World Earth Day: पेड़ काटकर घटा दी हवा में Oxygen, आखिर कैसे हरा सकेंगे कोरोना को?

हवा में ऑक्सीजन की कमी है. जब भी ऑक्सीजन की कमी होती है हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है.

हवा में ऑक्सीजन की कमी है. जब भी ऑक्सीजन की कमी होती है हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है.

कोरोना वायरस इस दुनिया में क्यों तबाही का सबब बन रहा है, क्योंकि इस वायरस के आक्रमण से मनुष्य खुद को नहीं बचा पा रहा है. इसकी मुख्य वजह हमारी हवा में ऑक्सीजन की कमी है. जब भी ऑक्सीजन की कमी होती है हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2021, 5:17 PM IST
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नई दिल्ली. पूरे देश में कोरोना (corona) त्रासदी ने संकट पैदा कर दिया है. ऑक्सीजन (oxygen) की कमी से हाहाकार मचा हुआ है. अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल है. इसको लेकर पृथ्वी दिवस (Earth Day) पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि क्या पर्यावरण को बचाकर ही हम ऑक्सीजन का स्थाई इंतजाम कर सकते हैं. ये कोरोना हम पर हावी कैसे हो गया ? हमें ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत क्यूं पड़ी ? विश्व पृथ्वी दिवस पर एक बार फिर इसको लेकर चर्चा शुरू हुई है कि हमने पेड़ों को काटा. इससे ऑक्सीजन कम हुआ. इसका नतीजा ये कि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई. इसकी पूर्ति हरियाली बढ़ाकर ही की जा सकती है.

दो साल पहले तक पृथ्वी दिवस पर जहां कार्यक्रम होते थे, अब कोरोना की वजह से इस दिन होने वाले कार्यक्रम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ही सिमट गये हैं. हर वर्ष विश्व पृथ्वं दिवस, विश्व जल दिवस, विश्व पर्यावरण दिवस समेत अनेकों दिवस मनाए जाते हैं. लेकिन पृथ्वी पर समस्याओं की समाप्ति के वजाय समस्याओं का अम्बार लगता जा रहा है. अब समय नहीं बचा है अब इस दिन केवल बातचीत और आईडिया देने के लिए नहीं एक्शन लेने का समय आ गया है. नहीं तो लोग इस पृथ्वी पर नहीं बचेंगे. फिर कौन पृथ्वी दिवस मनायेगा ?

पीपल बाबा कहते हैं अब तो स्थिति और भी भयावह हो गई है, सडकों पर सन्नाटा छाया हुआ है. चारों तरफ ऑक्सीजन की कमी की खबरें आ रही हैं. अस्पतालों में अफरा-तफरी मची हुई है. ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत क्यों आन पड़ी. अगर जरूरत आई तो कमी किस वजह से हुई है. इस पर निरंतर बहस जारी है. देश के हर नागरिक को हरियाली बढानें की दिशा में कार्य करने की तत्काल जरूरत है. हरियाली बढाने से ही कोरोना जैसी महामारी को दुनिया से दफा किया जा सकता है.

कोरोना वायरस इस दुनिया में क्यों तबाही का सबब बन रहा है, क्योंकि इस वायरस के आक्रमण से मनुष्य खुद को नहीं बचा पा रहा है. इसकी मुख्य वजह हमारी हवा में ऑक्सीजन की कमी है. जब भी ऑक्सीजन की कमी होती है हमारा रोग प्रतिरोधन क्षमता कम होता है. अनाक्सी स्वसन करने वाले सूक्ष्म जीवाणुओं के लिए अनुकूल माहौल बनता है. कोरोना के सन्दर्भ में भी यही बात उजागर होती है.
ऐसी परिस्थिति में ज्यादे जन घनत्व वाले शहरों में ज्यादे पेड़ लगने होंगे. 2011 की जनगणना के मुताबिक दिल्ली में देश में सबसे ज्यादे (11394 व्यक्ति प्रति वर्ग किलो मीटर ) जन घनत्व हैं. अगर इस आपदा को देखते हुए लोगों को इसके समाधान से जोड़ा जाय तो कम क्षेत्र में ज्यादे पेड़ लगने की सम्भावना भी दिल्ली में ही होगी. इस घटना से देश का हर नागरिक सबक ले. सरकारें ऐसा कानून लाएं जिससे देश का हर व्यक्ति देश की हरियाली को बढाने के लिए अपना योगदान दे.  हर व्यक्ति अस्पताल से छूटते ही एक पेड़ लगाये. हरियाली बढ़ेगी तो पर्यावरण में ऑक्सीजन की मात्रा अपने आप बढ़ेगी. ऑक्सीजन के स्तर के बढऩे से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होगा और कोरोना जैसे वायरस हमारे शरीर पर कोई प्रभाव नहीं बना सकेंगे. यह उत्तम और अंतिम समाधान होगा .
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