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COVID-19: दिल्ली में कोरोना लॉकडाउन के बीच एक साथ बैठने को मजबूर हैं 950 लोग, जानें वजह
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Updated: March 23, 2020, 5:37 PM IST
COVID-19: दिल्ली में कोरोना लॉकडाउन के बीच एक साथ बैठने को मजबूर हैं 950 लोग, जानें वजह
ईदगाह में बने इसी रिफ्यूजी कैम्प में पीड़ित रह रहे हैं.

दिल्ली ईदगाह के मैदान में हिंसा पीड़ितों के लिए रिफ्यूजी कैम्प बनाया गया था, जहां इन दिनों भी लोग समूह बनाकर बैठ रहे हैं. कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए इन लोगों का एक साथ बैठना खतरनाक हो सकता है.

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  • Last Updated: March 23, 2020, 5:37 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के खतरे को देखते हुए दिल्ली को लॉकडाउन (Lockdown) कर दिया गया है. 5 से ज़्यादा लोगों को एक जगह जमा होने की मनाही है. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) सख्ती के साथ निर्देशों का पालन करा रही है. लेकिन इसी दिल्ली का एक इलाका ऐसा भी है, जहां 950 लोग एक साथ दो समूह में बैठने को मजबूर हैं. यह दिल्ली हिंसा के पीड़ित हैं. इनके घर जला दिए गए हैं. कैम्प में कुछ के पास मास्क हैं तो कुछ ऐसे ही बैठे हुए हैं. सैनिटाइजर और हैंडवॉश का भी कोई इंतजाम नहीं है. इनका एक ही जगह पर इकट्ठा होकर बैठना जानलेवा साबित हो सकता है.

चार टेंट में साथ रहते हैं दिल्ली हिंसा के 950 पीड़ित

दिल्ली ईदगाह के मैदान में दिल्ली हिंसा के पीड़ितों के लिए रिफ्यूजी कैम्प बनाया गया था. सामाजिक कार्यकर्ता जाकिर त्यागी ने बताया कि दंगे के तुरंत बाद तो यहां पर 15 सौ परिवार थे. कुछ धीरे-धीरे चले गए. कुछ लोग लॉकडाउन से पहले अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए. लेकिन उसके बाद भी अभी 950 लोग कैम्प में मौजूद हैं. इनमें 400 महिलाएं, 300 पुरुष और 250 बच्चे हैं. महिलाओं के लिए अलग से दो टेंट बनाए गए हैं. वहीं पुरुष भी बड़े बच्चों के साथ अलग से बने दो टेंट में रह रहे हैं.

जनता कर्फ्यू से पहले तक आ रहे थे मददगार



जाकिर त्यागी बताते हैं कि जनता कर्फ्यू से पहले शनिवार तक यहां बहुत सारे लोग आते रहते थे. कोई इनकी खाने से मदद कर रहा था तो कोई आर्थिक रूप से. लेकिन जनता कर्फ्यू और उसके बाद लॉकडाउन के चलते अब यहां सन्नाटा पसरा हुआ है. खाने का इंतजाम दिल्ली वक्फ बोर्ड की ओर से किया जा रहा है.

रिफ्यूजी कैम्प.


लॉकडाउन के चलते टेंट से बाहर नहीं निकल सकते

रिफ्यूजी कैम्प में रहने वाले आबिद, गफूर, शाहबाज़ और रिज़वान ने बताया कि जनता कर्फ्यू से पहले तक हम बाहर जाकर काम-धंधा देखने के साथ ही अपने जले हुए मकानों को संवारने की कोशिश में लगे हुए थे. कई लोगों के मकान पूरी तरह से जल चुके हैं. ऐसे मकान अब पूरी तरह गिराने के बाद दोबारा से ही बनेंगे. लेकिन अब तो लॉकडाउन के चलते कहीं जा भी नहीं सकते हैं.

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First published: March 23, 2020, 4:28 PM IST
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