दिल्ली और लखनऊ में जल्द कोविड अस्पताल बनाने की तैयारी, रक्षामंत्री ने DRDO को दिए निर्देश

रक्षामंत्री के निर्देश पर डीआरडीओ ने दिल्ली और लखनऊ में शुरू की कोविड अस्पताल बनाने की तैयारी

रक्षामंत्री के निर्देश पर डीआरडीओ ने दिल्ली और लखनऊ में शुरू की कोविड अस्पताल बनाने की तैयारी

कोरोना के इलाज के लिए डीआरडीओ की तरफ से दिल्ली में नई कोविड फेसेलिटी बनाई जा रही है. इस फैसेलिटी के बन जाने के बाद दिल्ली में कोविड के इलाज के लिए 500 बेड अतिरिक्त मिल जाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2021, 4:43 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. कोरोना ( Corona) के इलाज के लिए डीआरडीओ (DRDO) की तरफ से दिल्ली में नई कोविड फेसेलिटी बनाई जा रही है. इस फैसेलिटी के बन जाने के बाद दिल्ली में कोविड के इलाज के लिए 500 बेड अतिरिक्त मिल जाएंगे. साथ ही रक्षामंत्री ने डीआरडीओ को लखनऊ में भी दो अस्थायी अस्पताल बनाने के निर्देश जारी किए हैं.

कोरोना पूरे देश में एक बार फिर से अपने पैर पसार रहा है. लगातार बढ़ते मामलों के चलते रक्षामंत्रालय (Defense Ministry) ने डीआरडीओ को ज्यादा से ज्यादा कोविड फैसेलिटी बनाने को कहा है. उसी के मद्देनजर डीआरडीओ दिल्ली एयरपोर्ट के करीब अपने अस्थाई कोविड अस्पताल को फिर से शुरू करने जा रही है. राजधानी दिल्ली में लगतार कोरोना मामलों हुई बढ़ोतरी के बाद किसी भी आपातकाल स्थिति से निपटने के लिये ये फैसेलिटी तैयार की जा रही है. इस फैसेलिटी में कुल 500 बेड होंगे. माना जा रहा है कि अगले हफ्ते तक ये पूरी तरह से मरीजों के इलाज करने के लिए तैयार हो जाएगा. ऐसा नहीं है कि ये अस्पताल पहली बार बन रहा है, इससे पहले पिछले साल भी डीआरडीओ ने इसी जगह पर 1000 बेड का एक अस्पताल तैयार किया था, लेकिन इसी साल फरवरी में उसे बंद कर दिया था. वजह थी कोरोना के मामले में जबरदस्त कमी और हालात बेहतर हो रहे थे. लेकिन एक बार फिर कोरोना प्रकोप बढ़ता जा रहा है.

इस पांच सौ बेड वाले अस्पताल में डीआरडीओ के डॉक्टर्स और स्टाफ के अलावा आर्म्ड फोर्सेज और केंद्रीय पुलिसबल के डॉक्टर्स शामिल तैनात होंगे. हालांकि जरूरत पढऩे पर बेडोंं की संख्या को आने वाले दिनों में बढ़ाया भी जा सकता है. अगर पिछले साल के आंकड़ों पर गौर करें तो जुलाई 2020 में सेना और अर्धसैनिक बलों के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ मिलकर इस 1000 बेड के अस्थायी अस्पताल का निर्माण किया था. इनमें 500 बेड आईसीयू सुविधा से लैस थे. डीआरडीओ ने इस सेंटर को सरदार वल्लभभाई पटेल कोविड हॉस्पिटल नाम दिया था. साल के आखिर तक में इसमें 3000 से भी ज्यादा मरीजों का इलाज किया गया था. इस अस्पताल में हर बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई , वेंटिलेटर, एक्स-रे मशीन, ईसीजी फैसेलिटी, व्हील चेयर, स्ट्रेचर, मेडिकल रोबोट्स, पीपीई किट, सेनेटाइजर और मास्क तक मौजूद की सुविधा थी. ऐसा नहीं है कि इस अस्पताल में सिर्फ सेना या अर्द्धसैनिक बलों के जवानों ही इलाज होगा. यहां पर आम दिल्ली वालों को भी इलाज के लिए भर्ती कराया जाएगा.

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में भी कोविड अस्पताल खोले जाने के लिए डीआरडीओ को निर्देश दिए हैं. इसके लिए बाकायदा डीआरडीओ की एक टीम भी लखनऊ के लिए रवाना हो गई है. जानकारी के मुताबिक़ लखनऊ में दो अलग अलग जगह पर कोविड अस्पताल के निर्माण की जिम्मेदारी डीआरडीओ पर होगी जिनमें 500 से 600 बेड होंगे. दिल्ली की तर्ज पिछले साल डीआरडीओ ने पटना में एक अस्थायी अस्पताल तैयार किया छी तो वही आईटीबीपी ने दिल्ली सहित नोएडा में भी कोविड अस्पताल बनाया था. डीआरडीओ की कोरोना के खिलाफ लडाई में योगदान की बात करें दो कोविड अस्पताल के अलावा कोरोना से निपटने के लिये डीआरडीओ ने पहले भी युद्ध स्तर पर अपनी सेवाए दी थीं. देश भर में डीआरडीओ की लैब में वेंटिलेटर, सैनेटाइज, मास्क और पीपीई किट और क्वारंटीन सेंटर भी तैयार किए थे, बहरहाल एक बार फिर से हालात खऱाब हो रहे हैं. ऐसे में डीआरडीओ ने इससे निपटने तैयारी शुरू कर दी है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज