श्मशान घाट में लाशों के लिए जगह नहीं, बच्चे भी संक्रमित; कोरोना से बद से बदतर हो रहे दिल्ली के हालात

दिल्‍ली में बुधवार को कोरोना के 17,282 नए मामले दर्ज किए गए. . (पीटीआई फाइल फोटो)

दिल्‍ली में बुधवार को कोरोना के 17,282 नए मामले दर्ज किए गए. . (पीटीआई फाइल फोटो)

दिल्‍ली (Delhi) में बुधवार को कोरोना (Corona) के 17,282 नए मामले दर्ज किए गए जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. इस दौरान 100 से अधिक लोगों की मौत भी हुई. रोगियों की बढ़ती संख्‍या के चलते अब स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं पर असर पड़ना शुरू हो गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 15, 2021, 12:23 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्‍ली (Delhi) में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कोरोना के बढ़ते संक्रमण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजधानी दिल्‍ली में कोरोना के नए केस ने अभी तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. दिल्‍ली में बुधवार को कोरोना के 17,282 नए मामले दर्ज किए गए जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. इस दौरान 100 से अधिक लोगों की मौत भी हुई. राजधानी दिल्‍ली के हालात ये हैं कि श्मशान घाट में लाशों के लिए जगह नहीं है. अंतिम संस्कार के लिए 20 से 25 घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है. इस बार कोरोना का असर बच्‍चों में काफी पड़ रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रोगियों की बढ़ती संख्‍या के चलते अब स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं पर असर पड़ना शुरू हो गया है. सार्वजनिक और निजी दोनों ही बड़े अस्‍पतालों में आईसीयू बेड उपलब्‍ध नहीं हैं. एम्‍स के एक वरिष्‍ठ डॉक्‍टर ने बताया कि कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिसके कारण स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है. एम्‍स के डॉक्‍टर के मुताबिक अगर कोरोना का संक्रमण इसी तेजी से आगे बढ़ा तो दिल्‍ली का स्‍वास्‍थ्‍य ढांचा ढह सकता है.



राष्ट्रीय राजधानी में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज उपराज्यपाल अनिल बैजल के साथ एक बैठक करने वाले हैं. इस बैठक में वायरस के प्रसार को रोकने के उपायों पर चर्चा होने की उम्मीद है. स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविद -19 मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं और इसमें किसी तरह की कमी होती नहीं दिख रही है.
दिल्ली में वर्तमान में 50,736 सक्रिय मामले हैं, जिनमें से लगभग आधे घर में क्‍वारंटाइन हैं जबकि आधे मरीजों का इलाज राजधानी के अलग अलग अस्‍पतालों में हो रहा है.

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स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि एम्‍स के ट्रामा सेंटर को पूरी तरह से खोला गया है और हमने बर्न वार्ड में नया कोविड वॉर्ड शुरू किया है. कोरेाना के बढ़ते मामलों के बाद ये आधा से ज्‍यादाभर चुका है.



हालात को देखते हुए हमने कुछ और बेड जोड़ने की योजना तैयार की है. हमारी कोशिश है कि 45 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को जिन्‍हें भी गंभीर लक्षण दिख रहे हैं उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती किया जाए. बता दें कि दिल्ली का सफदरजंग अस्पताल में वेंटिलेटर बेड पूरी तरह से भर चुके हैं. सर गंगा राम, होली फैमिली, बत्रा और मनिपाल सहित निजी अस्पतालों में अब कोई वेंटिलेटर बेड उपलब्ध नहीं हैं.
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