होम /न्यूज /दिल्ली-एनसीआर /

Yamuna River: यमुना सफाई अभ‍ियान में और तेजी लाएगी केजरीवाल सरकार, DJB अफसरों को द‍िए ये खास न‍िर्देश

Yamuna River: यमुना सफाई अभ‍ियान में और तेजी लाएगी केजरीवाल सरकार, DJB अफसरों को द‍िए ये खास न‍िर्देश

DJB अधिकारियों को सख्‍त न‍िर्देश द‍िए गए हैं क‍ि यमुना की साफ सफाई का काम तय समय सीमा के भीतर पूरा क‍िया जाए. (File Photo)

DJB अधिकारियों को सख्‍त न‍िर्देश द‍िए गए हैं क‍ि यमुना की साफ सफाई का काम तय समय सीमा के भीतर पूरा क‍िया जाए. (File Photo)

Delhi Yamuna River: द‍िल्‍ली सरकार यमुना नदी की सफाई को लेकर क‍िए जा रहे कार्यों में और तेजी लाएगी. इसको लेकर द‍िल्ली जल बोर्ड (DJB) के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bhardwaj) ने अहम र‍िव्‍यू मीट‍िंग की है. अधिकारियों को सख्‍त न‍िर्देश द‍िए गए हैं क‍ि यमुना की साफ सफाई का काम तय समय सीमा यानी 2025 तक लक्ष्‍य को पूरा कर ल‍िया जाए. 

अधिक पढ़ें ...

नई दिल्ली. यमुना नदी (Yamuna River) की सफाई को लेकर क‍िए जा रहे कार्यों में द‍िल्ली सरकार (Delhi Government) और तेजी लाने की तैयारी में हैं. इसको लेकर द‍िल्ली जल बोर्ड (DJB) के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bhardwaj) ने अहम र‍िव्‍यू मीट‍िंग भी की है. उन्‍होंने अधिकारियों को सख्‍त न‍िर्देश द‍िए गए हैं क‍ि यमुना की साफ सफाई का काम तय समय सीमा के भीतर पूरा क‍िया जाए. द‍िल्‍ली सरकार ने यमुना की सफाई के ल‍िए 2025 का लक्ष्‍य न‍िर्धार‍ित क‍िया हुआ है.

जल बोर्ड उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने यमुना नदी की सफाई के अलावा चौबीस घंटे जलापूर्ति, झीलों का कायाकल्प, विभिन्न तंत्रों से जल उत्पादन में वृद्धि, नलकूपों की स्थापना, सीवर कनेक्शन आद‍ि के मामलों को लेकर भी समीक्षा बैठक की. बैठक में दिल्ली में आरओ सिस्टम की स्थापना, जल प्रदूषण करने वाले उद्योगों पर कार्रवाई, जल उपचार क्षमता में वृद्धि, सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्रों की स्थिति, एसटीपी का निर्माण कार्य पूरा करना, सीवर की सफाई और सीवर नेटवर्क का निर्माण और पुनः विकास पर चर्चा हुई.

केजरीवाल सरकार ने ओखला में 16 एमजीडी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में केमिकल के जरिए पानी को ट्रीट करने की पहल की है. इस अनोखी तकनीक की मदद से ओखला एसटीपी में सीवर के पानी का बेहतर तरीके से ट्रीटमेंट किया जा रहा है. यही वजह है कि ओखला एसटीपी में पानी की गुणवत्ता में 82 फीसदी सुधार हुआ है.

सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट की वर्तमान क्षमता 632 एमजीडी है, जिसका उपचार 35 सीवेज उपचार संयंत्रों (STP) में किया जा रहा है. यमुना नदी में प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड की ओर से राष्ट्रीय राजधानी में अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछाने का काम कर रही है, ताकि यहां से निकालने वाले पूरे सीवेज को एकत्रित कर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाकर ट्रीट किया जा सके.

दिल्ली की सभी 1799 अनधिकृत कॉलोनियों में डीजेबी द्वारा सीवर लाइन बिछाई जाएगी. इनमें से 725 कॉलोनियों में पहले ही सीवर लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण हो चुका है. बाकी में विकास का कार्य विभिन्न चरणों में हो रहा है.

इसके अलावा 18 नालें जो यमुना में गिरते हैं, उसमें से 16 को एसटीपी के लिए डायवर्ट किया गया है. जहां पर गंदे पानी को शोधित किया जा रहा है. यहां से निकालने वाले पूरे सीवेज को एसटीपी तक पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से जगह-जगह 116 सीवेज पपिंग स्टेशन (एसपीएस) बनाए गए हैं. एसपीएस में लगे मोटर पंप के माध्यम से सीवेज को एसटीपी तक भेजा जाता है, जहां इसे ट्रीट कर आगे नालों में डाला जाता है.

2025 तक यमुना को साफ करना दिल्ली सरकार का लक्ष्य

दिल्ली सरकार ने यमुना नदी को अगले तीन साल में पूरा साफ करने का लक्ष्य रखा है. इसके तहत दिल्ली के 100 फीसदी घरों को भी सीवर लाइन से जोड़ने का प्लान है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फरवरी 2025 तक यमुना को साफ करने की जिम्मेदारी जल बोर्ड को दी है. यमुना को साफ करना ही मुख्य मकसद है.

यमुना क्लीनिंग सेल नए एसटीपी, डीएसटीपी का निर्माण, मौजूदा एसटीपी का 10/10 तक उन्नयन और क्षमता वृद्धि,अनधिकृत कालोनियों में सीवरेज नेटवर्क बिछाना,सेप्टेज प्रबंधन, ट्रंक/परिधीय सीवर लाइनों की गाद निकालना, पहले से अधिसूचित क्षेत्रों में सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराना, आइएसपी के तहत नालों की ट्रैपिंग, नालियों का इन-सीटू ट्रीटमेंट आदि कार्यों को कर रही हैं, ताकि दिल्ली के लोगों को कोई परेशानी न झेलनी पड़े. साथ ही जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सके. छोटे- छोटे नालों से सप्लीमेंट्री ड्रेन में आने वाले प्रदूषित पानी को इन-सीटू ट्रीट करने के बाद साफ पानी को यमुना में गिरने दिया जाएगा.

सभी कॉलोनियों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ने की तैयारी
दिल्ली सरकार सीवेज के पानी को सीधे नालियों में गिरने से रोकने के लिए सभी कॉलोनियों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ने की योजना बना रही है, जिससे आने वाले वर्षों में यमुना को साफ करने में मदद मिलेगी.

जेजे कॉलोनियों से निकलने वाले स्ट्रोम वाटर को ड्रेन की मदद से डीजेबी के सीवरेज सिस्टम में ट्रेप किया जाएगा जिससे अधिकांश बरसात के पानी का ड्रेनेज हो सके. अधिकांश को पहले ही इस व्यवस्था से जोड़ दिया गया है. शेष कार्य अक्टूबर 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा. बरसात के पानी को नालियों द्वारा ट्रेप करके सीवर में भेजा जा रहा है, जिससे उन्हें डीजेबी के सीवर सिस्टम से जोड़ा जा सके और जल का उपचार किया जा सके.

सीवरेज सिस्टम के ऐसे कुल 59 बिंदुओं में से 52 पर काम पहले ही पूरा हो चुका है. इसके अलावा शेष 7 पर अगस्त, 2022 के अंत तक पूरा हो जाएगा. कोंडली एसटीपी में गाद प्रबंधन संयंत्र जिसका निर्माण कार्य पहले से ही 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और शेष कार्य सितंबर, 2022 तक पूरा हो जाएगा. कोंडली संयंत्र में गंध नियंत्रण इकाइयों का निर्माण कार्य भी 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है. शेष कार्य भी जनवरी 2023 तक पूरा हो जाएगा.

एसटीपी के आस-पास झीलों का निर्माण किया जाएगा

झीलों और जलाशयों को मनोरंजक और सुरक्षित स्थल के तौर पर विकसित किया जा रहा है. दिल्ली में 299 जलाशय और 9 झीलों को विकसित किया जा रहा है. इनमें कई झीलों और जलाशयों को मनोरंजक और सुरक्षित स्थल के तौर पर विकसित किया जा रहा है. झीलों व जलाशयों के पुनर्जीवित होने से राजधानी की बायोडायवर्सिटी में भी सुधार होगा और साथ ही आसपास के भूजल स्तर में भी सुधार आएगा. इसके साथ ही ग्राउंडवाटर को रिचार्ज करने के लिए ओखला एसटीपी के पास छोटी-छोटी झीलें विकसित की जाएगी, ताकि पानी को एसटीपी से झीलों में छोड़ा जाएगा.

Tags: Delhi Government, Delhi news, STP, Yamuna River

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर