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Delhi Violence: पुलिसवालों की बेरहमी के शिकार युवक ने तोड़ा दम, राष्ट्रगान गाते हुए वीडियो हुआ था वायरल

दिल्ली हिंसा में मारे गये फैजान के भाई ने बताया कि उन्हे पुलिस स्टेशन में उससे मिलने भी नहीं दिया गया (फाइल फोटो)
दिल्ली हिंसा में मारे गये फैजान के भाई ने बताया कि उन्हे पुलिस स्टेशन में उससे मिलने भी नहीं दिया गया (फाइल फोटो)

फैजान के भाई नईम ने बताया, 'मेरा भाई मर रहा था और पुलिस वालों ने हमें उससे मिलने तक नहीं दिया. उन्होंने हमें गालियां दी और पुलिस स्टेशन (Police Station) से धक्के मार के भगा दिया.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 29, 2020, 9:57 AM IST
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नई दिल्ली. पूर्वोत्तर दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में शूट किए गए हिंसक वीडियो में सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाला वीडियो (Video) है 23 वर्षीय फैजान और चार अन्य युवकों की पिटाई का. इसमें देखा जा सकता है कि पुलिस वर्दी पहने चार से पांच लोग एक युवक को बुरी तरह मार रहे हैं. वह युवक खून से लथपथ है, लेकिन वो लोग उसे लगातार पीट रहे हैं और बोल रहे हैं कि, 'तुम्हें आजादी (Freedom) चाहिए ना? तो लो आजादी.' बता दें, इस हिंसक वीडियो के शूट होने के दो दिन बाद ही फैजान की मौत हो गई. वीडियो में देखा जा सकता है कि मारपीट करने वाले युवकों में से एक राष्ट्रगान गा रहा है. वहीं फैजान बेसुध होकर जमीन पर पड़ा हुआ है और वर्दी वाले लोग फैजान को लगातार पीटे जा रहे हैं.

'पीट-पीट कर अधमरा कर दिया'
न्यूज18 इंडिया की टीम जब फैजान के घर उसके परिवार से मिलने पहुंची तो उनके अंदर अपने बेटे को खोने पर बेहद नाराजगी और उदासी थी, लेकिन वे इसका इजहार नहीं कर पा रहे थे. जब फैजान का बड़ा भाई नईम घर आया, तो उसने बताया कि 23 फरवरी को फैजान उस जगह था जहां एंटी-सीएए प्रोटेस्ट चल रहा था. नईम ने कहा, 'अचानक आंसू गैस के गोले चारों तरफ से छोड़े जाने लगे. इसी बीच कुछ पुलिस वाले आए और उन्होंने वहां खड़े लड़कों को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया. पुलिसवाले तब तक लड़कों को पीटते रहे, जब तक की वे अधमरी हालत में नहीं पहुंच गए.'

'पुलिस वालों ने नहीं मिलने दिया फैजान से'
नईम ने कहा कि घायल लड़कों को इलाज के लिए जीटीबी हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन वहां भी उनका इलाज ठीक से नहीं किया गया. फिर उन्हें ज्योति नगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया. वहां उन्हें दो दिन तक रखा गया. उन्होंने बताया, 'मेरा भाई मर रहा था और पुलिस वालों ने हमें उससे मिलने तक नहीं दिया. उन्होंने हमें गालियां दी और पुलिस स्टेशन से धक्के मार के भगा दिया.'



'पुलिस नहीं चाहती थी कि फैजान हवालात में मरे'
नईम ने बताया कि 25 फरवरी को उन्हें पुलिस का फोन आया और फैजान को ले जाने के लिए कहा. नईम ने आरोप लगाया कि पुलिस ये जानती थी कि फैजान मरने वाला है. लेकिन वे ये नहीं चाहते थे कि वह हवालात में मरे, इसलिए हमें बुलाया गया.

'पूरी रात तड़पता रहा फैजान'
फैजान के एक रिश्तेदार बबलू ने बताया, 'फैजान को लेने जब हम पुलिस स्टेशन गए तो हमने देखा फैजान के मुंह से और सिर से बहुत ज्यादा खून निकल रहा है. हमारा फैजान तो ऐसा नहीं था. वह पूरी रात दर्द से तड़पता रहा और बस यही कह रहा था कि पुलिस वालों ने उसे बहुत मारा है.' बबलू ने बताया कि जब सुबह फैजान को जीटीबी अस्पताल लाया गया को वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.

'हर जगह हुई लापरवाही'
नईम ने कहा, 'हमारे साथ बहुत नाइंसाफी हुई है. हर जगह लापरवाही हुई. पुलिस वालों को मारने का अधिकार किसने दिया है? क्या वे हमारी सुरक्षा के लिए नहीं हैं?' नईम ने बताया कि पुलिस बार-बार उन्हें आजादी का ताना मार रही थी. उन्होंने कहा, 'किस चीज से आजादी, कभी उनसे पूछा गया? बस जान ले ली एक लड़के की यूं ही पीट-पीट के.' जब न्यूज18 इंडिया की टीम नईम से बातचीत कर रही थी. तभी एक पुलिसकर्मी वहां आया और उनसे कुछ सवाल किए. फिर उनके घर की कुछ तस्वीरें लेकर चला गया.

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