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COVID-19: आईटीबीपी के पीपीई की देश में बढ़ी मांग, उत्‍पादन दोगुना करने पर बल रहा है विचार

आईटीबीपी कई संस्‍थानों को नि:शुल्‍क पीपीई और मास्‍क उपलब्‍ध करा रही है.
आईटीबीपी कई संस्‍थानों को नि:शुल्‍क पीपीई और मास्‍क उपलब्‍ध करा रही है.

आईटीबीपी (ITBP) की सबोली स्थित सप्लाई एण्‍ड सपोर्ट बटालियन में रोजाना 200 पीपीई (PPE) और 500 मास्क (Mask) बनाये जा रहे है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 18, 2020, 10:10 AM IST
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नई दिल्ली. भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) द्वारा निर्मित की गई पीपीई और मास्क की मांग पूरे देश में हो रही है. इस मांग की मूल वजह आईटीबीपी (ITBP) द्वारा बनाए गए पीपीई और मास्‍क (Mask) की गुणवत्‍ता और बेहद कम कीमत है. पीपीई (PPE) उपलब्‍ध कराने के लिए अब तक आईटीबीपी से कई राज्यों के प्रमुख संगठनों और स्वयंसेवी संस्थानों ने संपर्क किया है.

आईटीबीपी के प्रवक्‍ता विवेक कुमार पांडेय के अनुसार, पीपीई और मास्‍क का निर्माण बल की जरूरतों को पूरा करने के लिए शुरू किया था. आईटीबीपी ने प्रारंभिक चरण में यह किट और मास्‍क उसके केंद्रो पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और बल के स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं में लगे कर्मियों को उपलब्‍ध कराया था. इस किट की बेहतर गुणवत्ता और कम दरों के कारण इनकी मांग देश के कई इलाकों से होने लगी है.

पीपीई और मास्‍क का उत्‍पादन होगा दोगुना
उन्‍होंने बताया कि अब आईटीबीपी पीपीई और मास्‍क के प्रत्येक दिन की निर्माण क्षमता में बढ़ोत्तरी करके इसे दोगुना करने पर विचार कर रही है. अभी तक आईटीबीपी की सबोली स्थित सप्लाई एण्‍ड सपोर्ट बटालियन में रोजाना 200 पीपीई और 500 मास्क बनाये जा रहे थे, जिसे अब दोगुना करने की कवायद शुरू कर दी गई है. जल्‍द ही, आईटीबीपी द्वारा तैयार की गई पीपीई किट जरूरत के अनुसार दूसरी एजेंसियों को भी उपलब्‍ध कराई जाएंगी.
कई राज्‍यों से आई पीपीई आपूर्ति की मांग


अब तक आईटीबीपी ने अर्बन लोकल बॉडी हरियाणा, रोहतक पीजी डेंटल कॉलेज, और रोहणी सेक्‍टर तीन स्थित सर्वोदय स्कूल को पीपीई और मास्क निःशुल्क उपलब्‍ध कराए गए हैं. बल के समक्ष गुजरात, पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से पीपीई उपलब्ध कराने की मांग आई है. सोशल मीडिया हैंडल्‍स के जरिए भी पीपीई की आपूर्ति के लिए बल से विभिन्‍न संगठन संपर्क कर रहे हैं.

हावा भी कर रही है मास्‍क निर्माण में सहयोग
बल के परिवारों के संगठन ‘हिमवीर वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (हावा)’ ने भी पीपीई और मास्क के निर्माण में योगदान किया है. बल परिवारों की महिलाओं ने अपने घरों से ही सैकड़ों मास्क बनाने का काम ज़ारी रखा है. अब तक ये लोग 1000 मास्क बना चुकी हैं.

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