Delhi Violence : खालिद सैफी और उमर खालिद को हथकड़ी लगाकर पेश करने की अर्जी खारिज

कड़कड़डूमा कोर्ट ने पुलिस की अर्जी खारिज करते हुए नोटिस दिया.

कड़कड़डूमा कोर्ट ने पुलिस की अर्जी खारिज करते हुए नोटिस दिया.

अदालत ने पुलिस की याचिका खारिज करते हुए इस मामले से जुड़े डीसीपी से ऐसी याचिका पर स्पष्टीकरण मांगा है. कोर्ट ने अब इस मामले की सुनवाई 6 मई तय की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2021, 8:51 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें उसने दिल्ली दंगा के आरोपियों खालिद सैफी और उमर खालिद को हथकड़ी लगाकर पेश करने की अनुमति मांगी थी. कोर्ट ने न केवल आवेदन खारिज किया, बल्कि इस मामले से जुड़े डीसीपी से ऐसा आवेदन दायर किए जाने पर स्पष्टीकरण भी मांगा है. मामले की सुनवाई 6 मई को तय की गई है. कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि ये आवेदन कड़कड़डूमा लॉकअप प्रभारी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा इस मुद्दे पर विचार करने के बाद दायर किया था.

अदालत ने विशेष लोक अभियोजक से हाई रिस्क कैदी का मतलब पूछा

कड़कड़डूमा कोर्ट के जस्टिस विनोद यादव की बेंच में ये आवेदन सुनवाई के लिए आया था. इसमें पुलिस ने खालिद सैफी और उमर खालिद दोनों आरोपियों को पीछे से दोनों हाथों में हथकड़ियां लगाकर पेश करने की अनुमति मांगी गई थी. कोर्ट ने विशेष लोक अभियोजक मनोज चौधरी से हाई रिस्क कैदी का मतलब पूछा. कोर्ट ने यह भी पूछा कि ये जेल नियमावली, पंजाब पुलिस रूल्स और दिल्ली पुलिस के सर्कुलर में से किसमें परिभाषित है. इस पर मनोज चौधरी ने कहा कि उन्हें इस आवेदन के बारे में जानकारी नहीं है. इसलिए वे इस मुद्दे पर निर्देश नहीं ले सके. कोर्ट ने इस बात पर भी गौर किया कि उनके समक्ष विचाराधीन मामले में दोनों आरोपी जमानत पर हैं. एक अन्य मामला अन्य जज के समक्ष चल रहा है. कोर्ट ने इस बात को माना कि आरोपियों के इस कोर्ट से जमानत पर होने की जानकारी पुलिस अधिकारियों को रही होगी.

कोर्ट ने इस अर्जी पर स्पष्टीकरण मांगा
मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस यादव ने इस मामले में थर्ड बटालियन, दिल्ली सशस्त्र पुलिस और केस की जांच कर रहे स्पेशल सेल के डीसीपी को इस आवेदन पर स्पष्टीकरण पेश करने का निर्देश दिया है. वहीं जेल अधीक्षक से भी रिपोर्ट तलब की गई है.
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