दिल्ली विश्वविद्यालय के ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम के विरोध में उतरे छात्र, प्रोफेसर भी इसके खिलाफ
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दिल्ली विश्वविद्यालय के ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम के विरोध में उतरे छात्र, प्रोफेसर भी इसके खिलाफ
ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम से नाराज छात्रों ने विरोध के रूप में दिल्ली यूनिवर्सिटी में जगह-जगह NO OBE लिख दिया है

डीयू के छात्र जब ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम (Online Open Book Exam) के लिए बैठे तो उन्हें कई बार पोर्टल क्रैश की समस्या का सामना करना पड़ा. कई छात्रों का पेपर पूरा हो गया, लेकिन उसे अपलोड करने में उन्हें परेशानी हुई. दिनभर छात्र-छात्राएं शिकायतों को लेकर शिक्षकों को मेल करते रहे

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नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) में ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम (OBE) के विरोध में छात्र उतर आए हैं. 10 जुलाई से डीयू में ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा (Online Open Book Exam) होनी है. इसको लेकर शनिवार से मॉक टेस्ट (Mock Test) शुरू किया गया, जिसमें छात्रों को काफी तकनीकी दिक्कतें आईं. छात्र जब टेस्ट के लिए बैठे तो कई बार पोर्टल क्रैश की समस्या का सामना करना पड़ा. कई छात्रों का पेपर पूरा हो गया, लेकिन उसे अपलोड करने में परेशानी हुई. यही कारण था कि दिनभर छात्र-छात्राएं शिकायतों को लेकर शिक्षकों को मेल करते रहे. डीयू के कॉलेजों की दीवारों पर भी 'NO OBE' के स्लोगन लिखे गए हैं.

OBE का विरोध करने के लिए कुछ छात्र सोमवार को दिल्ली आर्ट फेकल्टी पर प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ सचिव आशीष लांबा ने कहा कि सभी छात्र और प्रोफेसर OBE का विरोध कर रहे हैं. लॉकडाउन की वजह से जो छात्र अपने घर पर हैं उन्हें बहुत दिक्कत आ रही है. संसाधन ना होने की वजह से छात्र परेशान हो रहे हैं. छात्र संगठन की मांग है पिछली परीक्षा में मिले अंकों में 10 फीसदी मार्क्स जोड़कर उन्हें पास किया जाए.

प्रोफेसर भी कर रहे ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम का विरोध



छात्रों के साथ इस ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम का विरोध यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर भी कर रहे हैं. श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के प्रोफेसर संजय बहीदार ने कहा कि यह ऑनलाइन एग्जाम छात्रों से भेदभाव करने वाला है. UGC को इसमें संशोधन करना चाहिए और छात्रों को राहत देना चाहिए. अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट के अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम देना है. प्रोफेसर मांग कर रहे हैं कि छात्रों को पिछले सेमेस्टर में मिले अंकों का 50 फीसदी वेटेज और मौजूदा सेमेस्टर का असेसमेंट कर के 50 फीसदी वेटेज जोड़कर प्रोमोट किया जाए.
जानकारी के मुताबिक रेगुलर और ओपन लर्निंग को मिलाकर करीब चार लाख छात्र इस ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम से प्रभावित होंगे. इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष नहीं मिल पाया है. रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को चिट्ठी लिखकर ऑनलाइन परीक्षा रद्द करने की मांग की थी.
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