दिल्ली दंगा: आरोपी ताहिर हुसैन की दिल्ली पुलिस पर कानूनी कार्रवाई की अर्जी खारिज
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दिल्ली दंगा: आरोपी ताहिर हुसैन की दिल्ली पुलिस पर कानूनी कार्रवाई की अर्जी खारिज
दिल्ली पुलिस की दाखिल चार्जशीट के अनुसार ताहिर हुसैन के उकसावे पर उपद्रवी हिंसक और बेकाबू हो गए थे (फाइल फोटो)

आरोपी ताहिर हुसैन (Accused Tahir Hussain) ने अपनी याचिका में कहा था कि दिल्ली पुलिस (Delhi Police) अपने अधिकारों और पावर का गलत इस्तेमाल कर रही है. उसके खिलाफ दर्ज छठे एफआईआर की जानकारी उसे नहीं दी गई थी. कोर्ट ने अपने आदेश में है कहा कि आरोपी की याचिका में कोई मेरिट नहीं है

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नई दिल्ली. दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) मामले में आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन (AAP Councillor Tahir Hiussain) को कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने आरोपी ताहिर हुसैन की याचिका खारिज कर दी है. आरोपी ताहिर हुसैन (Accused Tahir Hussain) ने अपनी याचिका में कहा था कि दिल्ली पुलिस (Delhi Police) अपने अधिकारों और पावर का गलत इस्तेमाल कर रही है. उसके खिलाफ दर्ज छठे एफआईआर की जानकारी उसे नहीं दी गई थी. सोमवार को कोर्ट ने अपने आदेश में है कहा कि आरोपी ताहिर हुसैन की याचिका में कोई मेरिट नहीं है.

मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पुरुषोत्तम पाठक ने जांच अधिकारी या थाना प्रभारी या उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त या दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के उपायुक्त के खिलाफ जरुरी कानून कार्रवाई करने का अनुरोध करने वाली अर्जी खारिज कर दी.

ताहिर हुसैन ने आरोप लगाते हुए कहा था कि दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज छठी प्राथमिकी के संबंध में अदालत को सूचना नहीं दी है. साथ ही उसने दिल्ली पुलिस पर अपने खिलाफ झूठे और फर्जी लंबित मामले दिखाने का आरोप लगाया था.



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नागरिकता कानून के विरोध को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर आगजनी और हिंसा भ़ड़क उठी थी (फाइल फोटो)

CAA के खिलाफ 24 फरवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई थी जमकर हिंसा

बता दें कि नागरिकता कानून (CAA) के विरोध में इसी साल 24 फरवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, घोंडा, चांदबाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार समेत अन्य इलाकों में आगजनी और हिंसा भड़क उठी थी. इस हिंसा में 55 से ज्यादा लोग मारे गए थे और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे. हिंसा और तोड़फोड़ में सरकारी और निजी संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा था. उपद्रवियों की भीड़ ने मकानों, दुकानों, वाहनों, पेट्रोल पंप को फूंक दिया था और रोके जाने पर स्थानीय निवासियों और पुलिस पर जमकर पथराव किया था.

दिल्ली हिंसा के दौरान 24 फरवरी को ही दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की गोकलपुरी में फायरिंग में मौत हो गई थी. इसके अलावा डीसीपी और एसीपी सहित कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से जख्मी गए थे. वहीं हिंसक भीड़ द्वारा अंकित शर्मा नाम के एक आईबी अधिकारी की भी हत्या कर दी गई थी. और उसकी लाश को नाले में फेंक दिया गया था.
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