दिल्ली हिंसा: दिल्ली विधानसभा समिति ने मांगी जेब में देशी कट्टा लेकर घूमने वालों पर FIR की कॉपी
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दिल्ली हिंसा: दिल्ली विधानसभा समिति ने मांगी जेब में देशी कट्टा लेकर घूमने वालों पर FIR की कॉपी
दिल्ली हिंसा मामले में जांच जारी है. (PTI)

देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में सीएए और एनआरसी (CAA-NRC) के विरोध में हुई हिंसा के मामले में 5 युवकों के खिलाफ अलग अलग मुकदमा (FIR) दर्ज किया गया है.

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  • Last Updated: September 17, 2020, 7:33 AM IST
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नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में सीएए और एनआरसी (CAA-NRC) के विरोध में हुई हिंसा के मामले में 5 युवकों के खिलाफ अलग अलग मुकदमा (FIR) दर्ज किया गया है. फरवरी के अंतिम सप्ताह में इन युवकों को दिल्ली में देशी कट्टा व अन्य हथियार लेकर घूमते पकड़ा गया था. इस एफआईआर की नकल कॉपी दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) की अल्प संख्यक कल्याण समिति द्वारा मंगाई गई है. युवकों के संबंध में एफआईआर में लिखा गया है कि हिंसा के दौरान इन्हें पकड़ा गया था, क्योंकि इनकी गति​विधियां संदिग्ध लग रहीं थीं. कड़ाई से जांच में इनकी जेब से गोलियों से भरा देशी कट्टा बरामद किया गया था.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली विधानसभा की समिति ने हिंसा के मामलों में दर्ज कुछ एफआईआर में इन पांच युवकों के मामलों को चिह्नित किया है. पांचों के खिलाफ अलग अलग मामले दर्ज किए गए हैं. इनकी पहचान फैज अहमद (30), अतहर (23), सोहिब (22), शाहरुख (22) और फैजान (28) के रूप में हुई है. पूर्वोत्तर दिल्ली में हिंसा में इनकी भूमिका पर संदेह है. इन्हें देशी कट्टों के साथ पकड़ा गया था.

..तो भागने लगे
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक हिंसा के दौरान सभी पांच संदिग्ध लग रहे थे. पुलिसकर्मियों को देखकर वे दूसरी तरफ मुड़ गए और तेज भागने की कोशिश करने लगे. पुलिस ने जब उन्हें पकड़ा तो उनकी दायीं जेब से देशी कट्टा बरामद ​हुआ. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 27 फरवरी को शस्त्र अधिनियम 1959 के तहत दयालपुर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. बता दें कि 24 फरवरी को ही दोपहर 3 से साढ़े 9 बजे के बीच पूर्वोत्तर दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में हिंसा भड़क गई थी.
अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड ने लिया निर्णय


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एफआईआर की नगल मंगाने का निर्णय बीते बुधवार को दिल्ली विधानसभा की अल्पसंख्यक कल्याण की समिति द्वारा लिया गया, जो दंगों से संबंधित मामलों की सुनवाई कर रही है. इसे प्रमुख सचिव (सतर्कता) राजीव वर्मा के संज्ञान में लाया गया. समिति ने वर्मा को पुलिस आयुक्त से 24 वर्षीय फैजान की मौत की जांच की स्थिति के बारे में पूछने का निर्देश भी दिया.

आप विधायक ने दिए निर्देश
समिति के अध्यक्ष आप विधायक अमानतुल्ला खान ने सचिव राजीव वर्मा को निर्देश दिया कि वे पुलिस को अधिसूचना की जानकारी देने कहें, जिसके माध्यम से एफआईआर को संवेदनशील माना गया है. विधायक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि एफआईआर को छुपाया नहीं जा सकता है. 27 फरवरी को दयालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर 0066 में कहा गया है कि कांस्टेबल पीयूष ने एक संदिग्ध को दोपहर 3 बजे नाला रोड बृजपुरी में एक कार के पीछे छिपा देखा. पुलिस के नोटिस करने पर, संदिग्ध व्यक्ति घूम गया और जल्दी से चलना शुरू कर दिया. जांच में उसके पास से कट्टा मिला. अन्य एफआईआर में भी लगभग ऐसे ही मामले हैं.
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