चिड़ियाघर के जानवरों पर Lockdown का असर, बदल गई हैं शेर, हाथी और बंगाल टाइगर की आदतें

(फोटो-प्रतीकात्मक)

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शेर, सफेद टाइगर, बंगाल टाइगर, पेंथर, हाथी (Elephant) आदि अब पहले से कम दहाड़ते व चिंघाड़ते हैं और बाड़े में कम घूमते हैं. जबकि पहले पर्यटकों (tourists) की भीड़ को देखकर वे परेशान होते थे. चिड़ियाघर (Zoo) में करीब 10 हज़ार लोग रोजाना आते थे.

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नई दिल्ली. कोरोना (covid-19) के प्रकोप के चलते हुए लॉक डाउन (lockdown) का एक सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है. लॉकडाउन में जहां इंसान परेशान है वहीं दिल्ली के चिडियाघर (Zoo) में बंद जंगली जानवर राहत महसूस कर रहे हैं. साथ ही पहले से काफी बदल भी गये हैं. चिड़ियाघर में जानवरों की देखभाल कर रहे सौरभ बताते हैं कि डेढ़ महीने के लॉकडाउन के बाद जानवरों के व्यवहार में बदलाव महसूस किया गया है. बाड़ों में बंद जानवर पहले से कहीं ज्यादा शांत हो गए हैं. उनमें आक्रामकता (Aggression) कम हुई है. साथ ही उनमें तनाव (stress) भी कम हुआ है.



शेर, सफेद टाइगर, बंगाल टाइगर, पेंथर, हाथी आदि अब पहले से कम दहाड़ते व चिंघाड़ते हैं और बाड़े में कम घूमते हैं. जबकि पहले पर्यटकों (tourists) की भीड़ को देखकर वे परेशान होते थे. चिड़ियाघर में करीब 10 हज़ार लोग रोजाना आते थे. ऐसे में इतनी बड़ी भीड़ के बन्द हो जाने से जानवर शांति में हैं. क्यूरेटर रियाज़ खान कहते हैं कि लॉकडाउन के दौरान जानवरों के स्वास्थ्य पर भी अनुकूल असर पड़ रहा है.



ठीक हमारी तरह ही जानवरों को भी नहीं पसंद डिस्टर्बेंस





वन्य जीव वैज्ञानिक फैय्याज ख़ुदसर कहते हैं कि लॉकडाउन से जानवरों का बायोलॉजिकल क्लॉक ठीक हो गया है. इस दौरान चिड़ियाघर के जानवर प्रकृति के अनुसार रह रहे हैं न कि पर्यटकों के अनुसार. लिहाजा उनके स्वभाव में परिवर्तन आना पूरी तरह सम्भव है. इतना ही नहीं हमारी तरह ही जानवरों को भी डिस्टर्बेंस पसन्द नहीं होता. लेकिन पर्यटकों की भीड़ के आगे वे बेबस होते थे. अब जबकि शांति है तो चिड़ियाघर में जानवरों को अच्छा लग रहा होगा.
ध्वनि प्रदूषण कम होने से भी स्ट्रेस लेवल हुआ है कम



फैय्याज आगे कहते हैं कि पिछले डेढ़ महीने से सड़कों पर गाड़ियां बन्द हैं. इसके साथ ही आसमान में जहाजों का आवागमन भी बंद है. गाड़ियों के बाद हवाई जहाज सबसे ज्यादा ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं. जानवरों की बात करें तो 20 डेसीबल आवाज होने पर ही वे घबराने लगते हैं. जबकि मथुरा रोड पर लगातार चलती गाड़ियां तो काफी परेशानी पैदा करती थीं. इस दौरान सबसे ज्यादा परेशान जमीन पर रेंगने वाले जीव होते थे. लेकिन अब लॉकडाउन से ध्वनि प्रदूषण में आई कमी से निश्चित ही जानवरों को राहत मिली है और तनाव कम हुआ है.



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