Delhi Violence: उमर खालिद की याचिका पर पुलिस से जवाब तलब, कोर्ट ने पूछा- कैसे लीक हुई चार्जशीट की कॉपी?

Delhi Violence: JNU के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद पर दिल्‍ली हिंसा में संलिप्‍तता का आरोप है. (फाइल फोटो)

Delhi Violence: JNU के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद पर दिल्‍ली हिंसा में संलिप्‍तता का आरोप है. (फाइल फोटो)

Delhi Violence: JNU के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर सप्‍लीमेंट्री चार्जशीट की कॉपी कथित तौर पर मीडिया में लीक करने का आरोप लगाया था. कड़कड़डूमा कोर्ट ने अब इस मामले में दिल्‍ली पुलिस से 14 जनवरी तक जवाब दाखिल करने को कहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2021, 5:57 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली में भड़की हिंसा मामले में जवाहरलाल नेहरू विश्‍वविद्यालय के पूर्व छात्र और स्‍टूडेंट लीडर उमर खालिद पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. दिल्‍ली पुलिस ने इस मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट में सप्‍लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया था. दिल्‍ली हिंसा के आरोपी उमर खालिद का आरोप है कि इस चार्जशीट की कॉपी को दुर्भावनापूर्ण तरीके से मीडिया में लीक कर दिया गया. उमर खालिद की आपत्तियों पर संज्ञान लेते हुए कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्‍ली पुलिस से पूछा है कि पूरक चार्जशीट पर अदालत के संज्ञान लेने से पहले ही कथित तौर पर यह मीडिया में कैसे लीक हो गई? कोर्ट ने पुलिस को 14 जनवरी तक इस पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है.

उमर खालिद ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर बताया कि पूरक चार्जशीट की कॉपी मीडिया में लीक होने से निष्‍पक्ष सुनवाई के उनके अधिकार के साथ समझौता हुआ है. खालिद ने आरोप लगाया कि मीडिया में उनके खिलाफ दुर्भावना से ग्रस्‍त होकर अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही सवाल उठाया कि उनके वकील को सप्‍लीमेंट्री चार्जशीट की कॉपी मिलने से पहले वह मीडिया में कैसे चली गई? उमर खालिद ने अपनी याचिका में कहा, 'मुझे चार्जशीट की कॉपी मुहैया कराने से पहले ही यह सार्वजनिक हो गई. मीडिया में उसके आधार पर खबरें चलने लगीं.' उन्‍होंने कोर्ट को बताया कि उन्‍हें खबरों में पढ़कर इस बात का पता चला कि चार्जशीट में मेरे एक बयान का जिक्र है. इसके आधार पर भी यह खबर चलाई गई कि मैंने दिल्‍ली हिंसा में अपनी भूमिका स्‍वीकार कर ली है.

Youtube Video


उमर खालिद में कोर्ट में दायर याचिका में दावा किया कि जब उन्‍हें चार्जशीट की कॉपी मिली तो मेरे द्वारा दिए गए बयान के नीचे लिखा था- हस्‍ताक्षर करने से इनकार किया. इसके बावजूद इसे लीक कर दिया गया और फिर मेरे खिलाफ खबरें चलाई गईं. खालिद ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है, ऐसा पहले भी हो चुका है. इस पर कोर्ट ने इस मामले के जांच अधिकारी से सवाल-जवाब किए. अदालत ने पुलिस को इस पर 14 जनवरी तक जवाब देने को कहा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज