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Delhi Schools Reopening Rules: हर स्‍कूल में होगा क्‍वारंटाइन सेंटर, बच्‍चों को स्‍कूल भेजने से पहले जान लें ये 14 निर्देश


दिल्ली में 1 सितंबर यानी कल से 9वीं से 12वीं क्लास के लिए स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और कोचिंग इंस्टिट्यूट  खुलेंगे.

दिल्ली में 1 सितंबर यानी कल से 9वीं से 12वीं क्लास के लिए स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और कोचिंग इंस्टिट्यूट खुलेंगे.

Delhi School Reopen Guidelines News: बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए माता-पिता की मंजूरी ज़रूरी है. कोई अभिभावक यदि अपने बच्चे को स्कूल भेजना नहीं चाहता है तो इसके लिए उसे बाध्य नहीं किया जाएगा.

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दिल्ली में 1 सितंबर यानी 1 स‍ितंबर से 9वीं से 12वीं क्लास के लिए स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और कोचिंग इंस्टिट्यूट खुलेंगे. डीडीएमए ने स्कूल और कॉलेज खोलने के लिए जारी किये निर्देश. आपको बता दें क‍ि इससे पहले डीडीएमए के फैसले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था क‍ि कोरोना के कम होते मामलों के बीच पूरे एहतियात के साथ दिल्ली में अब धीरे-धीरे स्कूलों को खोला जा रहा है ताकि बच्चों की पढ़ाई के नुकसान को कम किया जा सके. हमें ज़िन्दगी को वापस पटरी पर भी लाना है और बच्चों की सेहत और पढ़ाई, दोनों का ध्यान भी रखना है.

स्कूल प्रमुखों को ये भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि स्कूल में आने वाले सभी टीचर और स्टॉफ वैक्सीनेटेड हों, अगर नहीं हैं तो इसे प्रमुखता देनी होगी.
क्लास रूम की सि‍टिंग क्षमता के अधिकतम 50 फीसदी तक बच्चे एक बार मे क्लास कर सकेंगे
हर क्लास में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए अलग-अलग समय का फॉर्मूला होगा
मॉर्निंग और ईवनिंग शिफ्ट के स्कूलों में दोनों शिफ्टों के बीच कम से कम एक घंटे का गैप जरूरी होगा
बच्चों को अपना खाना, किताबें और अन्य स्टेशनरी का सामान एक-दूसरे से साझा नहीं करने की सलाह देने को कहा गया है
लंच ब्रेक को किसी ओपन एरिया में इस अलग-अलग समय पर रखने की सलाह दी गई है ताकि एक समय मे ज़्यादा भीड़ एकत्र न हो
सि‍टिंग अरेंजमेंट इस तरह से किया जाए कि एक सीट छोड़कर बैठने की व्यवस्था हो
बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए माता-पिता की मंजूरी ज़रूरी है. कोई अभिभावक यदि अपने बच्चे को स्कूल भेजना नहीं चाहता है तो इसके लिए उसे बाध्य नहीं किया जाएगा.
कंटेन्मेंट ज़ोन में रहने वाले टीचर स्‍टॉफ या छात्र को स्कूल आने की इजाज़त नहीं होगी
स्कूल परिसर में एक क्वारंटीन रूम बनाना अनिवार्य है, जहां जरूरत पड़ने पर किसी भी बच्चे या स्टॉफ को रखा जा सकता है
यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूल के कॉमन एरिया की साफ-सफाई नियमित तौर पर हो रही है. शौचालयों में साबुन और पानी का इंतजाम है. साथ ही स्कूल परिसर में थर्मल स्कैनर, सैनिटाइजर और मास्क आदि की उपलब्धता है.
एंट्री गेट पर थर्मल स्कैनर अनिवार्य होगी. बच्चों के साथ-साथ स्टॉफ के लिए भी मास्क जरूरी होगा. इससे अलग एंट्री गेट पर ही बच्चों के हाथ सैनिटाइज कराए जाएंगे.
हेड ऑफ स्कूल को एसएमसी मेंबर्स के साथ मीटिंग, कोविड प्रोटोकॉल प्लान और थर्मल स्कैनर, साबुन और सैनिटाइजर आदि का इंतजाम कर लेने के लिए कहा गया है.
जिन स्कूलों में वैक्सीनेशन और राशन बांटने का काम चल रहा है वहां उस हिस्से को स्कूल में एकेडमिक एक्टिविटी वाली जगह से अलग रखा जाएगा. इसके लिए अलग एंट्री-एग्जिट पाइंट बनाये जाएंगे और सिविल डिफेंस स्टाफ को तैनात किया जाएगा.

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