चार्जशीट: दिल्ली हिंसा से पहले 22 फरवरी को उपद्रवियों ने की थी मीटिंग, रची थी साजिश
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चार्जशीट: दिल्ली हिंसा से पहले 22 फरवरी को उपद्रवियों ने की थी मीटिंग, रची थी साजिश
बीते फरवरी महीने में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में सीएएए विरोधी हिंसा भड़क उठी थी (फाइल फोटो)

Delhi Violence: SIT ने हेड कॉन्स्टेबल रत्नलाल (Martyr Ratnalal) की हत्या मामले में 17 लोगों को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया है. 24 फरवरी को हिंसा के दौरान गोली लगने से जख्मी कॉन्स्टेबल की इलाज के दौरान हुई थी मौत.

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नई दिल्‍ली. दिल्‍ली हिंसा (Delhi Violence) मामले में क्राइम ब्रांच की SIT सोमवार को महत्‍वपूर्ण चार्जशीट दाखिल कर रही है. SIT दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल (Head constable Ratanlal) की हत्या मामले में करीब 1100 पेज की चार्जशीट दाखिल करने वाली है. चार्जशीट में बताया गया है कि दिल्ली हिंसा से पहले 22 फरवरी को 40-50 उपद्रवियों के ग्रुप की एक घर के बेसमेंट में मीटिंग हुई थी, जिसमें हिंसा की साजिश रची गई. बच्चों और बुजुर्गों को घर में रहने की नसीहत देकर दंगाई सड़कों पर निकले थे. 23 फरवरी को हंगामे के बाद वे वापस लौट गए, लेकिन फिर 24 फरवरी को एक बार उपद्रवी सड़कों पर निकलकर उत्पात मचाने लगे.

इसी हिंसा के दौरान शाहदरा के डीसीपी अमित शर्मा, एसपी अनुज शर्मा और हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे. वहीं, हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की बाद में मौत हो गई थी. उन्हें गोली भी मारी गई थी. इस पूरे मामले में साजिश रचने वालों की संख्या 4 से 5 बताई जा रही है, जिसमें सलीम खान, सलीम मुन्ना और शादाब का नाम शामिल है.

60 से ज्यादा लोगों को गवाह बनाया गया है



चार्जशीट के मुताबिक हेड कॉन्स्टेबल रत्नलाल की हत्या मामले में 17 लोगों को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में अभी और भी आरोपी है, जिनकी गिरफ्तारी होनी बाकी है. इनमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं. वहीं, चार्जशीट में 60 से ज्यादा लोगों को गवाह बनाया गया है. सबूत के तौर पर सीसीटीवी और मोबाइल फुटेज, लोगों के बयान, मोबाइल कॉल डीटेल्स और मौके पर मौजूद चश्मदीद पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मियों के बयान को शामिल किया गया है.
मौजपुर इलाके में थे तैनात

दरअसल, दिल्‍ली पुलिस में हेड कॉन्स्‍टेबल रहे रतन लाल उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली के गोकुलपुरी क्षेत्र के मौजपुर इलाके में तैनात थे. उन पर हिंसक भीड़ ने हमला कर दिया था. पत्‍थरबाजी में रतन लाल बुरी तरह से घायल हो गए थे. गंभीर अवस्‍था में उन्‍हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई थी. मूल रूप से राजस्‍थान के रहने वाले रतनलाल को बाद में शहीद का दर्जा दिया गया. 42 वर्षीय रतन लाल वर्ष 1998 में दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल के तौर पर नियुक्त हुए थे. घटना के दौरान वो गोकुलपुरी एसीपी के ऑफिस में नियुक्त थे.

IB कर्मचारी की हत्‍या, डीसीपी पर पथराव

24 मार्च को उत्‍तर-पूर्वी जिले में भड़की हिंसा ने कुछ ही घंटों में विकराल रूप धारण कर लिया था. देखते ही देखते पूरा इलाका हिंसा की चपेट में आ गया था. इसमें 50 से अधिक लोगों की हत्या कर दी गई थी. वहीं, हिंसा के दौरान इंटेलिजेंस ब्‍यूरो के स्‍टाफ अंकित शर्मा की भी हत्‍या कर दी गई थी. पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर चाकू के दर्जनों वार किए जाने की बात सामने आई थी. IB स्टाफ के अलावा दिल्ली हिंसा के दौरान दिल्ली पुलिस के शाहदरा के डीसीपी अमित शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. गोकुलपुरी में दो समूहों के बीच झड़प के दौरान वो घायल हो गए थे. कुमार को भी पथराव के दौरान चोट आई थी. जानकारी के अनुसार, शर्मा अभी आईसीयू में भर्ती हैं.

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