दिल्ली के पॉश इलाके बने कोरोना के हॉट स्पॉट, वसंत कुंज, पीतमपुरा और जीके टॉप थ्री पर

दिल्ली के पॉश इलाकों में सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज मिल रहे हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

दिल्ली (Delhi) में कोरोना (Corona) संक्रमण तेजी से फैल रहा है. राजधानी में रोज साढ़े 3 हजार से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं. दिल्ली के पॉश इलाके (Posh Areas ) कोरोना का के हॉट स्पॉट बनते जा रहे हैं.

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    नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली (Delhi) में बहुत तेजी से कोरोना (Corona) का संक्रमण फैल रहा है. आलम यह है कि रोज साढ़े 3 हजार से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं. इसी के चलते कंटेनमेंट जोन की पॉलिसी में भी बदलाव किए गए हैं. माइक्रो कैंटोनमेंट बनाए गए हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण कि अगर बात करें तो इस बार पॉश इलाके या वो जगह हैं जहां पर मिडिल क्लास परिवार रहते हैं, उसमें संक्रमण सबसे ज्यादा देखा जा रहा है.इन जगहों पर संक्रमण रोकने के लिए अधिक से अधिक कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं. इस स्ट्रैटिजी की वजह से यहां कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और होम आइसोलेशन को प्रभावी बनाया जा रहा है.

    पॉश इलाकों में ज़्यादा हॉटस्पॉट आ रहे सामने

    कोरोना कि इस बार चौथी लहर है. दिल्ली के पॉश इलाक़ों में इस बार कोरोना के ज़्यादा मामले नज़र आ रहे हैं. इसलिये कंटेनमेंट जोन वहां पर ज़्यादा बनाये जा रहे हैं. दो से ज़्यादा मामले सामने आने पर उस जगह को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाकर उसे कंटेन किया जाता है, ताकि और लोगों में ना फैल सके. अलग-अलग चीजें अलग-अलग एक्सपर्ट बता रहे हैं. सबसे पहले, पिछले साल सबसे ज़्यादा कंजेस्टेड एरिया में मामले सामने आ रहे थे. आइए एक नजर डालते हैं इन आकंड़ों पर...

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    दिल्ली के ये आंकड़े डराने वाले हैं


    यदि बात करें हॉटस्पॉट की तो रिपोर्ट के अनुसार सबसे बड़ा कोरोना हॉटस्पॉट इस समय वसंत कुंज है. यहां पर एक्टिव कंटेनमेंट जोन की संख्या 58 है. दूसरे नंबर पर पीतमपुरा और तीसरे नंबर पर 57 जीके 1 और 2 हैं. यहां पर कंटेनमेंट जोन की संख्या 51 है. द्वारका इस मामले में चौथे स्थान पर है, जहां 50 कंटेनमेंट जोन हैं. इसके अलावा रोहिणी में 46, पश्चिम विहार में 37, वसंत विहार में 35, मुखर्जी नगर में 33, आरकेपुरम में 29, लाजपत नगर में 26, अशोक विहार और राजौरी गार्डन में 23-23, पंजाबी बाग और उत्तम नगर में 21-21, जनकपुरी और नारायणा विहार में 20-20, पंचशील में 19, सीआर पार्क, सफदरजंग एंक्लेव और मालवीय नगर में 18-18, ग्रीन पार्क में 17,शालीमार बाग 16 और महरौली, विकासपुरी और जंगपुरा में 15-15 कंटेनमेंट जोन एक्टिव है. यानी आंकड़ों की मानें तो मामले सबसे ज़्यादा दक्षिणी दिल्ली में सामने आ रहे हैं और उसमें भी पॉश इलाकों में ज़िले के हिसाब से बात करें तो कुल कंटेनमेंट ज़ोन की संख्या 3090 तक पंहुच गई है.


    सबसे ज़्यादा कंटेनमेंट जोन साउथ दिल्ली में


    सबसे ज़्यादा साउथ दिल्ली में 760 जोन बनाये गये हैं. नार्थ दिल्ली में 420 कंटेनमेंट ज़ोन अब तक बनाये जा चुके हैं, जबकि सबसे कम नार्थ ईस्ट जिले में 85 कंटेनमेंट जोन बनाये गये है. इन मामलों के बढ़ने का सीधा कारण लोगों की लापरवाही लगती है. बाजारों में सोशल डिस्टेंस को मेंटेन नहीं किया जा रहा है और ना ही लोग मास्क पहनकर निकलते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके कारण दूसरे भी हो सकते हैं. यानी सीधे तौर पर लोगों की बढ़ती लापरवाही और उस पर सोशल डिस्टेंस और कोरोना के नियमों का पालन न होने के चलते इस बार दिल्ली के पॉश इलाके हॉट स्पॉट बने हुए हैं.