Delhi Violence: जामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा की जमानत अर्जी पर HC ने सुरक्षित रखा फैसला

आसिफ इकबाल की जमानत आर्जी पर फैसला कोर्ट ने सुरक्षित रखा है. (फाइल फोटो)

आसिफ इकबाल की जमानत आर्जी पर फैसला कोर्ट ने सुरक्षित रखा है. (फाइल फोटो)

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की तरफ से पक्ष रखते हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने तन्हा को जमानत देने की दलील का विरोध किया. उन्होंने कहा कि साजिश में तन्हा भी शामिल था. लिहाजा आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 18, 2021, 9:47 PM IST
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दिल्ली. दिल्ली दंगे (Delhi Violence) मामले में आरोपी जामिया मिल्लिया इस्लामिया (jamia millia islamia) विश्वविद्यालय के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा की जमानत याचिका खारिज करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस अनुप जयराम भंभानी की बेंच ने मामले पर सुनवाई के बाद याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है. दरअसल, दिल्ली दंगों की साजिश में शामिल होने और दंगा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार आसिफ इकबाल तन्हा ने 26 अक्टूबर 2020 को निचली कोर्ट की तरफ से जमानत याचिका खारिज करने के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है.

आसिफ इकबाल तन्हा की तरफ से पेश वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने कोर्ट से कहा कि तन्हा 2020 से ही हिरासत में है और मामले में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है  ऐसे में तन्हा को जमानत दी जानी चाहिए. वहीं मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की तरफ से पक्ष रखते हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने तन्हा को जमानत देने की दलील का विरोध किया और जोर देते हुए कहा कि दंगों को पूर्व निर्धारित साजिश के तहत अंजाम दिया, जिसमें तन्हा भी शामिल था और लिहाजा आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए.

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53 लोगों की हुई थी मौत
पिछले साल फरवरी के आखिर में दिल्ली के नॉर्थ ईस्ट इलाके में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी. दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई थी और तकरीबन 200 लोग घायल हो गए थे. इस दौरान क‌ई पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें आईं थीं. दंगों के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे. आसिफ इकबाल तन्हा को पुलिस ने साजिश में शामिल होने और दंगों में सक्रिय भूमिका होने के आरोप में गिरफ्तार किया था. कड़कड़डूमा कोर्ट ने 26 अक्टूबर 2020 को आरोपों को संगीन मानते हुए तन्हा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी.
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