Lockdown से व्यापारी, दुकानदार, शिक्षक संस्थान को हुआ बड़ा नुकसान, BJP ने केजरीवाल सरकार से मांगा राहत पैकेज

भाजपा ने भी व्यापारियों, दुकानदारों, फैक्टरी और स्कूल व अन्य संस्थानों के लिए केजरीवाल सरकार से राहत पैकेज देने की मांग की है.

भाजपा ने भी व्यापारियों, दुकानदारों, फैक्टरी और स्कूल व अन्य संस्थानों के लिए केजरीवाल सरकार से राहत पैकेज देने की मांग की है.

भाजपा ने कहा कि लॉकडाउन 2 में लगातार 2 महीने की बंदी के कारण व्यापारियों, दुकानदारों, फैक्ट्री मालिकों, श्रमिकों और निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों को बहुत नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि जहां व्यापार बंदी के चलते करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है. ऐसे में सरकार को इस क्षेत्र के लिए राहत पैकेज जारी करना चाहिए.

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नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना संक्रमण (Corona Virus) की रफ्तार कम होने और हालात सुधरने के बाद दिल्ली सरकार (Delhi Government) की ओर से लॉकडाउन में छूट देने की घोषणा की गई है. ऐसे में भाजपा (BJP) ने भी व्यापारियों, दुकानदारों, फैक्टरी और स्कूल व अन्य संस्थानों के लिए केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) से राहत पैकेज देने की मांग की है. साथ ही बिजली एवं पानी का बिल माफ करने की भी मांग की गई है.

दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता (Adesh Gupta) ने कहा कि लॉकडाउन 2 में लगातार 2 महीने की बंदी के कारण व्यापारियों, दुकानदारों, फैक्ट्री मालिकों, श्रमिकों और निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों को बहुत नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि जहां व्यापार बंदी के चलते करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है. वहीं, सभी तरह की गतिविधियों पर रोक से किसी भी क्षेत्र में कोई भी आमदनी नहीं हो सकी.

इस अवधि में वेतन के साथ बिजली, पानी, संपत्ति कर, ईएमआई का भुगतान और ब्याज दर पर खर्चा निरन्तर जारी रहा. ऐसे में सरकार को इस क्षेत्र के लिए राहत पैकेज जारी करना चाहिए.

आदेश गुप्ता ने कहा कि इस अवधि का निजी क्षेत्रों के स्कूलों के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के वेतन भी सरकार को ही देना चाहिए. केजरीवाल सरकार का सभी के लिए बिजली-पानी के बिलों में माफी के साथ सभी तरह के करो में छूट का भी ऐलान करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक हजार से ज्यादा निजी क्षेत्रों के स्कूलों के हजारों कर्मचारी हैं जिन्हें सरकार से राहत की उम्मीद है. इसके साथ ही दिल्ली के 15 लाख व्यपारी और दुकानदार जिनके कारण 35 लाख श्रमिको को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से काम मिला हुआ है, राहत पैकेज का इंतजार कर रहे हैं.

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