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रोहिणी कोर्ट ब्लास्ट मामले में DRDO का वैज्ञानिक गिरफ्तार, इसलिए दिया था घटना को अंजाम

रोहिणी कोर्ट ब्लास्ट मामले में DRDO का वैज्ञानिक गिरफ्तार, इसलिए दिया था घटना को अंजाम

आरोपी ने खुलासा किया कि भारत भूषण का अपने ही बिल्डिंग में रहने वाले रोहणी कोर्ट के एक वकील अमित बक्शी से काफी पुराना झगड़ा चल रहा है.

आरोपी ने खुलासा किया कि भारत भूषण का अपने ही बिल्डिंग में रहने वाले रोहणी कोर्ट के एक वकील अमित बक्शी से काफी पुराना झगड़ा चल रहा है.

Delhi News: भरत भूषण कटारिया डीआरडीओ में सीनियर साइंटिस्ट हैं जो देश के लिए कई बड़ी रिसर्च कर चुके हैं. घटना वाले दिन आरोपी 2 बैग लेकर अलग- अलग गेट से कोर्ट परिसर के अंदर गया था. और किसी को शक न हो इसलिए भारत भूषण ने वकील की वेशभूषा पहन रखी थी. ये वकीलों की ड्रेस भी आरोपी के घर से बरामद की गई है.

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नई दिल्ली. दिल्ली के रोहिणी कोर्ट परिसर में ब्लास्ट (Blast In Rohini Court Complex) मामले को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सुलझाने का दावा किया है. इस मामले में DRDO के एक साइंटिस्ट (Scientist Arrest) को स्पेशल सेल रोहणी युनिट के DCP राजीव रंजन की टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली पुलिस के कमिश्नर राकेश अस्थाना ने आज इस मामले में प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया. पुलिस के मुताबिक, 9 दिसम्बर को रोहिणी कोर्ट में लो इंटेसिटी का ब्लास्ट हुआ था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर केस स्पेशल सेल को ट्रांसफर किया था. कोर्ट की सुरक्षा का मामला था इसलिए इसे गंभीरता से लिया. तफ्तीश के दौरान ब्लास्ट के पहले कोर्ट के अंदर आईं और गईं करीब 1000 गाड़ियों की जांच की गई.

करीब 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई जो कोर्ट परिसर के अंदर लगे थे. और करीब 1000 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज देखी गयी जो कोर्ट परिसर के आसपास लगे थे. कोर्ट के आसपास के मोबाइल टॉवरो का डंप डेटा की भी जांच की गई. इसके अलावा उस दिन कोर्ट में जो मुकदमे थे, जिन्हें कोर्ट में आना था उन सब की जांच की गई. ये सारा कुछ कोर्ट के रिकॉर्ड के जरिये पता लगाया गया,  जिसके आधार पर कई क्लू स्पेशल सेल के हाथ लगे थे.

पुलिस को जांच में काफी मदद मिली
वहीं, क्राइम सीन से पता चला कि बम बनाने में जो मटीरियल प्रयोग किया गया था वो आसानी से उपलब्ध होने वाला मटीरियल था. जो कई शॉपिग बेवसाइट पर आसानी से उपलब्ध होने वाला था. जो ब्लास्ट हुआ था उसमें आईईडी में केवल डेटोनेटर ही ब्लास्ट हुआ था. विस्फोटक में ब्लास्ट नहीं  हुआ था. अगर पूरा बम फटता तो बड़ा धमाका होता. वही जिस बैग में यह विस्फोटक कोर्ट के अंदर लाया गया था वो बैग में एक लोगो मिला जो मुंबई की कंपनी थी. पता चला कि उस कंपनी का एक गोदाम दिल्ली में भी है. उस कंपनी से पुलिस को जांच में काफी मदद मिली.

बम बनाने का  काफी सामान बरामद किया है
खास बात यह है कि ब्लास्ट करने के लिए रिमोट का इस्तेमाल किया गया. वो एन्टी ऑटो थेफ्ट रिमोट था, जो गाड़ियों में इस्तेमाल होता है. इसके अलावा बैग में से केस से जुड़ी कुछ फाइलें भी मिली हैं. उससे भी जांच में काफी चीजें मिलीं, जिसके बाद दिल्ली के अशोक विहार इलाके से DRRO के साइंटिस्ट भारत भूषण कटारिया को गिरफ्तार किया गया. भारत भूषण एन्टी ड्रोन साइंटिस्ट है. भारत भूषण जो DRDO लेजर साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर में कार्यरत था. स्पेशल सेल ने आरोपी के घर से भी बम बनाने का  काफी सामान बरामद किया है.

कोर्ट परिसर के अंदर गया था
पुलिस के मुताबिक, भरत भूषण कटारिया डीआरडीओ में सीनियर साइंटिस्ट हैं जो देश के लिए कई बड़ी रिसर्च कर चुके हैं. घटना वाले दिन आरोपी 2 बैग लेकर अलग- अलग गेट से कोर्ट परिसर के अंदर गया था. और किसी को शक न हो इसलिए भारत भूषण ने वकील की वेशभूषा पहन रखी थी. ये वकीलों की ड्रेस भी आरोपी के घर से बरामद की गई है. जिसके बाद आरोपी ने एक बैग कोर्ट रूम नंबर 102 में रखा और बाहर निकल गया. और उसके बाद रिमोट से ब्लास्ट को अंजाम दिया.

दोनों का 6 साल से आपसी झगड़ा चल रहा है
पुलिस तफ्तीश में आरोपी ने खुलासा किया कि भारत भूषण का अपने ही बिल्डिंग में रहने वाले रोहणी कोर्ट के एक वकील अमित बक्शी से काफी पुराना झगड़ा चल रहा है. दोनों ने एक दूसरे पर आधा दर्जन केस भी कर रखे हैं. आरोपी ने वकील के खिलाफ 5 जबकि वकील ने आरोपी के खिलाफ 7 केस दिल्ली पुलिस में पहले से दर्ज करवा रखें हैं. इसलिए उसे मारने के लिए बम ब्लास्ट किया. उस वक्त वो वकील भी उसी कोर्ट में था. लेकिन वो इस ब्लास्ट में बच गया था. जबकि एक नायाब कोर्ट राजीव कुमार को हल्की चोट आई थी. ब्लास्ट वाले दिन आरोपी और पीड़ित वकील की एक केस में उसी कोर्ट में डेट लगी थी. वकील और आरोपी एक ही बिल्डर फ्लैट में रहते हैं. वकील ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं, जबकि आरोपी ऊपर वाली फ्लोर पर रहता है. दोनों का 6 साल से आपसी झगड़ा चल रहा है. कभी पानी तो कभी दूसरे मुद्दों को लेकर.

कहां चूक हुई इसकी जांच चल रही है
विस्फोटक लेकर आरोपी अन्दर कैसे गया सुरक्षा में कहां चूक हुई इसकी जांच चल रही है. बम बनाने में जिस विस्फोटक का ब्लास्ट हुआ वो अमोनियम नाइट्रेट है. साथ ही रिमोट और कुछ सामान आरोपी ने अमेज़न से खरीदा था. विस्फोटक कहां से लाया इसकी जांच की जा रही है. पुलिस ने दबी जुबान से कबूल किया कि कोर्ट परिसर में पुलिस के सुरक्षा इंतजाम में जरूर कोई कमी रही होगी जिसके चलते विस्फोटक कोर्ट के अंदर पहुंच पाया. ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या मेटल डिटेक्टर में इस विस्फोटक को चेक नहीं किया गया और आखिर इसमें किसकी गलती है.

Tags: Arrest, Blast, Court, Delhi news, Delhi news updates, Delhi police

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