Delhi Lockdown: ठप हुआ ऑटो पार्ट्स कारोबार, व्यापारियों ने CM को पत्र लिख मांगी वित्तीय मदद

दिल्ली में लागू लाॅकडाउन से व्यापारी काफी चिंतित हैं, इससे उनका कारोबार पूरी तरीके से ठप हो चुका है.

दिल्ली में लागू लाॅकडाउन से व्यापारी काफी चिंतित हैं, इससे उनका कारोबार पूरी तरीके से ठप हो चुका है.

Delhi Lockdown: दिल्ली सरकार ने 31 मई तक लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने का फैसला किया गया है. इस बीच दिल्ली के ऑटो पार्ट्स व्यापारी काफी चिंतित हैं कि लॉकडाउन के दौरान कारोबार पूरी तरीके से ठप हो चुका है. दिल्ली सरकार की ओर से उनको कोई रियायत स्कीमों का लाभ देने जैसी कोई घोषणा नहीं की गई है.

  • Share this:

नई दिल्ली. दिल्ली में अब कोरोना (Corona) संक्रमण के मामले धीरे-धीरे कम हो रहे हैं. और दिल्ली अब अनलॉक की तरफ बढ़ रही है. लेकिन फिलहाल दिल्ली सरकार (Delhi Government) की ओर से 31 मई तक लॉकडाउन (Lockdown) की अवधि को बढ़ाने का फैसला किया गया है.

इस बीच दिल्ली के व्यापारी (Traders) इसको लेकर काफी चिंतित हैं कि लॉकडाउन के दौरान कारोबार पूरी तरीके से ठप हो चुका है. दिल्ली सरकार की ओर से उनको कोई रियायत स्कीमों का लाभ देने जैसी कोई घोषणा नहीं की गई है.

दिल्ली के ऑटो पार्ट्स (Auto Parts) से जुड़े व्यापारियों की संस्था ऑटोमाेटिव पार्ट्स मर्चेंट्स एसोसिएशन (Automotive Parts Merchants Association) ने अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) को एक पत्र लिखा है.

पत्र के माध्यम से संस्था के प्रधान विनय नारंग ने आग्रह किया है कि दिल्ली सरकार की ओर से समय-समय पर जारी की गई गाइडलाइंस के कारण राजधानी में कोरोना संक्रमण को रोकने में काफी हद तक सफलता प्राप्त हुई है.
अब उम्मीद करते हैं कि इस महामारी पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा. लेकिन दिल्ली के छोटे व्यापारियों के हितों को भी ध्यान में रखते हुए और उनकी समस्याओं पर भी विचार करने की जरूरत है.

अपमा के प्रधान विनय नारंग ने सीएम अरविंद केजरीवाल को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि व्यापारी दृष्टि से पहले ही काम बहुत धीमा चल रहा था. लेकिन लॉकडाउन लगने के बाद ऑटो पार्ट्स का काम तो पूरी तरीके से खत्म हो गया है.

व्यापारी वर्ग को सरकार की तरफ से किसी प्रकार की कोई वित्तीय मदद भी नहीं मिलती है. व्यापारी अपनी पुरानी जमा पूंजी से ही काम को आगे किये जा रहे हैं. वहीं, पुरानी जमा पूंजी से ही कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है.



इसलिए सरकार से आग्रह है कि इस तरह के व्यापारी वर्ग के लिए कुछ ऐसी स्कीम मुहैया कराई जायें  जिससे कि छोटे व्यापारी लॉकडाउन के बाद अपना व्यापार सुचारू रूप से शुरू कर सकें. इस संबंध में  संस्था की ओर से कुछ अहम समस्याओं के साथ-साथ मांगों को भी दिल्ली के मुख्यमंत्री के समक्ष रखा हैं.

 संस्था ने उठाई यह मांगे:-

-छोटे व्यापारियों को आसान दर पर बैंकों से लोन मिले और बैंक से लिए लोन पर ब्याज माफ हो.

-दिल्ली सरकार की ओर से केंद्र सरकार को अनुरोध किया जाए कि लोन पर ब्याज माफ हो और केंद्र के अधीनस्थ बैंकों को वित्तीय मंत्रालय की ओर से इस संबंध में निर्देश दिया जा सकगा.

-लॉकडाउन के दौरान बिजली बिलों में फिक्स चार्ज  को माफ किया जाए.

-दिल्ली सरकार केंद्र सरकार (Central Government) से विचार विमर्श कर इनकम टैक्स (Income Tax) और जीएसटी के अंतर्गत रिटर्न फाइल करने के लिए तारीखों को कम से कम 2 माह के लिए आगे बढ़वाए ताकि लॉकडाउन के उपरांत जो व्यापारी रिटर्न फाइल करना चाहते हैं, आसानी से कर सकेंगे.

-आगामी जीएसटी काउंसिल (GST Council) की 28 मई होने वाली मीटिंग में दिल्ली सरकार केंद्र सरकार के सामने ऑटो पार्ट्स पर 28 फीसदी जीएसटी (GST) दर को संशोधित कर कम दर की श्रेणी में रखने का प्रस्ताव भेजें.

प्रधान विनय नारंग ने उम्मीद जताई है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री व्यापारियों की इन समस्याओं पर सकारात्मक कदम उठाते हुए इस तरह की रियायती स्कीम जल्द शुरू करने के दिशा निर्देश जारी करेंगे. जिससे कि ऑटो पार्ट्स व्यापारियों को व्यापार को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिल सकेगी.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज