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Delhi Violence: भजनपुरा में लोगों ने पूछा, कहां थी पुलिस, बुधवार की सुबह ही क्यों पहुंची?

Delhi Violence: भजनपुरा में लोगों ने पूछा, कहां थी पुलिस, बुधवार की सुबह ही क्यों पहुंची?

दिल्ली हिंसा के दौरान भजनपुरा में जला पेट्रोलपंप (सभी फोटो: Ravishankar singh)

दिल्ली हिंसा के दौरान भजनपुरा में जला पेट्रोलपंप (सभी फोटो: Ravishankar singh)

दिल्ली हिंसा: दोनों पक्षों की शिकायत है कि बार-बार कॉल करने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं आई. जिसकी वजह से हालात बेकाबू होते गए

नई दिल्ली. दंगा प्रभावित जाफराबाद, मौजपुर, करावल नगर, कर्दमपुरी, चांदबाग, बाबरपुर और मुस्ताफाबाद सारे इलाकों में दौरा करने के बाद हमारी न्यूज़18 हिंदी टीम को तकरीबन हर स्थानीय शख्स ने कहा कि पुलिस मौजूद नहीं थी और अगर थी भी तो न के बराबर मौजूद थी. इसी के चलते हालात खराब हुए. भजनपुरा के चांदबाग इलाके में कुछ महिलाएं शाहीन बाग की तर्ज पर धरने पर बैठी हुई थीं. बात कैसे बिगड़ी इसके दो वर्जन हैं. एक जो चांद बाग के लोगों की तरफ से दिया गया, एक पक्ष के मुताबिक हम पर पहले पत्थरबाजी हुई जिसके चलते विवाद बढ़ा. दूसरी ओर सड़क के ठीक सामने मौजूद लोगों का आरोप था कि पहले दूसरे पक्ष की तरफ से लाउडस्पीकर पर भड़काऊ बयानबाजी की गई और बाद में हमारी कई गाड़ियों में आग लगा दी और जमकर पत्थरबाजी की गई.

दोनों ओर से इस बात की शिकायत बार-बार की गई कि पुलिस को कई बार कॉल करने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं आई. साथ में जो पुलिस थी वो इतनी कम थी कि वो कुछ भी करने में समर्थ नहीं थी.  दंगाइयों ने पुलिस को भी निशाना बनाया जिसके चलते डीसीपी अमित शर्मा को काफी गंभीर चोटें आई हैं. हंगामे के बाद घबराई पुलिस ने घर में छुपकर अपनी जान बचाई.

भजनपुरा पेट्रोल पंप के बगल में यमुना विहार इलाके के उस घर में न्यूज 18 हिंदी की टीम पहुंची, जिस घर में दिल्ली पुलिस के डीसीपी अमित शर्मा और उनके पीए शशिकांत आकर शरण लिए हुए थे. इस घर को दंगाइयों ने काफी नुकसान पहुंचाया. घर के मालिक मोहन अग्रवाल और बृजमोहन अग्रवाल कहते हैं, 'बीते रविवार से यहां पर उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे. सोमवार दोपहर बाद तो स्थिति काफी खराब हो गई. दंगाइयों ने सामने शराब की दुकानें लूट लीं. पत्थर और बोतलों हमारे घरों में हमला करना शुरू कर दिया. गाड़ियों में आग लगानी शुरू कर दी. हम दोनों भाइयों ने पुलिस को 12-15 कॉल किए. मेरे भाई ने 12-15 कॉल किए, लेकिन पुलिस नहीं आई.'

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इसी घर में शरण लिए हुए थे डीसीपी और उनके पीए


वो कहते हैं 'सोमवार 2 बजकर 5 मिनट से हमने कॉल करना शुरू किया था. हर बार पुलिस कहती कि पहुंच रहे हैं लेकिन नहीं पहुंची. भाई साहब स्थानीय पुलिस तो छोड़ दीजिए, डीसीपी और उनका पीए शशिकांत हमारे घर में छुप गए. पुलिस कह रही थी कि मेरे पास 12 पीस आंसू गैस थीं, वह हमने छोड़ दी है, अब हमारे पास कुछ नहीं है. शशिकांत गाड़ी लेने बाहर जा रहे थे कि करीब 2 हजार लोगों की भीड़ आ गई.'

वहीं चांद बाग इलाके में सीएए और एनआरसी के विरोध में महिलाएं धरना पर बैठी हुई थीं. आसिम न्यूज 18 हिंदी के साथ बातचीत में कहते हैं, 'यहां पर शांतपूर्ण घरना चल रहा था, लेकिन कुछ लोग जानबूझ कर उकसाने का काम किया. मैं यह मानता हूं कि इधर से भी कुछ लोग थे, जिन्होंने भड़काऊ भाषण दिया और उधर से भी कुछ लोग थे, जो बार-बार उकसाने का काम कर रहे थे. सोमवार सुबह से ही पत्थरबाजी शुरू हो गई थी. यह धीरे-धीरे विकराल रूप ले लिया. बाद में दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर जमकर हमला किया. दोनों पक्षों ने गाड़ियों में आग लगाई. जो होना था वो तो हो गया है लेकिन, भाईसाहब पुलिस वालों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. यहां पर मौजूद थे लेकिन कुछ नहीं कर रहे थे.'

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दिल्ली हिंसा में अब तक 34 लोगों की जान जा चुकी है


भीड़ कहां से आई इस पर एक आरोप ये है कि चांद बाग के आसपास से भीड़ ने काफी तेज हमला किया वहीं एक आरोप ये भी है कि एक बड़ा हुजूम करावल नगर को जाने वाली सड़क की ओर से भी आया था. जिसके बाद दो पक्षों में जबर्दस्त घमासान हुआ. हालांकि बुधवार को हमने देखा कि भारी संख्या में अर्धसैनिक बल इन दंगा प्रभावित इलाकों में मौजूद थे और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के सतर्क और चौकस नजर आ रहे थे. लोगों की शिकायत ये थी कि अगर जो काम बुधवार सुबह को हुआ वह अगर मंगलवार सुबह या सोमवार रात को कर लिया जाता तो जान-माल का नुकसाना नहीं होता. अर्धसैनिक बल बुधवार सुबह ही क्यों पहुंचा. ये रविवार से जब हालात खराब होना शुरू हुए तब क्यों नहीं पहुंचा?

स्थानीय लोगों का कहना था कि अलग सुरक्षा बल वक्त रहते आया होता तो न इतने लोग मरते न ये तबाही का मंजर आपको नजर आता. लोगों का कहना था कि नेताओं की बिगड़े बोल की वजह से ये सब हुआ है. हम लोगों को तो एक-दूसरे के अगल-बगल में ही रहना है. आप नफरत की बोली बोलेंगे तो हम कैसे रहेंगे और यह कितने दिनों तक चलेगा.

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Tags: Citizenship Act, Delhi news, Delhi police, Ministry of Home Affairs

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