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दिल्ली हिंसा: हालात सुधरते ही ब्रह्मपुरी पहुंचे वॉलंटियर्स, हिंसा पीड़ितों को बांट रहे दवा और खाना
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News18Hindi
Updated: February 28, 2020, 2:05 AM IST
दिल्ली हिंसा: हालात सुधरते ही ब्रह्मपुरी पहुंचे वॉलंटियर्स, हिंसा पीड़ितों को बांट रहे दवा और खाना
वॉलंटियर्स ने पहुंचकर शुरू किया राहत कार्य.

दिल्‍ली के ब्रह्मपुरी (Brahmpuri) में हिंसा के बाद हालात सुधरते ही दिल्‍ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (Delhi Sikh Gurdwara Prabandhak Committee) के वॉलंटियर्स हिंसा पीड़ितों के लिए दवा और खाना बांटने का काम कर रहे हैं.

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  • Last Updated: February 28, 2020, 2:05 AM IST
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निखिल घानेकर, शिवांश शर्मा
नई दिल्‍ली. दिल्‍ली के ब्रह्मपुरी (Brahmpuri) इलाके में हिंसा के बाद हालात सुधरने लगे हैं. यहां दो समुदाय के लोग बगल से गुजरने वाली एक छोटी सड़क के दोनों ओर रहते हैं. तीन दिन तक हिंसाग्रस्त रहे इस इलाके में गुरुवार को रिश्‍तों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला. यहां हालात सुधरते ही दिल्‍ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के वॉलंटियर्स की टीम हिंसा पीड़ितों के लिए खाना और दवाइयां बांटती नजर आई. कमेटी के लोग यहां बिना किसी का धर्म जाने हर किसी को खाना खिलाने और दवाई बांटने का काम कर रहे हैं.

वहीं, दवा, खाना और अन्‍य जरूरी सामान लेने के लिए दोनों समुदाय के लोग भी एक ही जगह एकत्र नजर आए. मंगलवार को जिस जगह पर News18 ने देखा था कि 7 दुकानों को लूटा गया था और फिर आग लगाई गई थी, उसी जगह से थोड़ी दूर पर एक ट्रक और एम्बुलेंस के जरिये गुरुवार को राहत कार्य किया गया. इस दौरान दोनों समुदाय के लोग प्राथमिक चिकित्सा और भोजन प्राप्त करने के लिए कतार में दिखे.

'सिख भाई-बहन कर रहे हैं बेहतरीन काम'



35 साल के यासमीन आसिफ ने बताया कि वह छाती में दर्द और खांसी से जूझ रहा था. हिंसा के दौरान दुकानों में लगाई गई आग से निकल रहे काले धुएं के कारण उन्‍हें अधिक परेशानी हो रही थी. वह भी एंबुलेंस के पास आकर दवाई लेते दिखे.

यासमीन आसिफ ने बताया कि पूरे हफ्ते में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब कोई हमारी गली में राहत कार्य करने आया है. मुझे हिंसा होने के पहले से ही खांसी की परेशानी थी. लेकिन बाद में इलाके के हालात ठीक नहीं थे, इसकी वजह से मेडिकल स्टोर बंद थे और मैं दवा नहीं ले पा रहा था. सिख भाई-बहन बहुत ही बेहतरीन काम कर रहे हैं. इस तरह की मदद ही स्‍थान पर उपलब्‍ध कराई जानी चाहिए. हर जगह लोग परेशानी में हैं.

मजदूरी पर न जाने की वजह से खाना नहीं खा पा रहे लोग
मरीजों की कतार में उनके पीछे खड़े 29 वर्षीय गजिंदर हैं. गजिंदर कहते हैं कि 'मेरे पैर पिछले तीन दिनों से दर्द कर रहे थे. स्थिति इतनी खराब थी कि मैं इलाज के लिए बाहर नहीं जा सकता था. यहां तक कि मेडिकल स्टोर भी बंद थे. आज कुछ लोग आए और मुझे दवाइयाां दी. दवाई खाकर मैं ठीक हूं, अब मैं आने वाले लोगों की कतार में स्वयंसेवकों की भी मदद कर रहा हूं.' गजिंदर ने कहा कि सिख भाई भोजन और दवाइयां प्रदान करके एक अच्छा कार्य कर रहे हैं. जो लोग पिछले चार दिनों से दैनिक मजदूरी पर काम नहीं कर रहे थे. वे अपने लिए भोजन खरीदने का प्रबंधन कैसे करते?

खाना लेकर हर घर जा रहे हैं वॉलंटियर्स
बता दें कि सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के वॉलंटियर्स गुरुवार को घोंडा, अंबेडकर बस्ती और श्रीराम कॉलोनी जैसे हिंसाग्रस्त इलाकों में खाद्य सामग्री के साथ एम्बुलेंस और ऐसे कई ट्रक साथ पहुंचे. मोहम्मद अकरम का कहना कि सिख भाई हर घर जा रहे हैं और लोगों से पूछ रहे हैं कि क्या उन्हें खाने के लिए खाना चाहिए. मैं वास्तव में उनका आभारी हूं.

दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के साथ काम करने वाले राजबिंदर सिंह ने कहा कि संगठन इन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को भोजन और दवाइयां प्रदान करा रहा है. यह सहायता गुरुद्वारा बंगला साहिब से लाई जा रही है. उन्होंने कहा, 'लंगर के चार ट्रक गुरुद्वारा बंगला साहिब से सुबह 6 बजे के आसपास निकले थे और हमने लगभग 700 लोगों को खाना खिलाया.'

खांसी की समस्या से जूझ रहे हैं लोग
वहीं, चिकित्सक के रूप में स्वयंसेवक डॉक्टर मिलाब कमल सिंह ने कहा कि उन्होंने और उनकी टीम ने गुरुवार सुबह से 100 से अधिक लोगों को दवाइयां दी. ज्यादातर लोग खांसी से पीड़ित थे. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि संपत्तियों को आग लगा दी गई थी. अभी तक किसी बड़े मामले पर ध्यान नहीं दिया गया है,  छोटी-मोटी चोट के लिए लोग हमारे पास दवाइयां लेने आ रहे हैं.

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First published: February 27, 2020, 11:54 PM IST
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