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NSA अजीत डोभाल पर है दिल्ली में सांप्रदायिक दंगों को थामने की जिम्मेदारी
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Updated: February 26, 2020, 10:27 PM IST
NSA अजीत डोभाल पर है दिल्ली में सांप्रदायिक दंगों को थामने की जिम्मेदारी
कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त डोभाल, जाफराबाद और सीलमपुर समेत प्रभावित क्षेत्रों में गये जहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें जरूरी निर्देश दिये.

पूर्व खुफिया ब्यूरो प्रमुख डोभाल अपनी सीधी पहल के लिए जाने जाते हैं. उन्हें प्रधानमंत्री का विश्वस्त माना जाता है. पिछले साल अगस्त में जब अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किया था तब भी डोभाल एक पखवाड़े तक जम्मू कश्मीर में डेरा डाले रहे थे.

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  • Last Updated: February 26, 2020, 10:27 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को दंगा ग्रस्त उत्तर पूर्व दिल्ली में सामान्य स्थिति बहाल करने का जिम्मा दिया है. इन दंगों में खबर लिखे जाने तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों के अनुसार यात्रा पर आये अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वापस रवाना होने के तत्काल बाद 75 वर्षीय डोभाल ने मंगलवार रात को दिल्ली पुलिस के आयुक्त अमूल्य पटनायक, नवनियुक्त विशेष आयुक्त एस एन श्रीवास्तव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दंगाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया.

जाफराबाद और सीलमपुर समेत प्रभावित क्षेत्रों में गए डोभाल
कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त डोभाल, जाफराबाद और सीलमपुर समेत प्रभावित क्षेत्रों में गये जहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें जरूरी निर्देश दिये. उन्होंने तनाव कम करने के लिए विभिन्न समुदायों के नेताओं के साथ बैठक भी की. अधिकारियों के अनुसार माना जा रहा है कि श्रीवास्तव का चयन डोभाल ने खुद किया. उन्होंने यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति की हाई प्रोफाइल यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में फैलती हिंसा पर नियंत्रण में विफल रहने को लेकर पटनायक की आलोचना के बाद उठाया.

दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती है. अधिकारियों के अनुसार डोभाल ने सुबह प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) के सामने स्थिति का मौके पर अपना विश्लेषण पेश किया और सांप्रदायिक दंगे की गिरफ्त में फंसे क्षेत्रों में हिंसा खत्म करने और स्थिति सामान्य करने के लिए उठाये गये कदमों के बारे में बताया. सीसीएस में प्रधानमंत्री के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर हैं.



स्थानीय लोगों से भेंट
डोभाल फिर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गये. वहां उन्होंने स्थानीय लोगों से भेंट की और उन्हें आश्वस्त किया कि स्थिति नियंत्रण में है. अपने इस दौरे के दौरान डोभाल ने कहा कि वह मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर आये हैं. उन्होंने कहा,‘‘ पुलिस जोर-शोर से काम कर रही है. सिर्फ कुछ अपराधी इसमें शामिल थे. लोगों को मुद्दों का समाधान करने का प्रयास करना चाहिये, न कि उसे बढ़ाने का. पहले घटनाएं हुईं, लेकिन आज शांति है. स्थानीय लोग शांति चाहते हैं. हमें पूरा विश्वास है कि शांति होगी.’’

डोभाल बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह को उत्तर पूर्वी दिल्ली के मौजूदा हालात के बारे में जानकारी देने के लिए दोपहर को नॉर्थ ब्लॉक लौटे. इस बैठक में केद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, खुफिया ब्यूरो के प्रमुख अरविंद कुमार और पटनायक भी शामिल हुए. उत्तर पूर्व दिल्ली में तीन पहले शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा में 24 लोग मारे जा चुके हैं. जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, यमुना विहार, भजनपुरा, चांदबाग, शिवविहार दंगे से प्रभावित हुए हैं.
सीधी पहल के लिए जाने जाते हैं डोभाल
पूर्व खुफिया ब्यूरो प्रमुख डोभाल अपनी सीधी पहल के लिए जाने जाते हैं. उन्हें प्रधानमंत्री का विश्वस्त माना जाता है. पिछले साल अगस्त में जब अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किया था तब भी डोभाल एक पखवाड़े तक जम्मू कश्मीर में डेरा डाले रहे थे.



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First published: February 26, 2020, 10:27 PM IST
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