डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा- नया बोर्ड केवल एग्जाम नहीं लेगा, पार्टनर ऑफ लर्निंग भी बनेगा

दिल्ली एजुकेशन बोर्ड में छात्रों का लगातार मूल्यांकन होगा.

दिल्ली एजुकेशन बोर्ड में छात्रों का लगातार मूल्यांकन होगा.

डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन में छात्रों का लगातार मूल्यांकन होगा. उनके रटने का नहीं बल्कि उनकी मानसिकता और समझ का मूल्यांकन होगा. हमें एक उद्यमशील मानसिकता रखने की आवश्यकता है चाहे हम नौकरी में शामिल हो रहे हों या रोजगार का सृजन कर रहे हों. बोर्ड केवल एग्जाम नहीं लेगा बल्कि पार्टनर ऑफ लर्निंग भी बनेगा.

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  • Last Updated: April 10, 2021, 11:34 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने कहा कि हमने दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (Delhi Board of School Education) की भी स्थापना की है जो हमारे छात्रों के माइंडसेट का आकलन करेगा. हम अपने बच्चों का परीक्षण और आकलन साल के अंत में 3 घंटे के परीक्षा के आधार पर करते हैं.

दिल्ली एजुकेशन बोर्ड (Delhi Education Board) में छात्रों का लगातार मूल्यांकन होगा जिसमें उनके रटने का नहीं बल्कि उनकी मानसिकता और समझ का मूल्यांकन होगा. उन्होंने कहा कि हमें एक उद्यमशील मानसिकता रखने की आवश्यकता है चाहे हम नौकरी में शामिल हो रहे हों या रोजगार का सृजन कर रहे हों. यह बोर्ड हमारे शिक्षकों की भी मदद करेगा, जो केवल एग्जाम नहीं लेगा बल्कि पार्टनर ऑफ लर्निंग भी बनेगा.

दरअसल, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने यह बातें अशोका विश्वविद्यालय द्वारा वर्चुअल आयोजित एंटरप्रेन्योरशिप एजुकेशन कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुये कही.

सिसोदिया ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कुछ विद्यार्थियों की कहानियां भी बताई जो ईएमसी से प्रेरणा लेकर बेहतर काम कर रहे है. एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम से दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के जीवन में बदलाव आया है.
स्कूल की अपनी दौरों की चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने कई छात्रों के साथ बातचीत की जिन्होंने अपने स्वयं के व्यवसाय शुरू करने के लिए सीडमनी का उपयोग किया है. मैं एक स्कूल में यह पूछने के लिए गया कि क्या ईएमसी ने उनकी मदद की है, एक छात्रा ने कहा कि ईएमसी कक्षाओं से सीखने के बाद वह मोबाइल रिपेयरिंग के काम के लिए ऑनलाइन मार्केटिंग सिस्टम बनाकर अपने पिता की मदद करने लगी थी.

एक अन्य छात्रा ने उद्यमी कृष्णा यादव से प्रेरित होकर अपनी माँ की दो फूड स्टॉल शुरू करने में मदद की.  एक छात्र ने यह भी कहा कि वे ब्लूटूथ स्पीकर बनाने के लिए सीडमनी का उपयोग करेंगे और आज वे अपने साथियों के साथ मिलकर बाजार से बहुत कम कीमत पर 'स्पीक टेक' नाम से स्पीकर बनाना शुरू कर दिया है. ये हमारे बच्चों की सफलता की कहानी है.

एंटरप्रेन्योर माइंडसेट विकसित करने की आवश्यकता पर चर्चा करते हुये सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने शिक्षा की नींव को ठीक करने के लिए स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई और अब शिक्षा को नींव बनाकर समाज की समस्याओं को खत्म करने का प्रयास कर रही हैं.



उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए अपने कुल बजट का 26% आवंटित किया और स्कूल के बुनियादी ढांचे को ठीक करके बुनियादी मानकों को निर्धारित किया. दिल्ली सरकार ने अपने शिक्षकों के प्रोफेशनल डेवेलपमेंट के लिए उन्हें हार्वर्ड और कैम्ब्रिज भेजना शुरू किया.

दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए 360 डिग्री का दृष्टिकोण अपनाया है जो बुनियादी ढाँचे, छात्रों व शिक्षकों के क्षमता निर्माण पर आधारित हैं. हमारे छात्रों ने अच्छे परिणाम प्राप्त किए है और कई स्कूलों में ऐसे छात्र थे जिन्होंने NEET, IIT  जैसी परीक्षा बिना किसी ट्यूशन के पास की.
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