Assembly Banner 2021

Delhi: गरीब बच्चों का स्कूल बनाने दान दी जमीन, अब हाईकोर्ट में याचिका लगा की अनूठी मांग

दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूल निर्माण के लिए जमीन आवंटन मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली विकास प्राधिकरण को यह आदेश दिया है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूल निर्माण के लिए जमीन आवंटन मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली विकास प्राधिकरण को यह आदेश दिया है.

Unique Demand: दिल्ली हाईकोर्ट ने उस अनूठी मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से जवाब मांगा है, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने अपनी जमीन पर स्कूल बनाने के लिए उसका स्वामित्व सरकार को देने की इच्छा जताई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 4, 2021, 10:34 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने (Delhi HighCourt) उस अनूठी मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने अपनी जमीन पर स्कूल के निर्माण के लिए उसका स्वामित्व सरकार को देने की इच्छा व्यक्त की है.

जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि चूंकि याचिककर्ता एक अनूठा अनुरोध लेकर आए हैं, जहां वे निजी जमीन पर अपना स्वामित्व सरकार को देना चाहते हैं. इसलिए प्रशासन को उस पर तेजी से विचार करना चाहिए. दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले पर अगली सुनवाई की तारीख 30 अप्रैल तय की है.

दान की जमीन का स्वामित्व सरकार को देने की इच्छा


जानकारी के मुताबिक, मंसाराम के दो पुत्र और एक पुत्री ने अपनी याचिका में कहा है कि वे उत्तर पूर्वी दिल्ली के करावल नगर में 5000 वर्ग यार्ड भूखंड का स्वामित्व विद्यालय के निर्माण के लिए दिल्ली सरकार को देना चाहते हैं. याचिकाकर्ताओं के वकील अशोक अग्रवाल ने कहा कि उनके मुविक्कलों ने जमीन का स्वामित्व सरकार को देने के लिए जून 2019 में ही सरकार के पास अनुरोध पत्र भेजा था, लेकिन अधिकारियों ने उनके अनुरोध पत्र पर कोई निर्णय नहीं किया.

खाली पड़ी जमीन का असामाजिक तत्व बेजा इस्तेमाल कर रहे


बता दें कि मंसाराम की 2009 में मौत हो गयी थी. उनकी ये तीनों संतान उनके कानूनी उत्तराधिकारी हैं. हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि यह जमीन खाली पड़ी है और इलाके के असामाजिक तत्व उसका बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं. साथ ही जमीन चले जाने का ऐसे में याचिकाकर्ता बिना शर्त उस जमीन को सरकार को माध्यमिक विद्यालय के वास्ते वहां बहुमंजिली भवन के निर्माण के लिए देना चाहते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज