दिल्ली हिंसा: दिल्ली पुलिस आज कड़कड़डूमा कोर्ट में दाखिल कर सकती है पहली चार्जशीट
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दिल्ली हिंसा: दिल्ली पुलिस आज कड़कड़डूमा कोर्ट में दाखिल कर सकती है पहली चार्जशीट
हालांकि, सप्लीमेंट्री चार्जशीट आज दाखिल नहीं होगी. (PTI)

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल ने चार्जशीट में कहा है कि दिल्ली हिंसा एक संयोजित साजिश थी. बकायदा दिल्ली के इलाकों में कैसे CAA और NRC का विरोध करना है इसके लिए प्लानिंग बनाई गई थी.

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  • Last Updated: September 16, 2020, 9:05 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल बुधवार को दिल्ली हिंसा (Delhi violence) मामले में पहली चार्जशीट कड़कड़डूमा कोर्ट (Karkardooma Court) में दाखिल कर सकती है. इस चार्जशीट में दिल्ली हिंसा से जुड़ी तमाम जानकारियों को शामिल किया गया है.सूत्रों के मुताबिक, चार्जशीट में दिसम्बर से फरवरी तक CAA और NRC के विरोध की आड़ में दिल्ली में जो दंगे हुए, इसके बारे में साजिश रचने की जानकारी दी गई है. जैसे कि इन प्रदर्शनों को किसके इशारे पर किया गया. फंड को कहां से लाया गया और किसने उपलब्ध कराया. प्रदर्शन कर रहे लोगों को भड़काने में कौन- कौन से लोग शामिल रहे हैं. इसके अलावा अन्य कई बिंदुओं का भी जिक्र चार्जशीट (Chargesheet) में किया गया है.

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार्जशीट में कहा है कि दिल्ली हिंसा एक संयोजित साजिश थी. बकायदा दिल्ली के इलाकों में कैसे CAA और NRC का विरोध करना है इसके लिए प्लानिंग बनाई गई थी. सभी को अलग-अलग जगह जाकर टास्क सौंपे गए थे. साथ ही लगातार हर बातचीत को वाट्सअप चैट के माध्यम से बताने और निर्देश देने के लिए प्लान बनाया गया था. इसके बाद अलग- अलग इलाकों में इन भड़काऊ भाषणों की वजह से लोगों के दिलों में नफरत फैलाई गई और फिर दंगे शुरू हो गए. सूत्रों के मुताबिक, इस चार्जशीट में 19 लोगों को UAPA एक्ट के तहत आरोपी बनाया गया है. इनमें से आरोपी उमर खालिद , शरजील इमाम और फैजान की सप्लीमेंट्री चार्जशीट दी जाएगी. हालांकि, सप्लीमेंट्री चार्जशीट आज दाखिल नहीं होगी.

गिरफ्तारी का कई बुद्धिजीवियों ने विरोध किया है
वहीं, कल खबर सामने आई थी कि दिल्‍ली दंगों में संलिप्‍तता के आरोप में उमर खालिद (Umar Khalid) की गिरफ्तारी का कई बुद्धिजीवियों ने विरोध किया है. इनका कहना है कि उस पर लगाए गए अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) को हटाया जाना चाहिए. इसके साथ ही 9 रिटायर्ड आईपीएस अफसरों की ओर से भी दिल्‍ली दंगों की जांच पर अंगुली उठाई गई है. 9 आईपीएस के अलावा सैयदा हमीद, अरुंधति रॉय, रामचंद्र गुहा, टीएम कृष्णा, वृंदा करात, जिग्नेश मेवाणी, पी साईनाथ, प्रशांत भूषण और हर्ष मंदर समेत करीब 36 लोगों ने भी इसका विरोध किया है.
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