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doctors at delhi hospital save life of woman with rare pulmonary disorder

दिल्ली के डॉक्टरों ने लड़की की जान बचाकर किया 'चमत्कार', 10 लाख में केवल 1 को होती है यह बीमारी

प्राइमरी पल्मोनरी हाइपर टेंशन से जूझ रही 19 वर्षीय एक लड़की की जान दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल (SGRH) में डॉक्टरों ने बचा ली.

प्राइमरी पल्मोनरी हाइपर टेंशन से जूझ रही 19 वर्षीय एक लड़की की जान दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल (SGRH) में डॉक्टरों ने बचा ली.

Delhi News: सर गंगाराम अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश की रहने वाली लड़की को सांस लेने में तकलीफ, अस्वस्थता, लगातार मतली और धड़कन तकलीफ पहले से थी, इसी वजह से पीड़ित का स्कूल जाने का मन नहीं करता था. जांच में उसके लक्षण पहचान में आ गए और हमने इलाज शुरू कर दिया, आज लड़की की स्थिति पहले से काफी बेहतर है.

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नई दिल्ली: प्राइमरी पल्मोनरी हाइपर टेंशन से जूझ रही 19 वर्षीय एक लड़की की जान दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल (SGRH) में डॉक्टरों ने बचा ली. गंगाराम के डॉक्टर उस लड़की को मौत के चंगुल से बाहर खींच लाये. असल में ये बात हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि उस लड़की को ऐसी दुर्लभ बीमारी थी, जो प्रति 10 लाख लोगों पर सिर्फ एक या दो लोगों में ही पाई जाती है.

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश की रहने वाली लड़की को सांस लेने में तकलीफ, अस्वस्थता, लगातार मतली और धड़कन तकलीफ पहले से थी, इसी वजह से पीड़ित का स्कूल जाने का मन नहीं करता था. जांच में उसके लक्षण पहचान में आ गए और हमने इलाज शुरू कर दिया, आज लड़की की स्थिति पहले से काफी बेहतर है.

लड़की ने मिलना जुलना और स्कूल जाना कम कर दिया

लड़की के परिजनों ने बताया कि वह स्कूल में कम ध्यान देने की शिकायत करती थी और खुद को अपने कमरे तक सीमित रखती थी. किसी से ज्यादा मिलना जुलना उसे पसंद नहीं था. नजदीकी अस्पताल के डॉक्टरों ने नियमित रूप से उसके खून की जांच और छाती का एक्स-रे कराया, जो सामान्य निकला.

स्थानीय डॉक्टर नहीं समझ पाए बीमारी 

मनोचिकित्सकों ने उसकी बीमारी के लिए कक्षाओं में भाग लेने में हिचकिचाहट को जिम्मेदार ठहराया. जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो माता-पिता ने एसजीआरएच के डॉक्टरों से मदद मांगी. क्लिनिकल जांच और इकोकार्डियोग्राफी (दिल का अल्ट्रासाउंड) के आधार पर, मेडिसिन विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ अतुल काकर ने इसका निदान किया कि महिला में पल्मोनरी हाइपर टेंशन (PAH) के लक्षण थे.

उन्होंने बताया, “हृदय को फेफड़ों से जोड़ने वाली धमनी में दबाव बहुत अधिक था- 65mmHg, जबकि सामान्य स्तर 25mmHg और उससे कम था. अगर इसका इलाज नहीं किया गया होता, तो इससे उसकी मौत हो जाती.”

Tags: Delhi news, Delhi news update, Sir Ganga Ram Hospital

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