दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण पर डॉक्टर बोले- इस तरह के मास्क पहनने से होगा बचाव

दिल्ली में प्रदूषण के चलते डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चों के लिहाज से स्कूल बंद कर दिए जाएं. (Demo Pic)

इंडियन मेडिकल ऐसोसिएशन (IMA) के डॉक्टरों ने दिल्ली और एनसीआर के वातावरण (Pollution in Delhi NCR) में स्मॉग और प्रदूषण को देखते हुए लोगों को खास तरह के मास्क पहनने की सलाह दी है.

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नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) इन दिनों मानो गैस चैंबर बन गया है. पूरे एनसीआर पर स्मॉग (Smog) की घनी चादर छाई हुई है. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) से लेकर हरियाणा (Haryana) के गुरुग्राम (Gurugram) और सिरसा (Sirsa) तक हवा की गुणवत्ता बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है. दिल्ली से सटा गाजियाबाद (Ghaziabad) देश का सबसे प्रदूषित (Pollution) शहर बन गया है. हालांकि शनिवार शाम को दिल्‍ली-एनसीआर के कई हिस्‍सों में भारी बारिश (Rain) हुई है. साथ ही तेज हवाएं भी चलीं. इससे वायु प्रदूषण और स्‍मॉग से थोड़ी राहत जरूर मिलने की संभावना है.

सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकॉस्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर पश्चिम से दिल्ली पहुंच रही हवाओं से दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा सबसे ज्यादा करीब 35 फीसदी पहुंच गया है. इसे देखते हुए इंडियन मेडिकल ऐसोसिएशन (IMA) के डॉक्टरों ने इस मौसम में लोगों को खास तरह के मास्क पहनने की सलाह दी है.

इस प्रदूषण में N99 नहीं N95 करेगा बचाव
प्रदूषण सीवियर कैटेगोरी में है. ऐसे में मास्क जरूरी है. आईएमए के जॉइंट सेक्रेटरी डॉक्टर अनिल गोयल बताते हैं कि हवा को प्रदूषित करने वाले कारक कई तरह के होते हैं. इसलिए जरूरी हो जाता है कि उससे बचाव के लिए मास्क भी उसी तरह का पहना जाए. अभी आम तौर पर सिजेरियन, N99 और N95 मास्क चलन में है. जिस तरह अभी पॉल्युशन है और उसमें पार्टिकुलेट होते हैं. उसे देखते हुए N95 बेहतर है. इसमे फिल्टर लगा है. N99 मल्टी लेयर मास्क होता है और उसमें एक्टिवेटेड कॉर्बन होते हैं जो फिल्टर करते 2.5 पार्टिकुलेट को रोकता है.

बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है ये प्रदूषण
डॉक्टर अनिल गोयल का कहना है कि स्कूली बच्चों के लिए इस वक्त प्रदूषण बेहद खतरनाक है. इसे देखते हुए दिल्ली में हेल्थ इमरजेंसी है. स्कूल बंद कर देने चाहिए और दफ्तरों के टाइमिंग बदल दिए जाने चाहिए. संभव हो तो ऑफिस के कुछ काम कर से ही कराए जाने चाहिए. हालांकि प्रदूषण को देखते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार सरकारी और निजी स्कूलों के छात्रों के बीच 50 लाख एन-95 मास्क बांटेगी.

अरविंद केजरीवाल ने प्रदूषण से बचाव के लिए दिल्ली में पचास लाख एन-95 मास्क बांटने का ऐलान किया है (फाइल फोटो)


वहीं नोएडा में भी प्रदूषण का स्तर इस वक्त काफी ज्यादा बढ़ा हुआ है. सीपीसीबी के मुताबिक पूरे देशभर में छठा सबसे प्रदूषित शहर नोएडा है. नोएडा में सुबह नौ बजे के वक्त पीएम 2.5 का स्तर 450 के आसपास बना हुआ है. स्मॉग की वजह से विजिविलिटी भी बेहद कम हो गई है.

शरीर पर प्रदूषण से यह हो सकता है असर
- आंख, फेफड़े, नर्वस सिस्टम, सिर दर्द और त्वचा प्रभावित हो सकती है

- डायरिया की बीमारी हो सकती है.

- वातावरण में मौजूद हानिकारक तत्व सांस के जरिए शरीर में पहुंच जाते हैं, ये खून में मिलकर लोगों को रोगी बना सकते हैं.

डॉक्टरों की सलाह
- सुबह और देर शाम टहलने जाने से बचें. यदि सुबह वॉक के लिए निकलना ही है तो कुछ खाकर निकलें. खाली पेट टहलने से परहेज बरतें.

- पार्क में ओस देखने के बाद ही वहां टहलें. ओस की वजह से प्रदूषण की एक लेयर साफ हो जाती है.

- घर से बाहर निकलते वक्त मुंह और नाक पर मास्क लगाकर निकलें.

- खाने में स्वास्थ्यवर्धक भोज्य पदार्थ लें और खूब पानी पीएं, इससे शरीर को हानि पहुंचाने वाले प्रदूषित तत्व शरीर से निकल जाएंगे.

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