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Covid-19: मरीज और योद्धाओं का ख्याल रख रहा ये संस्थान, कई परेशानियों का निकाला समाधान
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Updated: April 2, 2020, 12:24 PM IST
Covid-19: मरीज और योद्धाओं का ख्याल रख रहा ये संस्थान, कई परेशानियों का निकाला समाधान
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कोरोना वायरस (Coronavirus) से लड़ाई के बीच डीआरडीओ (DRDO) संक्रमित मरीजों के इलाज और इस महामारी से जंग लड़ रहे डॉक्टरों और अस्पतालों का ख्याल रखने में जुटा है.

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  • Last Updated: April 2, 2020, 12:24 PM IST
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नई दिल्ली. भारत सरकार और राज्य सरकारें कोरोना वायरस (Coronavirus) के फैलते संक्रमण से बचाव के लिए तमाम इंतजामात करने में जुटी हैं. कोरोना से संक्रमित मरीजों के इलाज और बीमारी को लेकर जागरूकता फैलाने के काम में कई सरकारी और गैरसरकारी संस्थान भी जुटे हुए हैं. इन्हीं में से एक संस्थान है रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ (DRDO). कोरोना वायरस से लड़ाई के बीच डीआरडीओ, संक्रमित मरीजों के इलाज और इस महामारी से जंग लड़ रहे डॉक्टरों और अस्पतालों का ख्याल रखने में जुटा है. इस मुश्किल समय में चाहे अस्पतालों में वेंटीलेटर की जरूरत का सवाल हो या पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट (PPE), मास्क और सैनेटाइजर की सप्लाई का, डीआरडीओ डॉक्टर और मरीज की हर जरूरत का सामान बनाने में जुटा हुआ है. संस्थान के अफसर हों या कर्मचारी, सभी अपने काम छोड़कर दिन-रात महामारी से लड़ाई में डटे हुए हैं.

वेंटीलेटर की कमी दूर कर दी

जैसे-जैसे कोरोना के पॉजिटिव केस बढ़ रहे थे, वैसे ही डॉक्टर यह आशंका भी जता रहे थे कि हमें अस्पतालों में बड़ी संख्या में वेंटीलेटर की जरूरत पड़ सकती है. देश के अस्पतालों में वेंटीलेटर की संख्या कम है. ऐसे में डीआरडीओ आगे आया और उसने वेंटीलेटर बनाने शुरू कर दिए. डीआरडीओ के विशेषज्ञों ने मौजूदा वेंटीलेटर में एक ऐसा बदलाव किया कि अब एक ही वेंटीलेटर से एक साथ चार मरीजों का इलाज करना मुमकिन हो सकेगा.



मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा का ख्याल



अस्पताल में जब कोरोना के पॉजिटिव केस आ रहे हों, तो यह जरूरी हो जाता है कि डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को संक्रमण से बचाया जाए. इसके लिए जरूरी था PEP. लेकिन शुरुआत में इसकी कमी हो रही थी. कई जगह पर पैरा मेडिकल स्टाफ सड़क पर आ गए थे. इस हालात में भी डीआरडीओ आगे आया और उसने तुरंत ही पीईपी बनाने शुरू कर दिए. आज की तारीख में डीआरडीओ हर रोज 40 हजार पीईपी बना रहा है. इसमें आसमानी रंग का वो सूट भी शामिल है, जो हम आजकल डॉक्टरों को पहने हुए देख रहे हैं.

लॉकडाउन का पालन करा रही पुलिस का भी रखा ख्याल

दिल्ली पुलिस हो या दूसरी फोर्स, लॉकडाउन में लोग घरों से न निकलें इसके लिए सड़कों पर तैनात है. लेकिन सड़क पर भीड़ के बीच रहने के चलते खतरा इन्हें भी था. इसे ध्यान में रखते हुए डीआरडीओ ने मास्क और सैनेटाइजर बनाना भी शुरू किया. अभी तक यह संस्थान एक लाख लीटर सैनेटाइजर बनाकर दिल्ली पुलिस और दूसरी फोर्स को सप्लाई कर चुका है. यही नहीं संस्थान ने आम लोगों की सुरक्षा के लिए पहले सामान्य मास्क बनाए, लेकिन अब हर रोज 20 हजार एन-99 मास्क भी बना रहा है. डीआरडीओ की इस तत्परता को देखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसके काम की तारीफ करते हुए उससे अपना उत्पादन बढ़ाने की बात कही है.

देश के यह 7 पीएसयू भी आए मैदान में

डीआरडीओ की ही तरह देश के कई अन्य सरकारी संस्थान भी कोरोना से जंग में अहम भूमिका निभा रहे हैं. इनमें एचएएल, बीएचईएल, जीएसएल, बीईएल, एचएसएल, बीडीएल सहित 7 पीएसयू शामिल हैं. इन संस्थानों ने कोरोना की लड़ाई में 40 करोड़ रुपए दिए हैं. साथ ही डीआरडीओ की तरह ही काम के लिए तैयार हैं.

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First published: April 2, 2020, 10:52 AM IST
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