10 साल में दुनिया की सबसे अधिक जनसंख्‍या वाली राजधानी बनेगी दिल्ली

दिल्ली का मुख्‍य क्षेत्र 1,483 वर्ग किलोमीटर है.

Delhi-NCR: 31 साल में लगभग दोगुना हो गया एनसीआर क्षेत्र, पिछले डेढ़ दशक में इससे जोड़े गए सात नए जिले

  • Share this:
    नई दिल्ली. एनसीआर यानी नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) पिछले करीब तीन दशक में लगभग दोगुना बड़ा हो गया है. एनसीआर क्षेत्र 1989 में 30,242 वर्ग किलोमीटर का था जो धीरे-धीरे बढ़कर 2005 में 34,144 वर्ग किलोमीटर हुआ और अब यह 55,083 वर्ग किलोमीटर हो गया है. दिल्ली (Delhi) का मुख्‍य क्षेत्र 1,483 वर्ग किलोमीटर है. एनसीआर-दिल्ली को 2030 तक विश्‍वभर में सबसे अधिक जनसंख्‍या वाली राजधानी बनने की संभावना है. साल 2005 के बाद राज्यों से मिले अनुरोधों के आधार पर एनसीआर में सात नए जिलों को जोड़ा गया है.

    कब हुई थी एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की स्थापना?

    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की 39वीं बैठक में आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार एनसीआर की जनसंख्‍या लगभग 5.81 करोड़ है. इस क्षेत्र में सामंजस्यपूर्ण विकास और संतुलित विकास के लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की स्थापना 1985 में की गई थी.

    इसे भी पढ़ें: कोरोना वायरस से जंग: 'जनता कर्फ्यू' और लॉक डाउन से दिल्ली में प्रदूषण खत्म

    पुरी ने कहा, यह अपनी तरह की एक अनूठी व्यवस्था है और आज देश में अंतर-राज्यीय क्षेत्रीय सहयोग और विकास का एक मॉडल है. यह एक सहयोगी संघीय निकाय है, जिसे संसद द्वारा तीन राज्यों हरियाणा (Haryana), राजस्थान और उत्तर प्रदेश (UP) के विधानसभाओं के प्रस्तावों द्वारा सशक्त बनाया गया है.

    NCR Planning Board, biggest capital in world, modi government, Housing and Urban Affairs, Haryana, Delhi, UP, Rajasthan, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड, दुनिया की सबसे बड़ी राजधानी, मोदी सरकार, हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान
    साल 2005 के बाद एनसीआर में सात नए जिले जोड़े गए हैं. (News18.com)


    31,853 करोड़ की परियोजनाएं 

    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड द्वारा अब तक 366 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें से 269 पूरी हो चुकी हैं और 97 विभिन्न चरणों में हैं. इन 366 परियोजनाओं की अनुमानित लागत 31,853 करोड़ रुपये है, जिसमें से 15,393 करोड़ रुपये बोर्ड द्वारा स्वीकृत किए गए हैं और 12,441 करोड़ रुपये अब तक जारी किए गए हैं.

    इसे भी पढ़ें: प्रदूषण में पराली का योगदान मात्र 10 से 30%, तो सिर्फ किसानों पर ही FIR क्यों?

    पुरी ने कहा कि बोर्ड को एनसीआर क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े होने का विशेषाधिकार है, जो 2027 तक विश्व का सबसे बड़ा राजधानी क्षेत्र बनने जा रहा है. नोएडा ग्रेटर नोएडा मेट्रो परियोजना, जयपुर में द्रव्यवती नदी का पुनरूद्धार, हिंडन गाजियाबाद में छह लेन एलिवेटेड रोड, कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे का 52 किलोमीटर हिस्‍सा हाल की उल्लेखनीय परियोजनाओं में शामिल हैं.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.