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दिल्ली परिवहन विभाग ने शुरू की बसों और ट्रकों के लिए स्वचालित फिटनेस जांच, जानें इसके मायने

अधिकारी ने बताया कि विभाग ऑटोरिक्शा और अन्य छोटे वाहनों के लिए स्वचालित फिटनेस जांच के वास्ते भी निविदा निकालने की प्रक्रिया में है. (सांकेतिक फोटो)

अधिकारी ने बताया कि विभाग ऑटोरिक्शा और अन्य छोटे वाहनों के लिए स्वचालित फिटनेस जांच के वास्ते भी निविदा निकालने की प्रक्रिया में है. (सांकेतिक फोटो)

Noida News: प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कुन्द्रा ने कहा कि वाहन जब फिटनेस जांच के लिए आते हैं तो एक उपकरण उनके ध्वनि स्तर (शोर) की जांच करता है और उसके बाद उससे निकलने वाले धुएं की जांच की जाती है. उन्होंने बताया, ‘‘शोर ज्यादा होने का मतलब है कि वाहन में कोई खराबी है.

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नई दिल्ली. दिल्ली परिवहन विभाग ने बसों और ट्रकों के लिए स्वचालित फिटनेस जांच शुरू की है, जिससे अब प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप की जरुरत बहुत हद तक कम हो जाएगी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को उक्त जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि विभाग ऑटोरिक्शा और अन्य छोटे वाहनों के लिए स्वचालित फिटनेस जांच के वास्ते भी निविदा निकालने की प्रक्रिया में है. दिल्ली के परिवहन आयुक्त आशीष कुन्द्रा ने ट्वीट किया, ‘‘बसों और ट्रकों के लिए स्वचालित फिटनेस जांच… प्रदूषण, इंजन की सेहत और अन्य मानदंड.’’

प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कुन्द्रा ने कहा कि वाहन जब फिटनेस जांच के लिए आते हैं तो एक उपकरण उनके ध्वनि स्तर (शोर) की जांच करता है और उसके बाद उससे निकलने वाले धुएं की जांच की जाती है. उन्होंने बताया, ‘‘शोर ज्यादा होने का मतलब है कि वाहन में कोई खराबी है. वाहनों की सेंटरिंग जांचने का भी उपाय है. उसके स्पीड गवर्नर और हेडलाइट की भी जांच की जाती है.’’ बाद में एक ई-फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है जो एक साल के लिए होता है.

लो फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों को भी जोड़ा जा रहा है
वहीं, कल खबर सामने आई थी कि दिल्ली में अब डीटीसी के टॉप अधिकारी सप्ताह में कम से कम एक बार आम लोगों के साथ बस में सफर करेंगे. दिल्ली सरकार ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और परिवहन विभाग के ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ के सभी अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से बस में यात्रा करने और उनकी स्थिति और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर प्रतिक्रिया देने का निर्देश दिया है. दिल्ली के परिवहन विभाग ने बुधवार को एक सर्कुलर जारी करके यह आदेश दिए. परिवहन विभाग ने कहा कि विभाग 7,000 से अधिक बसों के बेड़े का संचालन करता है और अब दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और क्लस्टर बसों के बेड़े में लो फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों को भी जोड़ा जा रहा है.

उनका फीडबैक देने के लिए कहा गया है
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस पहल के माध्यम से, दिल्ली सरकार का उद्देश्य यह संदेश फैलाना है कि स्थायी सार्वजनिक परिवहन सेवा का इस्तेमाल नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की बेहतरी के लिए है. इसमें कहा गया है कि सभी अधिकारियों से बसों और सार्वजनिक परिवहन के बारे में उनका फीडबैक देने के लिए कहा गया है.

Tags: Delhi news, Delhi news updates, Delhi police

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