लॉकडाउन के दौरान Online Class के लिए दिए थे पापा के डॉक्युमेंट्स, अब हर महीने 2000 रुपये की EMI कटने लगी

गाजियाबाद में ऑनलाइन क्लास के नाम पर दिए डॉक्युमेंट्स पर एक नामी फाइनेंस कंपनी ने लोन जारी कर दिया. (सांकेतिक तस्वीर)

गाजियाबाद में ऑनलाइन क्लास के नाम पर दिए डॉक्युमेंट्स पर एक नामी फाइनेंस कंपनी ने लोन जारी कर दिया. (सांकेतिक तस्वीर)

दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में ऑनलाइन क्लास (Online Class) के नाम पर ठगी (cheating) के हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. गाजियाबाद (Ghaziabad) में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें एक नामी फाइनेंस कंपनी (Finance Company) ने गलत तरीके से लोन (Loan) जारी कर दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2021, 6:57 PM IST
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गाजियाबाद. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में ऑनलाइन क्लास (Online Class) के नाम पर ठगी (Cheating) का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. गाजियाबाद (Ghaziabad) में एक नामी फाइनेंस कंपनी (Finance Company) ने ऑनलाइन क्लास के नाम पर लिए गए डॉक्युमेंट्स पर ही गलत तरीके से लोन (Loan) जारी कर दिया. दरअसल गाजियाबाद के रहने वाले दिलदार सिंह पेशे से किसान हैं. दिलदार सिंह के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान उनके एक बेटे के मोबाइल पर एक्स्ट्रा मार्क्स एजुकेशन ऐप से कुछ सवाल आने शुरू हो गए थे. बेटे ने जब उस ऐप पर चार-पांच बार जवाब भेजा तो उस कंपनी से एक कॉल आई. कॉल करने वाला शख्स ने कहा कि आपका लड़का टेस्ट पास कर लिया है इसलिए हमलोग कम खर्च पर उसको अच्छी पढ़ाई देंगे. इसके दो दिन बाद ही कंपनी के लोग घर आकर 35 हजार रुपये में 12वीं तक ऑनलाइन पढ़ाई की बात करने लगे.

एजुकेशन ऐप के नाम पर ऐसे हो रही है ठगी

किसान के मुताबिक शुरुआत में उन्होंने बच्चे की पढ़ाई के नाम पर 5 हजार रुपये तो दे दिए और इसके साथ-साथ एक फॉर्म पर भी साइन कर दिया. उन लोगों ने बैंक की अकाउंट की डिटेल, लेटेस्ट स्टेटमेंट के साथ आधार की फोटो कॉपी भी मांगी. शुरुआत में उन लोगों ने कहा कि आपके बच्चे का ट्रायल क्लास होगा. अगर ट्रायल क्लास में समझ में नहीं आया तो आप इसे बीच में ही रोक सकते हैं. मेरे बच्चे को उनका ट्रायल क्लास पसंद नहीं आया और उसने क्लास करने से इनकार कर दिया. पहले तो इस बात को लेकर ही कंपनी वालों से बहस हुई फिर वे लोग भी मान गए.

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मसूरी थाने में एकस्ट्रा मार्क्स एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड और बजाज फाइनैंस कौशांबी ब्रांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

कई महीने बाद EMI कटने की खबर मिली

काफी दिनों के बाद दिलदार सिंह किसी काम से बैंक गए तो पता चला कि हर महीने उनके खाते से 2 हजार रुपये कट रहे हैं. बैंक ने बताया कि यह ईएमआई बजाज फाइनेंस को जा रही है. जब बजाज फाइनेंस के ब्रांच में पता किया तो पता चला कि दिलदार सिंह के नाम पर 11 मार्च को 50 हजार रुपये और 13 मार्च को 30 हजार का लोन लिया गया.

ऑनलाइन एजुकेशन के नाम पर डॉक्युमेंट्स लिए



दिलदार सिंह के मुताबिक यह तारीख एजुकेशन कंपनी को डॉक्युमेंट्स देने के 4 दिन की बाद की थी. दिलदार सिंह ने कंपनी को बताया कि उनके खाते में इस तरह की कोई रकम नहीं आई है, लेकिन कंपनी सुनने को तैयार नहीं थी. दिलदार सिंह इसको लेकर गाजियाबाद पुलिस को भी लिखित शिकायत दी, लेकिन काफी दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो दिलदार सिंह को कोर्ट जाना पड़ा.

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दिलदार सिंह इसको लेकर गाजियाबाद पुलिस को भी लिखित शिकायत दी


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आखिरकार शुक्रवार को कोर्ट के आदेश के बाद गाजियाबाद के मसूरी थाने में एकस्ट्रा मार्क्स एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड और बजाज फाइनैंस कौशांबी ब्रांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. इसलिए अगर आप बिना किसी पहचान और पूरी जानकारी के अपना डॉक्युमेंट्स दूसरे शख्स को देते हैं तो आपको भी दिलदार सिंह जैसी परेशानी झेलनी पड़ सकती है. डॉक्युमेंट्स की जरूरत जहां भी हो उसे खुद ही लेकर जाएं और अपने सामने ही जमा कराएं.
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