दिल्ली हिंसा: उमर खालिद के सामने होगा सवालों का अंबार, पुलिस के पास 11 लाख पेज का डाटा
Delhi-Ncr News in Hindi

दिल्ली हिंसा: उमर खालिद के सामने होगा सवालों का अंबार, पुलिस के पास 11 लाख पेज का डाटा
दिल्ली हिंसा मामले में आरोपी है उमर खालिद.

Delhi Violence: दिल्ली के उत्तर पूर्वी जिले में 23 से 26 फरवरी के बीच हिंसा हुई थी. इसी मामले में पुलिस ने जो पूरक आरोप-पत्र दायर किया है. आरोप-पत्र में दावा किया गया है कि दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 16, 2020, 9:28 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र उमर खालिद (Umar Khalid) को फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े एक मामले में सोमवार को 10 दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया था. दिल्‍ली पुलिस ने दिल्‍ली हिंसा से जुड़े मामलों में 11 लाख पेज का डाटा तैयार किया है. ऐसे में उमर खालिद को पुलिस के अनेकों सवालों का जवाब देना पड़ सकता है.

बता दें कि जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान सीएए/एनपीआर/एनआरसी विरोधी प्रदर्शन में उमर खालिद की सक्रिय संलिप्तता की फिर से पुष्टि कर ली गयी है. उसमें कई अन्य कट्टरंपथी समूह/संगठन भी शामिल थे और इस प्रदर्शन के फलस्वरूप हिंसा हुई. प्राथमिकी में पुलिस ने दावा किया है कि हिंसा ‘सुनियोजित साजिश’ थी, जिसमें कथित रूप से खालिद और दो अन्य संलिप्‍त थे.

खालिद पर राजद्रोह, हत्या, हत्या के प्रयास, धर्म के आधार पर विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य और हिंसा फैलाने जैसे गंभीर मामलों में केस दर्ज किया गया है. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि खालिद ने दो स्थानों पर कथित भड़काऊ भाषण दिया और नागरिकों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के दौरान सड़क जाम करने की अपील की थी. साथ ही भारत में अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार की बात भी फैलाई थी.



सुरक्षा को लेकर आशंका
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अपने आदेश में अदालत ने कहा कि खालिद को कार्यालय के बाहर ले जाया जाता है तो उनकी सुरक्षा को लेकर आशंका है. इसलिए पुलिस उपायुक्त पूरी पुलिस हिरासत अवधि के दौरान उमर खालिद की सुरक्षा के लिए उपयुक्त इंतजाम करेंगे और हर 24 घंटे पर उनकी मेडकिल जांच करायी जाएगी.

पुलिस ने कहा कि गहरी साजिश् का पता लगाने और अन्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी के वास्ते अकाट्य सबूत जुटाने के लिए और पूछताछ की जरूरत है. खालिद के वकील ने यह कहते हुए पुलिस हिरासत का विरोध किया कि वह 23-26 फरवरी के दौरान दिल्ली में नहीं था, जब दंगा हुआ था।
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading