दिल्‍ली में कर्फ्यू को नाकाफी बताने वाले व्‍यापारी अब पूरा अनलॉक न होने से खफा

व्‍यापारियों ने उप-राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री से अपील की है कि अब व्यापार को और रोकना उचित नहीं. (File Photo)

व्‍यापारियों ने उप-राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री से अपील की है कि अब व्यापार को और रोकना उचित नहीं. (File Photo)

दिल्‍ली सरकार के पूरा अनलॉक न करने को लेकर व्‍यापारी एक बार फिर खफा हो गए हैं. इनका कहना है कि दिल्‍ली सरकार ने अनलॉक तो किया है लेकिन बाजारों को खोलने की अनुमति नहीं दी है. अप्रैल में व्‍यापारियों ने ही सरकार से लॉकडाउन लगाने की मांग की थी और बाजारों में स्‍वैच्छिक बंदी की थी.

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नई दिल्‍ली. राजधानी में पिछले महीने से चले आ रहे लॉकडाउन (Lockdown) को अब खोलने का फैसला किया गया है. सोमवार से दिल्‍ली में सीमित अनलॉक (Unlock) किया जा रहा है. जिसमें बाजारों को खोलने की छूट नहीं दी गई है. हालांकि दिल्‍ली सरकार के इस फैसले से अब व्‍यापारी फिर नाराज हो गए हैं.

अप्रैल के महीने में राजधानी में आए कोरोना के मामलों के बाद व्‍यापारी संगठनों ने दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) और उपराज्‍यपाल अनिल बैजल (Anil Baijal) को पत्र लिखकर लगाए गए वीकेंड कर्फ्यू (Weekend Curfew) को नाकाफी बताया था और सरकार से दिल्‍ली में पूरा लॉकडाउन लगाने की मांग की थी. साथ ही राज्‍य सरकार के कोई फैसला न लेने पर स्‍वैच्छिक रूप से बाजारों को बंद करने की घोषणा कर दी थी. हालांकि कुछ दिन के भीतर की दिल्‍ली सरकार ने लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी थी.

अब दिल्‍ली सरकार के पूरा अनलॉक न करने को लेकर व्‍यापारी एक बार फिर खफा हो गए हैं. इनका कहना है कि दिल्‍ली सरकार ने अनलॉक तो किया है लेकिन बाजारों को खोलने की अनुमति नहीं दी है. कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडस ने शनिवार को की बैठक में सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई है साथ ही यह भी कहा है कि व्‍यापारियों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है.

हालांकि इस दिल्‍ली में अनलॉक और व्‍यापारियों के मसले पर एम्‍स के पूर्व निदेशक एमसी मिश्र कहते हैं कि अगर अभी बाजारों को न खोलने का फैसला किया गया है तो यह ठीक ही है. अगर प्रीमैच्‍योर स्‍टेज में लॉकडाउन को खोल दिया गया तो दिल्‍ली वापस उसी हालात में पहुंच जाएगी. वे कहते हैं कि व्‍यापारी पिछले महीने लॉकडाउन की मांग कर रहे थे, ऐसे में अभी भी समझना होगा कि जो कि कोरोना की जो स्थिति अब दिखाई दी है, लापरवाही की तो हालात खराब हो जाएंगे.
अप्रैल में व्‍यापारियों ने सरकार को लॉकडाउन लगाने के लिए भेजी थीं चिठ्ठियां

बता दें कि मध्‍य अप्रैल में दिल्‍ली सरकार की ओर से वीकेंड कर्फ्यू लगाने के बाद व्‍यापारियों ने पत्र भेज-भेजकर सप्‍ताह के सातों दिन लॉकडाउन लगाने की मांग की थी. 14 अप्रैल को कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्‍यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखकर कर्फ्यू को नाकाफी बताया था और पूर्ण लॉकडाउन की मांग की थी साथ ही कहा था कि सरकार अगर ऐसा नहीं करती तो लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खतरा पैदा हो जाएगा.

इसके बाद 18 अप्रैल को कैट सहित तमाम व्‍यापारिक संगठनों ने 19 अप्रैल से दिल्‍ली के लगभग सभी बाजारों को बंद करने की घोषणा की. कैट की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि व्‍यापारियों ने चांदनी चौक सहित पेपर, इलेक्ट्रिक, ड्रग, इलेक्ट्रिोनिक्‍स,रेडियो, केमिकल, किराना, फुटवियर, साइकिल मार्केट आदि को खुद ही बंद करने का फैसला किया.



20 अप्रैल को दिल्‍ली के बड़े बाजारों जैसे चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, भागीरथ पैलेस, सदर, चावड़ी बाजार, लाजपत नगर, नई सड़क, खारी बावली, किनारी बाजार, कैमिकल मार्केट, ईस्‍ट दिल्‍ली, गांधी नगर, रबर, प्‍लास्टिक और कंप्‍यूटर मार्केट को बंद कर दिया गया. इस दौरान दिल्‍ली के प्रमुख बाजारों की एसोसिएशनों ने भी साथ दिया था. वहीं इसके बाद दिल्‍ली सरकार की ओर से साप्‍ताहिक लॉकडाउन लगाने और फिर उसे बढ़ाते रहने के दौरान व्‍यापारियों ने पुरजोर समर्थन किया और खुशी जाहिर की.

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