• Home
  • »
  • News
  • »
  • delhi-ncr
  • »
  • दिल्ली हिंसा: उमर खालिद के वकील ने चार्जशीट की तुलना वेब सीरीज 'द फैमिली मैन' से की, कही ये बात

दिल्ली हिंसा: उमर खालिद के वकील ने चार्जशीट की तुलना वेब सीरीज 'द फैमिली मैन' से की, कही ये बात

उमर खालिद के वकील ने कार्ट से कहा कि दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के पीछे कोई सबूत नहीं है. (फाइल फोटो)

उमर खालिद के वकील ने कार्ट से कहा कि दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के पीछे कोई सबूत नहीं है. (फाइल फोटो)

दिल्ली हिंसा को लेकर कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान आरोपी उमर खालिद (Umar Khalid) के वकील ने कहा कि चार्जशीट के पीछे कोई सबूत नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

    खुर्रम अली शहजाद

    नई दिल्ली. दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) मामले को लेकर शुक्रवार को कड़कड़डूमा कोर्ट (Karkardooma Court) में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान JNU के पूर्व छात्र नेता और दिल्ली हिंसा के आरोपी उमर खालिद (Umar Khalid) के वकील ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर कोर्ट में अजीबोगरीब दलील पेश की. उमर खालिद के वकील ने कोर्ट से कहा कि दिल्ली पुलिस की चार्जशीट अमेजन प्राइम की वेब सीरीज ‘द फैमिली मैन’ की तरह है, क्योंकि दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के पीछे कोई सबूत नहीं है.

    उमर खालिद के वकील ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में कहा कि एफआईआर 59- 2020 की चार्जशीट को पढ़कर ऐसा लगता है जैसे कुछ चैनलों पर रात 9:00 बजे प्रसारित होने वाली न्यूज की स्क्रिप्ट है. साथ ही उन्होंने कहा कि चार्जशीट में 2016 के जेएनयू में लगे ‘टुकड़े- टुकड़े’ नारे का भी जिक्र किया गया है. जबकि 2016 में उमर खालिद पर नारे लगाने का आरोप नहीं है. वहीं, अब मामले में 6 तारीख को फिर सुनवाई होगी.

    वास्तव में लोगों को एकता का संदेश दिया था
    वहीं, पिछले महीने खबर सामने आई थी कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद ने कड़कड़डूमा कोर्ट को बताया कि पुलिस के दावों में कई विरोधाभास हैं. और इसे बढ़ाचढ़ा कर पेश किया गया है. खालिद के वकील ने कोर्ट को बताया कि पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में केवल उमर खालिद को केवल फंसाया गया है. वकील ने दिल्ली पुलिस के दावों में दो विरोधाभासों की ओर इशारा किया था. सबसे पहले उन्होंने अदालत को महाराष्ट्र में खालिद के भाषण की 21 मिनट की वीडियो क्लिप दिखाई, जिसे अभियोजन पक्ष ने कथित तौर पर भड़काऊ करार दिया गया था. वीडियो दिखाने के क्रम में वकील ने अदालत को अवगत कराया कि उनके मुवक्किल ने भाषण के माध्यम से हिंसा का कोई आह्वान नहीं किया और वास्तव में लोगों को एकता का संदेश दिया.

    समाचार चैनलों द्वारा प्रसारित किया गया था
    उस दिन उमर खालिद ने महात्‍मा गांधी जी पर आधारित एकता का संदेश दिया था और इसे आतंक करार दिया गया. वह लोकतांत्रिक सत्ता की बात कर रहे हैं. उन्होंने गांधी का जिक्र किया. उमर खालिद के लिए जमानत की मांग करते हुए, वकील ने कोर्ट से कहा था कि खालिद को कथित तौर पर महाराष्ट्र के अमरावती में भाषण देते हुए वीडियो फुटेज का मूल भाजपा सदस्य अमित मालवीय के एक ट्वीट से लिया गया था और फिर समाचार चैनलों द्वारा प्रसारित किया गया था.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज