दिल्ली में मौतों के चलते श्मशान घाटों की बढ़ रही संख्या, दो नये सीएनजी शवदाह गृह हुये चालू

पूर्वी दिल्ली नगर निगम की ओर से गाजीपुर श्मशान घाट में 2 नये सीएनजी शवदाह गृह शुरू किए हैं.

COVID 19 Deaths in Delhi: कोरोना से लगातार बढ़ रही मौतों के चलते श्मशान घाटों पर भी अंतिम संस्कार करने में लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में अब पूर्वी दिल्ली नगर निगम की ओर से गाजीपुर श्मशान घाट में 2 नये सीएनजी शवदाह गृह शुरू किए हैं.

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    नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना (Corona) संक्रमण से हर रोज 250 से 300 लोगों की मौत हो रही है. वहीं लगातार बढ़ रही मौतों के चलते श्मशान घाटों पर भी अंतिम संस्कार करने में लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में अब पूर्वी दिल्ली नगर निगम (East Delhi Municipal Corporation) की ओर से गाजीपुर श्मशान घाट (Ghazipur Cremation Ground) में 2 नये सीएनजी शवदाह गृह (CNG based cremation units) शुरू किए हैं.

    बताते चलें कि दिल्ली में अब तक 22,579 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हो चुकी है. पिछले 24 घंटे के दौरान भी वीरवार को 233 लोगों की कोरोना की वजह से जान चली गई. इसके चलते दिल्ली में कोरोना से मृत्यु दर भी अब 1.60 फीसदी हो गई है.

    पूर्वी दिल्ली के मेयर निर्मल जैन ने बताया कि ईडीएमसी के गाजीपुर श्मशान घाट में करीब सवा करोड़ रुपए की लागत से इन शवदाह गृह प्रणाली को शुरू किया गया है.

    मेयर जैन ने कहा कि सीएनजी शवदाह गृह प्रणाली पर्यावरण के अनुकूल है क्योंकि लकड़ी की बचत करता है. साथ ही इस प्रणाली में कम गैस रिलीज़ होती है जिससे वातावरण में प्रदूषण अधिक नहीं होता है.

    इससे अवशेष भी कम बचते हैं, जिन्हें नदी में प्रवाहित करने की परंपरा है. इलेक्ट्रिक प्रणाली की अपेक्षा इसका संचालन खर्च भी कम है. यह शव दाह करने में 40 से 45 मिनट का समय लेती है. इस प्रणाली में मानवीय हस्तक्षेप भी कम है.

    जैन ने कहा कि मानव जीवन की गरिमा के लिए जरूरी है कि स्वर्गवासी व्यक्ति का अंतिम संस्कार भी सम्मानजनक रूप से संपन्न किया जाए. जैन ने कहा कि आपदा की इस स्थिति में पूर्वी दिल्ली नगर निगम मानव गरिमा को बरकरार रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है. जैन ने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में मृतकों के परिजनों से उनकी गहरी संवेदना हैं.