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    बजट विवाद: दिल्ली के कॉलेजों ने रखे 40-40 हजार के सिक्योरिटी गार्ड, ऑडिट में खुली पोल

    दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (फाइल फोटो)
    दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (फाइल फोटो)

    कॉलेजों (College) के पास अटेंडेस रजिस्टर भी नहीं था. ऐसे में इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि ऐसे एम्प्लॉई को सैलरी का फर्जी (Fraud) तरीके से भुगतान किया जा रहा हो.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 7, 2020, 10:05 AM IST
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    नई दिल्ली. दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के 5 कॉलेजों का हाल ही में ऑडिट (Audit) हुआ था. इस ऑडिट में खुलासा हुआ है कि यहां एक सिक्योरिटी गार्ड को 40 हजार रुपये वेतन का हर महीने भुगतान किया जा रहा था. जबकि सामान्य तौर पर एक गार्ड को 14 से 20 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है. कॉलेजों ने नए टीचर्स (Teachers) के नाम पर बजट लिया, लेकिन ऑडिट में उनकी हाजिरी रजिस्टर ही गायब मिला. गौरतलब रहे कि ऑडिट शुरु होने से पहले कॉलेज ऑडिट का विरोध कर रहे थे. साथ ही आरोप लगा रहे थे कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) उन्हें पूरा बजट नहीं दे रही है. यह ऑडिट, कोर्ट के आदेश पर हो रहा है.

    कॉलेजों में गड़बड़ी का डिप्टी सीएम सिसोदिया ने किया यह खुलासा

    डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के सात कॉलेजों में गंभीर वित्तीय अनियमितता हुई हैं. इनके पास करोड़ों रुपए सरप्लस रकम होने के बावजूद एफडी में रखकर शिक्षकों की सैलरी रोकी गई, जिससे राज्य सरकार को बदनाम कर सकें. मनीष सिसोदिया ने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर समुचित कानूनी कार्यवाई की तैयारी की जा रही है.



    दिल्ली सचिवालय में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इन कॉलेजों ने वित्तीय नियमों का उल्लंघन करके अनियमित तरीके से करोड़ों रुपयों का अवैध खर्च किया. सरकार से अनुमति लिए बगैर टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ के नाम पर मनमाने पोस्ट क्रिएट करके अवैध नियुक्तियां की. यहां तक कि ऐसे लोगों की अटेंडेंस का रिकॉर्ड तक नहीं दिखाया गया है.
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    लैपटॉप-कंप्यूटर खरीद में भी गड़गड़ी 

    सिसोदिया ने कहा कि लैपटॉप, कंप्यूटर, विभिन्न उपकरण तथा गाड़ियों की खरीद के नाम पर वित्तीय नियमों का उल्लंघन करते हुए काफी खर्चा किया गया. यहां तक कि सुरक्षा कर्मियों को 40,000 रुपए मासिक भुगतान के भी मामले सामने आए हैं, जबकि सामान्य तौर यह वेतन 14 से 20 हजार तक है

    5 कॉलेजों की वित्तीय गड़बड़ी करोड़ों रुपये में  

    दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज - 49.88 करोड़

    केशव महाविद्यालय - 29.84 करोड़

    शहीद सुखदेव कॉलेज - 16.52 करोड़

    भगिनी निवेदिता कॉलेज - 17.23 करोड़

    महर्षि वाल्मिकी कॉलेज - 10.64 करोड़


    कोर्ट का आदेश होने पर भी रोका गया ऑडिट


    सिसोदिया ने कहा कि जिन कॉलेजों को दिल्ली सरकार अनुदान देती है, वैसे सात कॉलेजों के ऑडिट की प्रक्रिया शुरू की गई थी. कॉलेजों ने सहयोग करने के बजाए ऑडिटर्स के काम में बाधा डाली तथा खाता बही दिखाने से इंकार कर दिया. अंतत: अदालत के आदेश पर कॉलेजों का ऑडिट हुआ है. लेकिन कोर्ट के आदेश बावजूद अदिती महाविद्यालय और लक्ष्मीबाई कॉलेज ने ऑडिट कराने से इंकार कर दिया. इससे पता चलता है कि इनकी दाल में कितना काला है.सिसोदिया ने कहा कि पांच कॉलेजों की ऑडिट रिपोर्ट से पता चलता है कि इन कॉलेजों के पास पर्याप्त राशि होने के बावजूद अवैध तरीके से खर्च करके शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन रोका गया तथा राज्य सरकार पर अनावश्यक आरोप लगाए गए.
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