दिल्ली: कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट दिखाकर ही मंदिरों में कर पाएंगे मां के दर्शन, जारी होंगे ई पास

मंदिर प्रशासन ने मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश को रोकने और उनके दर्शनों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की हैं.

मंदिर प्रशासन ने मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश को रोकने और उनके दर्शनों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की हैं.

Covid 19 Effect: कोरोना (Corona) संक्रमण के मामलों को लेकर अब धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं के आवागमन को रोकने के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से कदम उठाए गए हैं. कल मंगलवार से चैत्र नवरात्रि महोत्सव शुरू हो रहा है. ऐसे में मंदिर प्रशासन ने मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश को रोकने और उनके दर्शनों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं भी की हैं.

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  • Last Updated: April 13, 2021, 12:25 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली और देश में फैलते कोरोना (Corona) संक्रमण के मामलों को लेकर अब धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं के आवागमन को रोकने के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से कदम उठाए गए हैं. कल मंगलवार से चैत्र नवरात्रि महोत्सव शुरू हो रहा है. ऐसे में मंदिर प्रशासन ने मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश को रोकने और उनके दर्शनों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं भी की हैं.

कहीं मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करके मंदिर में प्रवेश की व्यवस्था की है. साथ ही कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही मंदिर में मां के दर्शन के लिए प्रवेश करने की अनुमति होगी.

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कई मंदिरों ने पूरे नवरात्र श्रद्धालुओं के प्रवेश को पूरी तरीके से वर्जित रखने का फैसला किया है. वहीं ऑनलाइन के जरिए भक्तों को मां के दर्शन कराने की व्यवस्था भी की गई है. कहीं, नवरात्र व नवसंवत्सर के मद्देनजर अगर मन्दिर में आने वाले श्रद्धालुओं को यह कहा है कि याद रखे "मत्था टेको, प्रसाद लो और घर को चलो".
ई पास से होगा मंदिर में प्रवेश, दिखानी होगी कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट

बात की जाए दिल्ली के सिद्ध पीठ कालकाजी मंदिर की तो इस बार भक्तों को ही पास के जरिए ही मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति होगी कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के चलते इस तरह के मंदिर प्रशासन की ओर से कदम उठाए गए हैं मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन के बीच नवरात्र को लेकर मंदिर में की गई व्यवस्था आदि को लेकर बैठक भी की गई है

इस बारे में कालकाजी मंदिर के महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते सभी भक्तों से निवेदन है कि सभी भक्तगण कोरोना से बचाव संबंधी नियमों का पालन करें.



10 साल से छोटे व 60 साल से अधिक उम्र के भक्त मंदिर में नहीं आए

10 साल से छोटे बच्चे और 60 साल से अधिक उम्र के भक्त दर्शन के लिए मंदिर ना आए और घर से ही दर्शन करें. सभी भक्तों से निवेदन है कि मंदिर परिसर में आने के लिए नेहरू प्लेस की की तरफ से आएं.

ऑनलाइन पर्ची कालकाजी मंदिर की वेबसाइट पर उपलब्ध 

सभी भक्त कोरोना की जांच करवा कर नेगेटिव रिपोर्ट साथ में लाएं. मंदिर परिसर में प्रवेश ऑनलाइन पर्ची से ही प्रवेश होगा. ऑनलाइन पर्ची कालकाजी मंदिर की वेबसाइट पर उपलब्ध है. बिना पर्ची कालकाजी मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा.

इसके अलावा प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर झंडेवालन मंदिर करोल बाग प्रशासन ने भी कोरोना संक्रमण रोकथाम को लेकर जारी की गई गाइडलाइंस का सख्ती से अनुपालन करने का फैसला किया है.

झंडेवालन मंदिर को पूरे 9 दिन बंद रखा जाएगा.

मंदिर प्रशासन के सेक्रेटरी कुलभूषण आहूजा ने बताया कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बाद फिलहाल झंडेवालन मंदिर को पूरे नवरात्र 9 दिन बंद रखा जाएगा. नवरात्र पर मंदिर सिर्फ मां की आरती के लिए ही खुलेगा जिसमें श्रद्धालुओं को प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी.

उन्होंने कहा कि कल से नवरात्र शुरू हो रहे हैं. मंदिर प्रशासन ने आम लोगों के प्रवेश को कोरोना संक्रमण की वजह से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालुओं के लिए मां के दर्शन की व्यवस्था वर्चुअल तरीके से ऑनलाइन की जाएगी.

इसके अलावा ब्रह्मलीन श्री श्री108 राजमाता जी महाराज द्वारा स्थापित श्रीराजमाता झंडेवाला मन्दिर गोरखपार्क शाहदरा में स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में 13 से 20 अप्रैल तक मनायें जाने वाले 114वां नवरात्र महोत्सव व शक्ति अनुष्ठान में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में कोरोना संकट के कारण व्यापक स्तर पर परिवर्तन किया गया है.

शुक्रबाजार चौक पर नहीं होगी इस बार भव्य भगवती चौकी

संस्थान के सहप्रबन्धक रामवोहरा ने बताया कि"पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में फेरबदल करते हुए यह निश्चित किया गया है कि कोरोना संकट के मद्देनजर अब दुर्गाष्टमी को शोभायात्रा व शाहदरा शुक्रबाज़ार चौक पर होनी वाली भव्य भगवती चौकी को निरस्त कर दिया गया है.

स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज के अनुसार"केवल परम्पराओं का निर्वहन करते हुए अतिसूक्ष्म स्तर पर अनुष्ठान संपन्न कराने की तैयारी की गई हैं. सीमित संख्या में भक्तलोगो को मास्क लगाकर, थर्मल चेकिंग कराने के बाद मन्दिर में प्रवेश मिलेगा लेकिन बैठने की व्यवस्था न के बराबर होगी. मन्दिर परिसर के साजसज्जा को भी न्यूनतम स्तर पर किया जा रहा है. स्वामीजी ने कहा ध्यान रखें कि "अगर नवरात्र जरूरी तो याद रहे दो गज की दूरी". भक्तजनों के लिए प्रसाद भंडारे की पैकिंग उपलब्ध कराई जाएगी.

स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज ने कहा कि"कोरोना महामारी मात्र आपदा नहीं बल्कि महामाई ने घर में रहकर भक्ति करने का अवसर प्रदान किया है.

मत्था टेको, प्रसाद लो और घर को चलो

नवरात्र व नवसंवत्सर के मद्देनजर अगर मन्दिर में आये भी तो याद रखे "मत्था टेको, प्रसाद लो और घर को चलो". स्वामीजी ने अपील करते हुए कहा कि इन विकट परिस्थितियों में भक्तलोग सहयोग करें यही सच्ची भक्ति का उदाहरण प्रस्तुत करें.
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