दिल्‍ली मेट्रो ट्रेनों में हो रहा है बड़ा बदलाव, इन रूटों के यात्रियों को मिलेगा भीड़ से छुटकारा

दिल्‍ली मेट्रो की ट्रेनों में इस साल के अंत तक खास बदलाव किया जा रहा है.

दिल्‍ली मेट्रो की ट्रेनों में इस साल के अंत तक खास बदलाव किया जा रहा है.

दिल्‍ली मेट्रो में बदलाव की यह प्रक्रिया इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है. जिसके बाद इन लाइनों पर चलने वाली सभी ट्रेनें 8-कोच की हो जायेंगी. जिससे इस लाइन पर कुल 8-कोच वाली ट्रेनों की संख्या 64 हो जाएगी.

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नई दिल्‍ली. कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के दौरान पहले से ही सोशल डिस्‍टेंसिंग और नियमों के पालन को लेकर सख्‍त दिल्‍ली मेट्रो में अब और बड़ा बदलाव होने जा रहा है. रेड, ब्‍लू और येलो लाइन की दिल्‍ली मेट्रो (Delhi Metro) की छह कोच (Six Coach) की मेट्रो ट्रेनों में अब दो-दो कोच और बढ़ाए जाएंगे और सभी को आठ-आठ कोच की ट्रेन (Eight Coach Metro Train) में बदल दिया जाएगा.

डीएमआरसी (DMRC) की ओर से सभी बची हुई छह कोच की ट्रेनों में अतिरिक्‍त कोच लगाने के लिए 120 कोच जोड़ने की व्‍यवस्‍था की गई है. दिल्ली मेट्रो की रेड (लाइन -1 यानी रिठाला से शहीद स्थल न्यू बस अडडा), येलो (लाइन -2 यानी  हुड्डा सिटी सेंटर से समयपुर बादली) व ब्लू  (अर्थात लाइन 3,4 यानि द्वारका सेक्टर-21 से नोएडा इलेक्ट्रॉनिक  सिटी / वैशाली) की ट्रेनों में 120 अतिरिक्त कोच जोड़कर 6-कोच वाली ट्रेनों के अपने शेष बेड़े को 8-कोच वाली ट्रेनों में परिवर्तित करने की योजना प्रगति पर है.

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस के कार्यकारी निदेशक के अनुसार मेट्रो में बदलाव की यह प्रक्रिया इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है. जिसके बाद इन लाइनों पर चलने वाली सभी ट्रेनें 8-कोच की हो जायेंगी. जिससे इस लाइन पर कुल 8-कोच वाली ट्रेनों की संख्या 64 हो जाएगी.

वहीं  इसके बाद ब्लू लाइन पर नौ 6-कोच और रेड लाइन पर उनचालीस (39) 6-कोच वाली ट्रेनों को इस साल के अंत तक 8-कोच वाली ट्रेनों में बदल दिया जाएगा, जिससे इन लाइनों पर कुल 8-कोच वाली ट्रेनों की संख्या क्रमशः 74 और 39 हो जाएगी. इन 120 कोचों में से 40 कोच बॉम्बार्डियर से और 80 कोच भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) से   खरीदे गए हैं.
दिल्‍ली मेट्रो की बढ़ेगी क्षमता 

गौरतलब है कि यह गतिविधि दिल्ली मेट्रो के तीन मुख्य कॉरिडोर यानी रेड (लाइन -1), ब्लू (लाइन -3 / 4) और येलो (लाइन -2) लाइन की वहन क्षमता को बढ़ाने के लिए की जा रही है, जो दिल्ली मेट्रो की कुल रोज़ाना यात्री उपयोगिता का लगभग 40-50% है.

उल्लेखनीय है कि इन लाइनों को शुरू में फेज- I के तहत चालू किया गया था, जिन्हें ब्रॉड गेज पर बनाया गया था, जिसमें 8-कोच तक की ट्रेनों का प्रावधान था. बाद में फेज-II और फेज-III के अंतर्गत निर्मित मेट्रो की शेष बची लाइनें यानी लाइन-5 से लाइन -9 को स्टैंडर्ड गेज पर बनाया गया है, जिसमें केवल 6-कोच तक की ट्रेनें चलाने का प्रावधान रखा गया.



फिलहाल दिल्ली मेट्रो के पास 336 ट्रेनों के सेट हैं, जिसमें 181 छह कोच वाली ट्रेनें, 133 आठ कोच वाली ट्रेनें और 22 चार कोच की ट्रेनें हैं.
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