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नया मोटर व्हीकल एक्ट आने के बाद डीएल बनवाने वालों की संख्या बढ़ी
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News18Hindi
Updated: September 26, 2019, 10:35 AM IST
नया मोटर व्हीकल एक्ट आने के बाद डीएल बनवाने वालों की संख्या बढ़ी
सख्त नियमों के बाद लोगों में जागरुकता भी बढ़ी है. शायद इसी कारण ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है. (File Photo)

रीज़नल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO/आरटीओ) में डीएल के लिए आवेदन पत्र के बंडल के बंडल जमा हो रहे हैं. ऑनलाइन की बात करें तो आवेदन लेने की संख्या दोगुनी तक कर दी गई है, इसके बाद भी 25 दिन से लेकर 2 महीने तक की वेटिंग आ रही है.

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  • Last Updated: September 26, 2019, 10:35 AM IST
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नई दिल्ली. नए मोटर व्हीकल एक्ट (Motor vehicle act) के लागू किए जाने के बाद से ड्राइविंग लाइसेंस (Driving licence) के लिए आवेदन करने वालों की संख्या भी बढ़ गई है. पहले ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले भी किसी तरह बच जाया करते थे, लेकिन नए नियमों के बाद अब उन्होंने भी मान लिया है कि कानून तोड़ कर बचा नहीं जा सकता है. देश के लगभग कई आरटीओ दफ्तरों का हाल यह है कि वहां पर अब लंबी-लंबी कतारें दिखाई देने लगी हैं. इसकी वजह से कई जगह लाइसेंस से पहले किए जाने वाले टेस्ट के लिए भी अब 25 दिन से 45 दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है.

आरटीओ दफ्तर पर काम का दवाब बढ़ा
अभी भी कोई व्यक्ति ऑन लाइन या फिर आरटीओ दफ्तर में जाकर आवेदन कर सकता है. लाइसेंस बनाने में लगने वाले समय को देखते हुए आरटीओ दफ्तरों में हर दिन आवेदनों को स्वीकार करने का एक कोटा तय किया गया है. कर्मचारियों की क्षमता के अनुसार ये अलग अलग जगहों पर अलग अलग है. लेकिन अचानक लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या बढ़ जाने से आरटीओ कर्मचारियों ने एक तरह से अतिरक्त काम करना शुरू कर दिया है. बहुत से आरटीओ दफ्तरों में कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है.

उत्तराखंड  में डेढ़ गुना से ज्यादा आवेदन लिए जा रहे



उत्तराखण्ड में  सिर्फ ऑनलाइन ही डीएल बनाए जाते हैं. एक सितम्बर से पहले की बात करें तो एक दिन में सिर्फ 150 आवेदन पत्र ही लिए जाते थे. लेकिन अब भीड़ को देखते हुए आवेदन पत्र लेने की संख्या 250 कर दी गई है. उस पर हालत यह है कि कर्मचारियों की छुट्टियां कैसिल कर दी गई हैं. लर्निंग डीएल के लिए 20 अक्टूबर तक का समय दिया जा रहा है तो परमानेंट लाइसेंस के लिए 4 से 5 दिन ड्राइविंग टेस्ट की वेटिंग के लिए दिए जा रहे हैं.

लखनऊ में दो महीने की वेटिंग
लखनऊ की बात करें तो यहां ऑनलाइन आवेदन करने वालों को ड्राइविंग टेस्ट के लिए 2 महीने तक का वक्त दिया जा रहा है. झारखण्ड में भी 250 से 300 लोग रोज़ाना लाइसेंस बनवाने पहुंच रहे हैं. ऐसे लोगों को ड्राइविंग टेस्ट के लिए 2 से ढाई महीने का वक्त दिया जा रहा है.

संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट को लागू करने वाले केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी. (File Photo)


यूपी के लखनऊ में एआरटीओ-प्रशासन संजय तिवारी का कहना है कि संशोधित एक्ट लागू होने के बाद से अब रोजाना 300 से 400 आवेदन पत्र डीएल बनवाने के लिए आ रहे हैं. नोएडा के आरटीओ दफ्तर में भी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही जगह भीड़ लगी हुई है. अगस्त में यहां 3908 लर्निंग लाइसेंस बने थे तो 25 सितम्बर तक 4917 लाइसेंस बन चुके हैं. परमानेंट लाइसेंस अगस्त में 2834 बने थे तो सितंबर में अब तक 2403 लाइसेंस बन चुके हैं. लेकिन अक्टूबर में यह नम्बर भी बढ़ जाएगा.

हरियाणा में तीन गुना तक बढ़े आवेदन
ऑफलाइन डीएल बनवाने के मामले में हरियाणा के भी हालात जुदा नहीं हैं. जींद में 15 अगस्त से 31 अगस्त तक 206 डीएल के लिए आवेदन जमा हुए थे. जबकि एक सितंबर से 24 सितंबर तक ये संख्या 600 के पार पहुंच गई. झज्जर में एक सितम्बर से पहले औसतन 20 लाइसेंस बनते थे, अब यह संख्या 60 पर पहुंच गई है. जबकि बहादुरगढ़ में पहले 30 लाइसेंस बनते थे तो अब यह संख्या 100 के आंकड़े को पार कर गई है. कैथल में पहले एक दिन में 100 से 150 लाइसेंस बनाने के लिए आवेदन आते थे, अब एक दिन में 600 से अधिक आवेदन आ रहे हैं.

जयपुर में रोजाना 500 आवेदन
राजस्थान के लोगों ने खुद ही नए कानूनों के लिए खुद को तैयार करना शुरू कर दिया है. इस समय अकेले  जयपुर में रोजाना करीब 500 आवेदन मिल रहे हैं. इनमें लर्निंग, परमानेंट और रिन्यूवल शामिल हैं. महीने भर पहले तक ये संख्या 300 से 400 तक थी. जयपुर के आरटीओ दफ्तर के सूत्रों के मुताबिक लर्निंग लाइसेंस जारी करने में एक दिन का समय लग रहा है, जबकि परमानेंट लाइसेंस के लिए 20 से 25 दिन की वेटिंग मिल रही है.

पटना में दोगुने हुए आवेदन
नए नियमों का बिहार की राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में असर हो रहा है. पटना डीटीओ ऑफिस के कर्मचारियों के अनुसार 10 दिन पहले तक एक दिन में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए रोजाना एक से डेढ़ सौ आवेदन आते थे. ये संख्या अब साढ़े तीन सौ आवेदन तक जा पहुंची है. पटना समेत राज्य के अन्य शहरों गया, भागलपुर, आरा, बक्सर, मुजफ्फरपुर में भी डीएल के आवेदकों की संख्या तीन गुनी हो गई है और इसमें महिला आवेदक भी शामिल हैं.

झारखंड में छूट के बाद भी लोग कर रहे हैं आवेदन
वैसे तो झारखंड सरकार ने नये ट्रैफिक नियम में तीन महीने की छूट दी है. लेकिन अभी भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों की भारी भीड़ जिला परिवहन कार्यालय पर देखी जा रही है. रांची जिला परिवहन पदाधिकारी संजीव कुमार के मुताबिक रोजाना ढाई सौ से तीन सौ लोग फिलहाल लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं. इन्हें परमानेंट लाइसेंस मिलने में दो से ढाई महीने का वक्त लग सकता है. ऑनलाइन आवेदन करने वालों को भी इतना ही वक्त इंतजार करना होगा.

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First published: September 25, 2019, 4:28 PM IST
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