दिवाली 2020 : चीनी सामान नहीं बेचेंगे दुकानदार, मेड इन इंडिया से सजेगा बाजार

इस बार व्यापारियों ने फैसला किया है कि वे दिवाली के मौके पर सिर्फ देश में बनी चीजें ही बेचेंगे. (फाइल फोटो)
इस बार व्यापारियों ने फैसला किया है कि वे दिवाली के मौके पर सिर्फ देश में बनी चीजें ही बेचेंगे. (फाइल फोटो)

कैट ने कहा है कि चीन के खिलाफ व्यापारियों के अलावा लोगों का गुस्सा बाजारों में भी देखने को मिलेगा. इस त्योहार में सिर्फ मेड इन इंडिया सामानों की बिक्री करने के लिए व्यापारियों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2020, 1:02 PM IST
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नई दिल्ली. इस वर्ष की दिवाली (Diwali) को व्यापारी हिन्दुस्तानी दिवाली के रूप में मनाने जा रहे है. व्यापारी संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAT) ने आगामी त्योहार को देखते हुए अपनी पूरी तैयारी कर ली है. देश का व्यापारी वर्ग चीन (China) को इस वर्ष दिवाली फेस्टिवल सीजन पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का एक बड़ा झटका देने जा रहा है. चीन के खिलाफ व्यापारियों के अलावा लोगों का गुस्सा बाजारों में भी देखने को मिलेगा. इस त्योहार में सिर्फ मेड इन इंडिया सामानों की बिक्री करने के लिए व्यापारियों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है.

त्योहारों में करीब 70 हजार करोड़ रुपये का होता है कारोबार

नई ड्रेस लेनी हो या फुटवेयर, सजावटी सामान लेने हों या घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान - त्योहारों में लोग दिल खोल कर खरीदारी करते हैं. एक अनुमान के मुताबिक, प्रति वर्ष देश में सिर्फ दिवाली के मौके पर करीब 70 हजार करोड़ का व्यापार होता है. दीवाली और धनतेरस में लोग सोना-चांदी और इससे बने आभूषण, ऑटोमोबाइल जैसे महंगे सामान लेना भी शुभ मानते हैं. इनमें से करीब 70 फीसदी यानी 40 हजार करोड़ रुपये का आयात सिर्फ चीन से होता है. गौरतलब है कि जून में लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे.



त्योहारी सीजन को देखते हुए व्यापारियों ने की है ये तैयारी
इस बार त्योहार में भारतीय व्यापारी कुछ खास तैयारी कर रहे हैं. व्यापारियों ने इस बार चीन से वस्तुएं आयात कर बेचने के बजाय देश में निर्मित सामानों की बिक्री करने का संकल्प लिया है. कैट ने चीन के सामानों के विकल्प के रूप में तैयारी बहुत पहले शुरू कर दी थी. देश भर में लघु उद्योगों की जानकारी इकट्ठा कर बहुत पहले ही सभी को सामान बनाने का आर्डर दे दिया गया था. इन औद्योगिक इकाइयों को अधिक उत्पाद बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित भी किया गया. इसके अलावा देश के प्रत्येक शहर में कारीगरों, शिल्पकारों और ऐसे लोग जिनके पास कला कौशल तो है लेकिन साधन नहीं है, उनसे संपर्क कर दिवाली त्योहार पर बिकने वाले उत्पाद बनवाएं गए.



दिवाली में सबसे ज्यादा इन सामानों की होती है बिक्री

मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक एवं इलेक्ट्रिकल सामान, खिलौने, होम फर्निशिंग, किचेन एक्सेसरीज, गिफ्ट आइटम्स, घड़ियां, रेडीमेड गारमेंट्स, फैशन के कपड़े, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, फर्नीचर, एफएमसीजी प्रोडक्ट्स, कंस्यूमर ड्युरेबल्स, ऑफिस स्टेशनरी, दिवाली की पूजा और दिवाली पर घर, दुकान, ऑफिस सजाने का दिवाली का सामान लोग ज्यादा खरीदते हैं.
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