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Delhi Violence: हाईकोर्ट ने हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या मामले में 5 आरोपियों को दी जमानत

दिल्ली हिंसा के ही एक अन्य मामले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि एक ही घटना के लिए पांच अलग मामले दर्ज नहीं किए जा सकते. (ANI)

दिल्ली हिंसा के ही एक अन्य मामले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि एक ही घटना के लिए पांच अलग मामले दर्ज नहीं किए जा सकते. (ANI)

Delhi Violence News: दिल्ली हाईकोर्ट ने फुरकान, मोहम्मद आरिफ, शादाब अहमद, सुवेलिन और तबस्सुम को जमानत दी है. साथ ही इन आरोपियों को हर मंगलवार और गुरुवार को स्थानीय पुलिस थाने में पेश होने को कहा गया है.

  • News18Hindi
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नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून के विरोध-प्रदर्शन के दौरान फ़रवरी 2020 में दिल्ली के नॉर्थ ईस्ट इलाके में हुई हिंसा (Delhi Violence) में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या (Head Constable Ratan Lal Murder) और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के DCP पर हमला करने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने मामले में 5 आरोपियों को जमानत दी है. न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने आदेश पारित करते हुए कहा, “अदालत की राय है कि याचिकाकर्ताओं को लंबे समय तक सलाखों के पीछे नहीं छोड़ा जा सकता है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की सत्यता का परीक्षण परीक्षण के दौरान किया जा सकता है.”

वहीं, दिल्ली हिंसा के ही एक अन्य मामले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि एक ही घटना के लिए पांच अलग मामले दर्ज नहीं किए जा सकते. अदालत ने कहा कि यह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय दिशा-निर्देश व कानून के खिलाफ है. अदालत ने इस टिप्पणी के साथ पिछले साल उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान लूटपाट और परिसर में आग लगाने के आरोप में दर्ज पांच में से चार प्राथमिकी रद्द कर दी. अदालत ने कहा कि एक ही संज्ञेय अपराध के लिए पुलिस 5 प्राथमिकी दर्ज नहीं कर सकती है.

जाफराबाद पुलिस ने रद्द कर दी थीं 4 अन्य प्राथमिकी 

हाईकोर्ट ने एक प्राथमिकी को बरकरार रखते हुए पिछले साल मार्च महीने में जाफराबाद पुलिस थाना में उन्हीं आरोपियों के खिलाफ दर्ज चार अन्य प्राथमिकी को रद्द कर दिया है. न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि घटनाएं अलग थीं या अपराध अलग थे. उन्होंने कहा पहले कहा गया है कि संबंधित प्राथमिकी में दायर आरोप पत्रों के अवलोकन से पता चलता है कि वे कमोबेश एक जैसे हैं और आरोपी भी वही हैं.

इन शर्तों पर मिली जमानत?
कोर्ट ने पांचों आरोपियों को 35000 रुपए के बेल बांड और इतनी ही राशि के एक जमानती देने के निर्देश पर सशर्त पर जमानत दी है. कोर्ट ने जिन आरोपियों को जमानत दी हैं उनमें फुरकान, मोहम्मद आरिफ, शादाब अहमद, सुवेलिन और तबस्सुम शामिल हैं. कोर्ट ने आरोपियों से बिना अनुमति के बिना दिल्ली-NCR को छोड़कर जाने पर पाबंदी लगाई है. साथ ही आरोपियों को हर मंगलवार और गुरुवार को स्थानीय पुलिस थाने में पेश होने, पुलिस को अपना पता और नंबर देना, सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करने का निर्देश दिया है.

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