Delhi Air Pollutuon: प्रदूषण से हुई 54 हजार मौतों पर कांग्रेस का केजरीवाल पर हमला, कहा-प्रचार पर फूंके करोड़ों!

युद्ध-प्रदूषण के विरुद्ध चलाकर करोड़ो रुपये प्रचार प्रसार के लिए फिजूलखर्च किए.

Delhi Air Pollutuon: चौ. अनिल कुमार ने कहा कि वायु प्रदूषण के प्रभावी उपाय किए बिना ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने ट्रैफिक सिग्नलों व अन्य प्रदूषित क्षेत्रों पर ‘‘युद्ध-प्रदूषण के विरुद्ध’’ अभियान के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के वेतनभोगी वॉलियंटर सीएम केजरीवाल की फोटो वाले प्लेकार्ड लेकर सिर्फ अपने प्रचार के लिए खड़े कर दिए. ऐसा करने का एकमात्र उद्देश्य करदाताओं के पैसे खर्च करके अपना प्रचार करना था.

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    नई दिल्ली. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कोविड 19 (COVID 19) महामारी लॉकडाउन के दौरान प्रदूषण के खिलाफ युद्ध-प्रदूषण के विरुद्ध चलाकर करोड़ो रुपये प्रचार प्रसार के लिए फिजूलखर्च किए. जिसका नतीजा है कि पिछले वर्ष दिल्ली में प्रदूषण (Pollution) के कारण 54000 लोगों की मृत्यु हुई.


    उन्होंने कहा कि खतरनाक पीएम 2.5 प्रदूषक सूक्ष्म कणों की वजह से यह मौतें हुई. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रदूषण के निर्धारित स्तर से यह लगभग 6 गुणा अधिक रहा. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष दिल्ली में इतना प्रदूषण तब था जब लॉकडाउन (Lockdown) के कारण सड़कों पर वाहन कम थे.


    चौ. अनिल कुमार ने कहा कि ग्रीनपीस साउथईस्ट एशिया (Greenpeace Southeast Asia)

    द्वारा वायु पर अध्ययन में ये तथ्य सामने आये कि लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में वायु प्रदूषण से प्रतिदिन 148 लोगों ने अपनी जान गंवाई है जिसके अनुसार 500 लोगों पर औसतन एक व्यक्ति की मौत हो रही है.


    चौ. अनिल कुमार ने कहा कि वायु प्रदूषण के प्रभावी उपाय किए बिना ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने ट्रैफिक सिग्नलों व अन्य प्रदूषित क्षेत्रों पर ‘‘युद्ध-प्रदूषण के विरुद्ध’’ अभियान के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के वेतनभोगी वॉलियंटर सीएम केजरीवाल की फोटो वाले प्लेकार्ड लेकर सिर्फ अपने प्रचार के लिए खड़े कर दिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का ऐसा करने का एकमात्र उद्देश्य करदाताओं के पैसे खर्च करके अपना प्रचार करना था.


    चौ. अनिल कुमार ने कहा कि अरविन्द सरकार हमेशा ही दिल्ली में प्रदूषण होने का आरोप पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों के किसानों द्वारा पराली जलाने पर लगाते है. जबकि हाल ही के अध्ययन में यह सामने आया है कि दिल्ली खुद ही ढ़ांचागत सार्वजनिक परिवहन का रोड़ पर चलना, वाहन प्रदूषण, धूल कण, कंस्ट्रक्शन डस्ट, कूड़ा जलाने, औद्योगिक इंकाईयों द्वारा होने वाला प्रदूषण वायु प्रदूषण का मुख्य कारण है. उन्होंने कहा कि अरविन्द सरकार इनके द्वारा उत्पन्न प्रदूषण से निपटने में पूरी तरह विफल साबित रही है.

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