COVID-19 वैक्सीन मिलने तक दिल्ली में स्कूल री-ओपन करना मुश्किल: मनीष सिसोदिया

दिल्ली में स्कूलों को लेकर उपमुख्यमंत्री ने बड़ा बयान दिया है. (फाइल फोटो)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में स्कूलों की स्थिति को लेकर सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) का कहना है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन मिलने तक दिल्ली में स्कूलों के दोबारा खुलने की संभावना काफी कम है.

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    दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) के बच्चों स्कूल खुलने का थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है. स्कूलों को लेकर उपमुख्यमंत्री ने एक बड़ा बयान दिया है. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) का कहना है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन मिलने तक दिल्ली में स्कूलों के दोबारा खुलने की संभावना काफी कम है. बता दें कि कोरोना के संक्रमण को कम करने के लिए पूरे देश में 16 मार्च से स्कूल और यूनिवर्सिटी को बंद करने का फैसला लिया गया था. दिल्ली के शिक्षा मंत्री की भी जिम्मेदार संभाल रहे मनीष सिसोदिया का कहना है कि जब तक कोरोना का टीका नहीं आ जाता दिल्ली में स्कूल खोला नहीं जा सकता.

    मनीष सिसोदिया ने  30 अक्टूबर को घोषणा की थी कि अगले आदेश तक स्कूल बंद रहेंगे. उनका कहना है कि हमें बच्चों के माता-पिता से काफी प्रतिक्रिया मिल रही है कि ऐसे समय में स्कूलों को खोला जाना चाहिए या नहीं. सिसोदिया का कहना है कि जिन इलाकों में स्कूलों को खोला गया है वहां बच्चों में कोरोना के काफी मामले सामने आए हैं. इसी के मद्देनजर सरकार ने तय किया है कि दिल्ली में फिलहाल स्कूल बंद ही रहेंगे.

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    दिल्ली में बढ़ रहे कोरोना के मामले

    कोरोना का कहर दिल्ली में आफत बनकर टूट रहा है. कोरोना से हुईं मौतों का सामने आया आंकड़ा खासा डराने वाला है. यह आंकड़ा अब तक हुईं सबसे ज़्यादा मौतों  का है. बीते 5 महीनों में से कोई भी एक महीना ऐसा नहीं है जिसमें ज़्यादा मौतें हुई हों, लेकिन नवंबर के 23 दिन में हुईं मौतों ने सभी 5 महीनों को पीछे छोड़ दिया है. वहीं बीते 4 दिनों से हर रोज़ दिल्ली में कोरोना के चलते 100 से ज़्यादा मौतें हो रही हैं. पिछले 24 घंटे में ही 121 मौत हो चुकी हैं.

    दिसंबर में और खराब हो सकते हैं हालात
    एक्सपर्ट की मानें तो दिसंबर में हालात और भी ज़्यादा बिगड़ सकते हैं, क्योंकि ठंड में कोरोना का प्रकोप और भी ज़्यादा ख़तरनाक साबित हो सकता है. मौत के इन लगातार बढ़ते आंकड़ों पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने अपने एक जवाब में कहा कि पराली के जलने से जो प्रदूषण हुआ था उसकी वजह से केस खराब हुए हैं, जो कोविड पीड़ित थे उनके केस काफी खराब हुए और इस वजह से डेथ रेट में इजाफा हुआ. पिछले तीन-चार दिन से प्रदूषण काफी कम है इसका प्रभाव देखने को मिलेगा और मौत कम होंगी.

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