DU शिक्षकों ने LG हाउस तक ‌निकाला पैदल मार्च, सेलरी नहीं मिलने से परेशान 12 कॉलेज!

शिक्षकों ने कॉलेजों में वेतन और ग्रांट की समस्या को लेकर DU से लेकर LG निवास तक पैदल मार्च-प्रदर्शन किया.

शिक्षकों ने कॉलेजों में वेतन और ग्रांट की समस्या को लेकर DU से लेकर LG निवास तक पैदल मार्च-प्रदर्शन किया.

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने दिल्ली सरकार के 12 पूर्ण वित्तपोषित कॉलेजों में वेतन और ग्रांट की समस्या को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय से लेकर उप-राज्यपाल निवास तक पैदल मार्च-प्रदर्शन किया. नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के अध्यक्ष डॉ ए के भागी के अनुसार काफी दिनों से इन कॉलेजों में दिल्ली सरकार का हस्तक्षेप लगातार बढ़ता जा रहा है. इससे शैक्षिक वातावरण पर विपरित प्रभाव पड़ रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 19, 2021, 12:08 PM IST
  • Share this:

नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (Delhi University Teachers Association) ने दिल्ली सरकार के 12 पूर्ण वित्तपोषित कॉलेजों में वेतन और ग्रांट की समस्या को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय से लेकर उप-राज्यपाल निवास तक पैदल मार्च-प्रदर्शन किया.


हजारों प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने दिल्ली सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की. पूर्ण वित्त पोषित कॉलेजों में पिछले एक साल से अधिक समय से चली आ रही वेतन और ग्रांट की समस्या के समाधान के लिए शिक्षकों ने उप-राज्यपाल से अपील की.


गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के 12 पूर्ण रूप से वित्त पोषित कालेजों में निरन्तर अनियमित और अपर्याप्त ग्रांट आ रही है.





नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (National Democratic Teachers Front) के अध्यक्ष डॉ ए के भागी के अनुसार काफी दिनों से इन कॉलेजों में आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार का हस्तक्षेप लगातार बढ़ता जा रहा है. इससे शैक्षिक वातावरण पर विपरित प्रभाव पड़ रहा है.

Delhi Government Funded Colleges salary & Grants Issue, Delhi University Teachers, DUTA, National Democratic Teachers Front, LG House शिक्षकों ने कॉलेजों में वेतन और ग्रांट की समस्या को लेकर DU से लेकर LG निवास तक पैदल मार्च-प्रदर्शन किया.
शिक्षकों ने कॉलेजों में वेतन और ग्रांट की समस्या को लेकर DU से लेकर LG निवास तक पैदल मार्च-प्रदर्शन किया.


अनियमित और अपर्याप्त ग्रांट और दिल्ली सरकार की तानाशाही के विरोध में शिक्षक संघ के आह्वान पर पिछले एक सप्ताह से दिल्ली विश्वविद्यालय में पूर्ण रूप से बंद है. लेकिन दिल्ली सरकार कान में तेल डाल कर सोई हुई है.


इससे साबित होता है कि दिल्ली सरकार उच्च शिक्षा के प्रति न केवल उदासीन है बल्कि स्टूडेंट फंड से वेतन देने का समर्थन कर वह शिक्षा के क्षेत्र में निजीकरण को भी बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है.


डॉ भागी ने कहा कि आम आदमी के नारे और नाम पर चुन कर आई दिल्ली सरकार ने आम शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों को वैश्विक महामारी में ताक पर रख दिया है.


उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के शिक्षा के क्षेत्र में निजीकरण के प्रयास का समुचित विरोध किया जायेगा. कोरोना संक्रमण (Corona Virus) काल में इन 12 कॉलेजों के शिक्षक और कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने के कारण भयावह आर्थिक संकट झेलने पड़े हैं.


डॉ ए के भागी ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) पार्लियामेंट एक्ट से संचालित एक स्वायत्त केंद्रीय संस्थान है. आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार किसी न किसी बहाने 12 वित्तपोषित कॉलेजों के कामकाज में निरन्तर हस्तक्षेप कर रही है. यह दिल्ली विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर सीधा प्रहार है.



आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली सरकार शिक्षकों और कर्मचारियों का महीनों तक वेतन रोक देती है जिससे पेंशन, मेडिकल, घर की किश्तों और किराए तथा जीविका चलाने तक के लिए उन्हें महामारी में बहुत मुसीबतों का सामना करना पड़ा.

Delhi Government funded colleges, Delhi University Teachers, DUTA, NDTF, Salary & Grants Issue of 12 Colleges, LG House
शिक्षकों ने कॉलेजों में वेतन और ग्रांट की समस्या को लेकर DU से लेकर LG निवास तक पैदल मार्च-प्रदर्शन किया.


डॉ भागी ने कहा कि दिल्ली सरकार का व्यवहार बहुत ही गैर जिम्मेदाराना रहा है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (Aam Adami Party) की दिल्ली सरकार अपने वादे के अनुसार 20 नए कॉलेज नहीं खोल सकी. इसलिए इन कॉलेजों को अधिग्रहित करने का मंसूबा पाल रखा है.


डॉ भागी ने दोहराया कि एनडीटीएफ ने लगातार दिल्ली के उपराज्यपाल (Delhi Lieutenant Governor) से अपील की है कि इस समस्या का तुरन्त समाधान करने के लिए हस्तक्षेप करें और दिल्ली सरकार (Delhi Government) को नियमित रूप से पर्याप्त ग्रांट जारी करने का निर्देश जारी करें.


डॉ भागी ने कहा कि स्टूडेंट फंड का इस्तेमाल वेतन देने के लिए नहीं किया जा सकता है क्योंकि इससे उच्च शिक्षा महँगी हो जाएगी और इसका सीधा दुष्परिणाम कमजोर वर्गों को झेलना पड़ेगा . दिल्ली विश्वविद्यालय से उपराज्यपाल निवास मार्च में बारह कॉलेजों के शिक्षकों सहित अनेक कॉलेजों के हजारों शिक्षकों ने भागीदारी की.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज