दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों में ICU बेड की बढ़ी मांग, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कही ये बात

दिल्ली में कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं ऐसे में निजी अस्पतालों में आईसीयू बेड की मांग बढ़ गई है.
दिल्ली में कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं ऐसे में निजी अस्पतालों में आईसीयू बेड की मांग बढ़ गई है.

दिल्ली (Delhi) में कोरोना (Corona) के बढ़ते मामलों के साथ अस्पताल में आईसीयू बेड्स (ICU Beds) की किल्लत शुरू हो गई है. ये किल्लत सरकारी अस्पतालों (Government Hospitals) के मुकाबले प्राइवेट अस्पतालों में ज्यादा है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Health Minister Satyendra Jain) ने बेड्स की किल्लत के लिए बाहरी मरीजों को जिम्मेदार ठहराया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 10:02 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली में एक बार फिर कोरोना (Corona) के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है. हालात ये है कि अब लोगों को ICU बेड की जरूरत ज्यादा है. इस बीच चिंता की बात यह है कि दिल्ली (Delhi) के सभी प्राइवेट अस्पतालों (Private Hospitals) में ICU बेड भर चुके हैं. इन अस्पतालों में एक भी ICU बेड खाली नहीं हैं. अस्पतालों में ICU बेड की भारी कमी की वजह से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है.

बेड की इस कमी के लिये दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बाहरी मरीजों को जिम्मेदार बताया है. सत्येन्द्र जैन ने कहा कि बाहरी मरीजों को सबसे ज्यादा ICU बेड की जरूरत पड़ रही है. इसलिए दिल्ली के अस्पतालों में बेड तेजी से भर रहे हैं. दिल्ली सरकार द्वारा आम लोगों को बेड की जानकारी मिल सके इसके लिये एक दिल्ली कोरोना एप तैयार किया गया है, जिस पर सभी प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों को अपने बेड की पूरी जानकारी देनी होती है. इस एप पर दिल्ली के 5 बड़े प्राइवेट अस्पतालों में ICU बेड से जुड़े आंकड़ों ऐसे दिख रहे हैं...

>>Max साकेत अस्पताल में 20 ICU बेड हैं, जिसमें एक भी बेड खाली नहीं है.
>>सर गंगाराम अस्पताल में 103 ICU बेड हैं, जिसमें से अब एक भी खाली नहीं है.
>> इन्द्रप्रस्थ अपोलो में 64 ICU बेड हैं, जिसमें से एक भी खाली नहीं है.


>>फोर्टिस एस्कोर्ट अस्पताल में 26 ICU बेड हैं, जिसमे से एक भी खाली नहीं है.
>>BLK अस्पताल में 49 ICU बेड हैं, जिसमें सिर्फ अभी 3 खाली हैं.

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प्राइवेट अस्पताल में जहां आईसीयू बेड्स के लिए मारामारी है वहीं दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में हालात बिल्कुल अलग हैं. दिल्ली के बड़े सरकारी अस्पतालों की बात करें तो...

>> LNJP अस्पताल में आईसीयू के 130 बेड हैं जिनमें 24 खाली हैं.
>> राजीव गांधी अस्पताल 200 बेड हैं जिनमें 152 खाली हैं.
>> GTB में 40 बेड हैं जो सभी के सभी खाली पड़े हैं..

सरकारी अस्पतालों में क्यों खाली हैं बेड
अब सवाल यह उठता है कि सरकारी अस्पतालों में बेड्स खाली होने के पीछे कहीं उनके प्रति लोगों में भरोसे की कमी तो नहीं. हालाकि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री इसके लिए अलग- अलग वजह बता रहे हैं. सत्येन्द्र जैन ने कहा कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में अभी भी 1000 ICU बेड खाली पड़े हैं. सत्येन्द्र जैन ने यह भी कहा कि अब सरकार ज्यादा से ज्यादा बेड बढ़ाने की तैयारी में है.

स्वास्थ्य मंत्री भले ही बाहरी मरीजों पर प्राइवेट अस्पतालों का रुख करने का आरोप लगा रहे हों, पर हकीकत यह भी है कि सरकारी अस्पतालों में बाहरी मरीजों को आसानी से दाखिला नहीं मिल पाता. अब सवाल ये है कि विपरीत परिस्थितियों से जूझ रहे मरीज आखिर जाएं तो जाएं कहां.
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