लाइव टीवी

क्या केजरीवाल सरकार दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए संजीदा है ?
Delhi-Ncr News in Hindi

News18India
Updated: December 26, 2018, 3:01 PM IST
क्या केजरीवाल सरकार दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए संजीदा है ?
दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल punjab

मंगलवार को दिन भर पूरी दिल्ली का औसत AQI भी 400 के पार यानी ख़तरनाक स्तर से ऊपर बना रहा. नौबत ये है कि दिल्ली में ऑड ईवन दोबारा लागू किया जा सकता जिसका इशारा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किया है.

  • News18India
  • Last Updated: December 26, 2018, 3:01 PM IST
  • Share this:
दिल्ली की हवा में ख़तरनाक स्तर तक पहुंच गया है. आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चाल सालों में दिसम्बर का महीना दिल्ली वालों के लिए इतना ज़हरीला पहले कभी नहीं रहा. मंगलवार को दिन भर पूरी दिल्ली का औसत AQI भी 400 के पार यानी ख़तरनाक स्तर से ऊपर बना रहा. नौबत ये है कि दिल्ली में ऑड ईवन दोबारा लागू किया जा सकता है जिसका इशारा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किया.

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का कहना है की अगर इसकी जरूरत पड़ी तो हम जरूर करेंगे. पिछली बार जब ऑड इवन लागू हुआ था तब दिल्ली का प्रदूषण इतने ख़तरनाक स्तर पर नहीं पहुंचा था. लेकिन अब तो हेल्थ एमरजेंसी जैसे हालात हैं. इसलिए सख़्त क़दम उठाने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है.

क्या दिल्ली सरकार प्रदूषण से निपटने  के लिए संजीदा है ?



दिल्ली सरकार दावा कर रही है कि प्रदूषण से निपटने के लिए कई क़दम उठाए गए हैं लेकिन जिन क़दमों का ज़िक्र ख़ुद दिल्ली सरकार कर रही है, उनमें सरकार की कमी ज़्यादा दिखाई देती हैं. मसलन दिल्ली सरकार दावा कर रही है तीन हज़ार बसें ख़रीदी जाएंगी, लेकिन दूसरा पहलू ये भी है कि पिछले पांच साल में DTC की एक भी नई बस नहीं ख़रीदी गई.



दिल्ली सरकार दावा कर रही है कि प्रदूषण से निपटने के लिए मेट्रो के चौथे चरण को मंज़ूरी दी गई है, लेकिन सच ये भी है कि चौथे चरण का काम दिल्ली सरकार की मंज़ूरी न मिलने की वजह से क़रीब एक साल लेट हो गया.

दिल्ली सरकार का दावा है कि हज़ारों पौधे लगाए गए हैं, लेकिन पौधों को पेड़ बनने में कई साल तक उन्हें सींचने की ज़रूरत होती है. जब पौधे 2018 में लगाए गए हैं, तो उन्हें पेड़ बनने के लिए कम-अस-कम 2023 का इंतज़ार करना होगा.

प्रदूषण के ख़तरनाक स्तर पर पहुंचते ही दिल्ली में उद्योगों को बंद किया जाता है लेकिन प्रदूषण को रोकने के लिए उद्योगों का कोई पक्का समाधान नहीं ढूंढा गया.

वहीं दिल्ली में गाड़ियों की गिनती सीमित रखने के लिए या डीज़ल की गाड़ियों की बिक्री रोकने के लिए भी कोई क़दम नहीं उठाया गया.

ऑड इवन में क्या है कानूनी अड़चन ?

इससे पहले दिल्ली में ऑड इवन 2016 में लागू किया गया था. पिछले साल क़ानूनी अड़चनों की वजह से ऑड ईवन लागू नहीं किया जा सका. इस बार अगर दिल्ली सरकार ऑड इवन लागू करती है, तो वो पहले से कहीं ज़्यादा मुसीबत बढ़ाने वाला होगा.

क्योंकि पिछले साल NGT ने दो टूक कहा था कि अगर ऑड ईवन लागू किया जाता है, तो उसमें ना तो महिलाओं को छूट मिले और ना ही दुपहिया गाड़ियों कोNGT ने तो दिल्ली सरकार से जजों और VIP लोगों तक को छूट ना देने के लिए कहा था लेकिन महिलाओं और दुपहिया गाड़ियों को छूट देने के लिए दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने भी NGT के आदेश में कोई बदलाव नहीं किया और ऑड ईवन में छूट ना देने के आदेश को बरकरार रखा. जब सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली, तो तमाम तैयारियां पूरी करने के बावजूद, दिल्ली सरकार ने 2017 में ऑड ईवन लागू करने का फ़ैसला ही टाल दिया था. इसलिए साफ़ है कि अब अगर सरकार ने ऑड ईवन लागू किया, तो ना महिलाओं को छूट मिलेगी और ना ही मोटरसाइकिल या स्कूटर चलाने वाले लोगों को छूट मिलेगी.

 
First published: December 26, 2018, 2:31 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading