हुई थी.

दिल्ली में कोरोना संक्रमण से अब तक 6989 की मौत
पिछले 24 घंटे में दिल्‍ली में कोविड-19 संक्रमण के 7745 नए मामले सामने आए हैं तो इस दौरान 77 और मरीजों ने दम तोड़ा है. इसके साथ दिल्‍ली में कोरोना वायरस महामारी की वजह से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 6989 हो गया है. दिल्‍ली सरकार के बुलेटिन के मुताबिक, अब तक 3,89,683 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं. वहीं, इस समय 41857 एक्टिव केस हैं. इसके अलावा दिल्‍ली में कोरोना संक्रमितों की संख्‍या 4,38,529 पहुंच गई है.





दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कही ये बात
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन (Satyendra Jain) ने रविवार को कहा कि राजधानी में कोविड-19 का तीसरे दौर चरम पर है और मामलों की संख्या देखकर लगता है कि यह अब तक का सबसे बुरा चरण है. मंत्री ने कहा कि सरकार ने दिल्ली के अस्पतालों में कोविड-19 रोगियों के लिये बिस्तरों की संख्या बढ़ा दी है, लेकिन होटलों और बारातघरों की सेवाएं लेने की अभी कोई योजना नहीं है.



जैन ने कहा, 'दिल्ली में कोविड-19 का तीसरा दौर चरम पर है. मामलों की संख्या से प्रतीत होता है कि यह अब तक का सबसे बुरा दौर है. लेकिन जल्द ही मामलों में कमी आनी शुरू हो जाएगी.' मंत्री ने कहा कि मामलों में वृद्धि की वजह तेजी से जांच किया जाना और संक्रमितों का पता लगाना है. उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही मामलों में तेज वृद्धि का एक प्रमुख कारण है. जैन ने कहा, 'कुछ लोगों को लगता है कि अगर वे मास्क नहीं पहनेंगे तो भी उन्हें कुछ नहीं होगा. वे गलत सोच रहे हैं. जब तक कोविड-19 रोधी टीका तैयार नहीं हो जाता, तब तक मास्क ही एकमात्र दवा है.
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