डॉक्टर सुसाइड केस: विधायक प्रकाश जारवाल पर जल्द हो सकती है बड़ी कार्रवाई, पार्टी से निकाल सकती है AAP

AAP विधायक प्रकाश जारवाल की जमानत याचिका खारिज.
AAP विधायक प्रकाश जारवाल की जमानत याचिका खारिज.

साउथ दिल्ली के देवली विधानसभा से विधायक प्रकाश जारवाल (Prakash Jarwal) के खिलाफ जल्द ही आम आदमी पार्टी (AAP) एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे पार्टी से निलंबित या बर्खास्त कर सकती है.

  • Share this:
नई दिल्ली. साउथ दिल्ली के देवली विधानसभा से विधायक प्रकाश जारवाल (Prakash Jarwal) के खिलाफ जल्द ही आम आदमी पार्टी (AAP) एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे पार्टी से निलंबित या बर्खास्त कर सकती है. आम आदमी पार्टी मुख्यालय के एक वरिष्ठ सूत्रों ने इस खबर की पुष्टि की है. डॉक्टर सुसाइड केस में नेब सराय थाना पुलिस प्रकाश जारवाल और उसके सहयोगी कपिल नागर को गिरफ्तार कर चुकी है. फिवहाल वह तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं.

क्या है मामला
दरअसल, देवली विधानसभा इलाके में रहने वाले एक डॉक्टर ने पिछले महीने ही आत्महत्या कर ली थी. आत्महत्या करने से पहले डॉ राजेंद्र ने एक सुसाइड नोट लिखा था और विधायक प्रकाश के खिलाफ बड़ा आरोप लगाते हुए अपनी मौत का जिम्मेदार विधायक और उसके बेहद करीबी सहयोगी कपिल नागर को ठहराया था. उन्होंने अपने सुसाइड नोट में इस बात का भी जिक्र किया था कि विधानसभा चुनाव के पहले ही वो पानी टैंकर चलवाने के बदले लाखों रुपये उसके साथ कई लोगों से ले चुका था. उसके वावजूद फिर वो लाखों रुपया मांग रहा था. जिसके चलते डॉक्टर काफी मानसिक तौर पर परेशान था.

खानपुर, देवली, संगम विहार, अंबेडकर नगर आदि इलाकों में सालों भर पानी की समस्याओं से लोगों को जूझना पड़ता है. इसी के आड़ में पानी माफियाओं का राजनीतिक दलों से वास्ता रखने वाले नेताओं के साथ सांठगांठ के आधार पर काला कारोबार चलता है. इसके बदले लाखों-करोड़ों रुपये की अवैध वसूली होती है. प्रकाश जारवल पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भरोसा करते हुए विधायक होने के साथ-साथ उसे दिल्ली जल बोर्ड का चेयरमैन भी बनाया था, जिससे इस इलाके में पानी की समस्या का समाधान हो सके. लेकिन इसी के आड़ में लाखों -करोड़ों रुपये की वसूली का काम इस इलाके में पिछले कई सालों से चला रहा था.
विधायक का आगे क्या होगा?


साउथ दिल्ली पुलिस इस मामले की तफ्तीश कर रही है. दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि प्रकाश जारवाल का मामला अब जल्द ही केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी को भी सौंपा जा सकता है क्योंकि दिल्ली पुलिस की टीम को शुरुआती तफ्तीश में इस बात की जानकारी मिली है कि प्रकाश और उसके सहयोगी कपिल नागर ने पिछले करीब पांच सालों में कई अवैध संपत्तियों को जमा किया है.

ये भी पढ़ें-

ऐड में सिक्किम को अलग देश बताने पर दिल्ली सरकार की फजीहत, अफसर सस्पेंड

Delhi Covid-19 Update: 24 घंटों में नहीं हुई कोई मौत, मिले 591 पॉजिटिव केस
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज