दिल्ली: झुग्गियों में रहने वाले लोगों का छलका दर्द, बोले- कोई तो बताए अब हम कहां जाएं?
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दिल्ली: झुग्गियों में रहने वाले लोगों का छलका दर्द, बोले- कोई तो बताए अब हम कहां जाएं?
अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते झुग्गी में रहने वाले लोग.

झुग्गी-बस्तियों (Slums) में रहने वाले लोगों ने अधिकारियों (Officers) और नेताओं से पूछा है कि हमारी झुग्गियां गिराई जा रहा हैं ऐसे में हम रहने के लिए अब कहां जाएं.

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  • Last Updated: September 13, 2020, 7:49 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के आदेश के बाद इंडियन रेलवे (Indian Railway) ने रेल ट्रैक के पास बनी झुग्गियों (Slums) पर उन्हें हटाकर जमीन खाली करने का नोटिस भेजा है. आदेश में 14 सितंबर तक झुग्गियों को खाली करने का आदेश दिया गया था. रेलवे की जमीन पर बनी 48 हजार झुग्गियों को हटाने का नोटिस जारी करने के बाद मामले में राजनीति शुरू हो गई है. अब झुग्गीवासियों ने नेताओं से पूछा है कि हम कहां जाएंगे. हमारे रहने के लिए कोई सरकार क्यों व्यवस्था नहीं करती है.

वोट बैंक के लिए किया जाता है हमारा इस्तेमाल
अन्ना नगर में रेलवे ट्रैक के किनारे बनी झुग्गियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि जब वोट मांगने का समय होता है तो नेता बड़े- बड़े वादे करने के लिए यहां आते हैं, लेकिन जब काम निकल जाता है तो कोई पूछने भी नहीं आता कि हम किस तरीके से रह रहे हैं. नेता सिर्फ अपने वोट बैंक के लिए ही हमारा इस्तेमाल करते हैं. झुग्गी में रहने वाली रुकमणी देवी ने बताया कि लंबे अरसे से हम यहां पर रह रहे हैं. नोटिस तो भेज दिया गया, लेकिन किसी ने हमें यह नहीं बताया गया कि हमारा घर तोड़ने के बाद हम लोग जाएंगे कहां. वहीं सरिता का कहना है कि हमारे छोटे-छोटे बच्चे हैं कोर्ट ने तो आदेश दे दिया, लेकिन सरकार ने हमारे रहने की कोई व्यवस्था नहीं की. जब वोट मांगना होता है तो सब बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन उसके बाद सब भूल जाते हैं.

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मामले में जमकर हो रही राजनीति


रेलवे ट्रैक पर बनी झुग्गियों को हटाने के मसले पर राजनीति भी जमकर हो रही है. दिल्ली सरकार और बीजेपी आमने-सामने हैं. दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. वहीं कांग्रेस भी इस मसले में कहीं पीछे नहीं है. कांग्रेस का कहना है कि अगर इन लोगों के पुनर्वास के लिए दूसरी जगह पर व्यवस्था नहीं की जाएगी तो सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे, लेकिन किसी भी पार्टी ने अब तक इन लोगों को यह आश्वासन नहीं दिया है कि इनके घर टूटने के बाद इनके रहने की व्यवस्था कहां की जाएगी.

14 सितंबर तक जगह को खाली करने का आदेश
रेल पटरियों के किनारे रेलवे की जमीन पर 60 जगहों पर 48000 अवैध झुग्गियां बनी हैं, जहां सालों से लोग रह रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे ट्रैक की सुरक्षा की दृष्टि से इस जमीन को 14 सितंबर तक खाली कराने का आदेश दिया था.
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